{"_id":"6564e63ddc4b3112e0025e03","slug":"maratha-reservation-activist-manoj-jarange-withdraws-from-own-undeserving-people-remarks-2023-11-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Maratha Reservation: अयोग्य लोगों के नीचे काम करने वाले बयान को छह दिन बाद जारांगे ने लिया वापस, बताई यह वजह","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Maratha Reservation: अयोग्य लोगों के नीचे काम करने वाले बयान को छह दिन बाद जारांगे ने लिया वापस, बताई यह वजह
Tue, 28 Nov 2023 12:25 AM IST
जलज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: जलज मिश्रा
Updated Tue, 28 Nov 2023 12:25 AM IST
सार
दरअसल, 20 नवबंर को मराठा आंदोलन प्रमुख मनोज जारांगे ने पुणे की एक रैली में कहा था कि हमारे बच्चे होशियार हैं। हमारे बच्चे बुद्धिमान हैं। लेकिन हमारे पास अयोग्य लोगों के अधीन काम करने के अलावा अब कोई विकल्प नहीं है। हमें आरक्षण का लाभ नहीं मिलता।
विज्ञापन
मनोज जरांगे
- फोटो : Social Media
विस्तार
महाराष्ट्र में एक बार फिर मराठा आरक्षण की मांग तेज हो गई है। आंदोलनकारियों और सरकार के बीच अकसर बयानबाजी होती रहती है। इस बीच, आंदोलन प्रमुख ने सात दिन बाद अपना ही एक बयान वापस ले लिया है, जो अब सुर्खियों में छाया हुआ है। बता दें, आंदोलन प्रमुख को अपने बयान के कारण काफी आलोचना सहनी पड़ी थी।
पहले जानिए, आखिर है क्या पूरा मामला
दरअसल, 20 नवबंर को मराठा आंदोलन प्रमुख मनोज जारांगे ने पुणे की एक रैली में कहा था कि हमारे बच्चे होशियार हैं। हमारे बच्चे बुद्धिमान हैं। लेकिन हमारे पास अयोग्य लोगों के अधीन काम करने के अलावा अब कोई विकल्प नहीं है। हमें आरक्षण का लाभ नहीं मिलता। 70 वर्षों पहले तक मराठा सबसे संपन्न और उन्नत समुदाय हुआ करता था। हालांकि, रैली के दौरान जारांगे ने किसी भी ओबीसी नेता का नाम नहीं लिया था लेकिन यह टिप्पणी ओबीसी नेताओं को रास नहीं आई। इस वजह से उनकी खूब आलोचना हुई।
अब जानिए ताजा मामला
जारांगे ने सोमवार को छह दिन बाद अपने इसी बयान को वापस ले लिया। उन्होंने कहा कि वह अपने समुदाय का हित चाहते हैं। मुझे एहसास हुआ कि प्रकाश आंबेडकर मुझे क्या समझाना चाहते थे। इसलिए मैंने अपना बयान वापस लेने का फैसला किया। मैंने यह निर्णय किसी दबाव में नहीं लिया है। बता दें, प्रकाश ने रविवार को जारांगे को सलाह दी थी कि ऐसे बयानों का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। इससे हमारे संघर्ष का उद्देश्य विफल हो जाएगा। जारांगे ने आगे कहा कि मैं साफ करना चाहता हूं कि भुजबल सहित किसी अन्य नेता की आलोचना के कारण मैं अपने शब्द वापस नहीं ले रहा हूं।
विज्ञापन
अब जानिए, जरांगे ने क्या है मांग
विज्ञापन
पहले जानिए, आखिर है क्या पूरा मामला
दरअसल, 20 नवबंर को मराठा आंदोलन प्रमुख मनोज जारांगे ने पुणे की एक रैली में कहा था कि हमारे बच्चे होशियार हैं। हमारे बच्चे बुद्धिमान हैं। लेकिन हमारे पास अयोग्य लोगों के अधीन काम करने के अलावा अब कोई विकल्प नहीं है। हमें आरक्षण का लाभ नहीं मिलता। 70 वर्षों पहले तक मराठा सबसे संपन्न और उन्नत समुदाय हुआ करता था। हालांकि, रैली के दौरान जारांगे ने किसी भी ओबीसी नेता का नाम नहीं लिया था लेकिन यह टिप्पणी ओबीसी नेताओं को रास नहीं आई। इस वजह से उनकी खूब आलोचना हुई।
विज्ञापन
अब जानिए ताजा मामला
जारांगे ने सोमवार को छह दिन बाद अपने इसी बयान को वापस ले लिया। उन्होंने कहा कि वह अपने समुदाय का हित चाहते हैं। मुझे एहसास हुआ कि प्रकाश आंबेडकर मुझे क्या समझाना चाहते थे। इसलिए मैंने अपना बयान वापस लेने का फैसला किया। मैंने यह निर्णय किसी दबाव में नहीं लिया है। बता दें, प्रकाश ने रविवार को जारांगे को सलाह दी थी कि ऐसे बयानों का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। इससे हमारे संघर्ष का उद्देश्य विफल हो जाएगा। जारांगे ने आगे कहा कि मैं साफ करना चाहता हूं कि भुजबल सहित किसी अन्य नेता की आलोचना के कारण मैं अपने शब्द वापस नहीं ले रहा हूं।
विज्ञापन
अब जानिए, जरांगे ने क्या है मांग
- मराठा समुदाय के आर्थिक और सामाजिक पिछड़ेपन के सर्वेक्षण के लिए पर्याप्त धन मुहैया कराना चाहिए।
- सर्वेक्षण के लिए कई टीम लगाई जानी चाहिए।
- मराठों को कुनबी जाति प्रमाण पत्र देने वाला एक सरकारी आदेश पारित किया जाना चाहिए।
- आदेश में पूरे महाराष्ट्र शब्द को शामिल किया जाना चाहिए।