{"_id":"5996c2924f1c1b6e438b456b","slug":"massive-rush-came-in-indira-canteens-and-many-people-angry-with-its-service","type":"story","status":"publish","title_hn":"इंदिरा कैंटीन से भूखे लौटे लोग, उमड़ी भीड़ का संभाल नहीं पाया स्टाफ","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
इंदिरा कैंटीन से भूखे लौटे लोग, उमड़ी भीड़ का संभाल नहीं पाया स्टाफ
amarujala.com- presented by: मनीष कुमार
Updated Fri, 18 Aug 2017 04:09 PM IST
विज्ञापन
- फोटो : newindianexpress
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कर्नाटक में शुरु हुई इंदिरा कैंटीन को लेकर कई बातें सामने आ रही हैं। 5 रुपये में नाश्ता और 10 रुपये में लंच देने वाली कैंटीन को लेकर सबसे बड़ी दिक्कत यहां उमड़ने वाली भीड़ थी। बताया जा रहा है कि यहां लोग भारी संख्या में तो पहुंचे, लेकिन खाना न होने की वजह से खाली पेट लौट गए।
विज्ञापन
नाशते को लेकर लोगों ने कहा कि करीब 8.30 बजे तक लोगों को इंतजार करना पड़ता है। वहीं लंच में भीड़ हो जाने पर कैंटीन स्टाफ हालात संभालने में सक्षम नहीं दिख पाता है। हनुमंथानगर के रहने वाले नागराज ने कहा कि जब उन्होंने रवा खिचड़ी के लिए 5 रुपये दिए तो एक छोटे से कप में उन्हें खिचड़ी थमा दी गई, जोकि काफी कम थी। इसके बाद जब उन्होंने इस पर सवाल उठाया तो स्टाफ ने उनकी एक नहीं सुनी।
विज्ञापन
पढ़ें: इंदिरा कैंटीन में 10 रुपये में मिल रहा है ऐसा खाना, देखकर मुंह में आ जाएगा पानी
विज्ञापन
वहीं प्राइवेट एजेंसी में काम करने वाले श्रीनिवास ने कहा कि लंच काफी हद तक ठीक है, लेकिन नाश्ते के लिए लोगों को खासी परेशानी झेलनी पड़ रही है। श्रीनिवास ने बताया कि वे 12.30 कैंटीन में लंच के लिए पहुंचे थे, जहां पहले से ही काफी भीड़ थी। लेकिन खाना तैयार होकर 2.30 बजे आया, जब तक लोग कैंटीन से जा चुके थे।
न्यू इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक कैंटीन में खाना न मिलने की वजह से लोग ऐसे नाराज हुए कि वे स्टाफ से लड़ाई करने लग गए थे।
बीबीएमपी कमीश्नर एन मंजूनाथ का कहना है कि उन्होंने हरेक कैंटीन में करीब 500 लोगों के आने की उम्मीद लगा रखी थी, लेकिन लंच में उनकी संख्या दोगुनी थी। उन्होंने कहा कि लोगों के कैंटीन में आने पर नजर रखी जाएगी, ताकि उन्हें बेहतर सुविधा देने के लिए वे तैयार हो सके।