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Maritime Surveillance: ड्रोन का इस्तेमाल करेंगी सुरक्षा एजेंसियां, तकनीकी निगरानी के लिए योजना बनाने पर मंथन
Sun, 03 Mar 2024 04:22 PM IST
ज्योति भास्कर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: ज्योति भास्कर
Updated Sun, 03 Mar 2024 04:22 PM IST
सार
सुरक्षा एजेंसियां ड्रोन का इस्तेमाल कर समुद्री इलाकों की निगरानी पर मंथन कर रही हैं। रिपोर्ट के मुताबिक गोवा और मुंबई के तटीय इलाकों में ड्रोन का इस्तेमाल कर निगरानी बढ़ाने की योजना बनाई जा रही है।
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समुद्री सुरक्षा में ड्रोन के इस्तेमाल की योजना (सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : amar ujala
विस्तार
समुद्री इलाकों की निगरानी बढ़ाने की योजना में ड्रोन को भी शामिल किया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि मुंबई और गोवा के तटीय इलाकों में निगरानी बढ़ाने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल करने की योजना पर मंथन किया जा रहा है। आने वाले दिनों में समुद्री सुरक्षा को और बेहतर बनाने और निगरानी बढ़ाने के लिए ड्रोन प्रणाली तैनात करने के संबंध में अधिकारियों ने रविवार को कहा, हाल ही में कुवैत से तीन लोगों के गेटवे ऑफ इंडिया तक पहुंचने की घटना के बाद निगरानी तंत्र की समीक्षा की गई। मौजूदा तटीय सुरक्षा बंदोबस्त में खामियों को दूर करने के लिए अब ड्रोन के प्रभावी इस्तेमाल की योजना बनाई जा रही है।
कुवैत से भारत पहुंचे तीनों लोगों ने दुर्व्यवहार के आरोप लगाए थे। नित्सो डिट्टो (31), विजय विनय एंथोनी (29) और अनीश (29) नाम के तीन लोग अपने नियोक्ता की नाव लेकर फरार हो गए थे। मीलों का सफर तय तय करने के बाद तीनों भारतीय जल क्षेत्र में आ गए। इस घटना के बाद समुद्री इलाकों में निगरानी पर नए सिरे से मंथन शुरू हुआ। तीनों ने अधिकारियों के सामने आत्मसमर्पण किया। पासपोर्ट और भारत में प्रवेश से जुड़े नियमों का उल्लंघन करने के आरोप में तीनों को गिरफ्तार कर लिया गया। अधिकारियों ने इस बात पर चिंता जताई कि पहचान छिपाकर तीनों स्थानीय आबादी में आसानी से घुलमिल गए होंगे।
सुरक्षा एजेंसियों से जुड़े अधिकारियों ने बताया कि तीनों लोग जिस नाव से भारत पहुंचे, उसका फॉरेंसिक विश्लेषण किया गया। जीपीएस की फॉरेंसिक जांच में पाया गया कि कई जगहों पर नक्शे से इनकी नाव गायब मिली। पूछताछ में इन लोगों ने बताया कि बैटरी बचाने के मकसद से इन लोगों ने जीपीएस सिस्टम को बंद कर दिया था।
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कुवैत से भारत पहुंचे तीनों लोगों ने दुर्व्यवहार के आरोप लगाए थे। नित्सो डिट्टो (31), विजय विनय एंथोनी (29) और अनीश (29) नाम के तीन लोग अपने नियोक्ता की नाव लेकर फरार हो गए थे। मीलों का सफर तय तय करने के बाद तीनों भारतीय जल क्षेत्र में आ गए। इस घटना के बाद समुद्री इलाकों में निगरानी पर नए सिरे से मंथन शुरू हुआ। तीनों ने अधिकारियों के सामने आत्मसमर्पण किया। पासपोर्ट और भारत में प्रवेश से जुड़े नियमों का उल्लंघन करने के आरोप में तीनों को गिरफ्तार कर लिया गया। अधिकारियों ने इस बात पर चिंता जताई कि पहचान छिपाकर तीनों स्थानीय आबादी में आसानी से घुलमिल गए होंगे।
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सुरक्षा एजेंसियों से जुड़े अधिकारियों ने बताया कि तीनों लोग जिस नाव से भारत पहुंचे, उसका फॉरेंसिक विश्लेषण किया गया। जीपीएस की फॉरेंसिक जांच में पाया गया कि कई जगहों पर नक्शे से इनकी नाव गायब मिली। पूछताछ में इन लोगों ने बताया कि बैटरी बचाने के मकसद से इन लोगों ने जीपीएस सिस्टम को बंद कर दिया था।
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