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Bengal: हावड़ा स्टेशन के बाहर चला बुलडोजर, अतिक्रमण हटाने के लिए टूटीं दुकानें; कार्रवाई से भड़के दुकानदार
Sun, 17 May 2026 01:26 PM IST
शिवम गर्ग
पीटीआई, कोलकाता
पीटीआई, कोलकाता
Published by: शिवम गर्ग
Updated Sun, 17 May 2026 01:26 PM IST
सार
कोलकाता के हावड़ा रेलवे स्टेशन के बाहर प्रशासन ने अतिक्रमण विरोधी अभियान चलाया। बुलडोजर की मदद से अवैध दुकानें और अस्थायी ढांचे हटाए गए। कई दुकानदारों ने पुनर्वास की मांग की।
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हावड़ा स्टेशन के बाहर चला बुलडोजर
- फोटो : PTI
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विस्तार
पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में स्थित देश के सबसे व्यस्त रेलवे स्टेशनों में शामिल हावड़ा स्टेशन के बाहर रविवार देर रात बड़ा अतिक्रमण विरोधी अभियान चलाया गया। रेलवे प्रशासन और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में गंगा घाट से लेकर स्टेशन परिसर तक फैले अवैध कब्जों और अस्थायी दुकानों को बुलडोजर से हटाया गया।
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इस अभियान के दौरान पूरे इलाके में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोका जा सके। कार्रवाई में रेलवे सुरक्षा बल (RPF), सरकारी रेलवे पुलिस (GRP), रेलवे अधिकारी और हावड़ा सिटी पुलिस शामिल रहे।
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बुलडोजर से हटाई गईं अस्थायी दुकानें
अधिकारियों के अनुसार, बस स्टैंड और गंगा घाट के आसपास फुटपाथों और सार्वजनिक स्थानों पर लंबे समय से अस्थायी दुकानें और ढांचे बने हुए थे। इससे यात्रियों को स्टेशन आने-जाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ता था। रेलवे भूमि को खाली कराने के लिए बुलडोजर और अर्थमूवर मशीनों की मदद से कई दुकानों और अवैध निर्माणों को हटाया गया। मौके से सामने आए वीडियो और तस्वीरों में पुलिस बैरिकेडिंग के बीच सड़क किनारे बनी दुकानों को तोड़ते हुए देखा गया।
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यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा का हवाला
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई यात्रियों की सुविधा, सुरक्षा और स्टेशन परिसर में बेहतर आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए की गई। हालांकि रेलवे की ओर से इस अभियान पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, लेकिन अधिकारियों ने इसे नियमित सफाई और अतिक्रमण हटाओ अभियान का हिस्सा बताया।
दुकानदारों ने जताई नाराजगी
कार्रवाई के बाद कई फुटपाथ दुकानदारों और छोटे व्यापारियों ने नाराजगी जताई। उनका आरोप है कि प्रशासन ने पर्याप्त पूर्व सूचना दिए बिना अचानक बुलडोजर कार्रवाई कर दी, जिससे उनका रोजगार प्रभावित हो गया। कुछ दुकानदारों ने दावा किया कि उनकी दुकानें दशकों से वहां मौजूद थीं और अब उनके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। एक दुकानदार ने कहा "इलाके का सौंदर्यीकरण होना चाहिए, लेकिन गरीब दुकानदारों के पुनर्वास की व्यवस्था भी जरूरी है।" वहीं एक अन्य प्रभावित दुकानदार ने कहा कि यदि पुनर्वास नहीं मिला तो उनके सामने आत्महत्या जैसी स्थिति पैदा हो सकती है।
विरोध के दौरान बढ़ा तनाव
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कार्रवाई के दौरान कुछ दुकानदारों ने विरोध करने की कोशिश की, जिससे मौके पर कुछ देर के लिए तनाव की स्थिति बन गई। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की और तीखी बहस भी हुई, लेकिन बाद में हालात पर काबू पा लिया गया। रविवार सुबह तक इलाके में पुलिस बल तैनात रहा और प्रशासन ने स्पष्ट किया कि रेलवे जमीन पर अवैध कब्जा किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।