Maharashtra: मराठा आरक्षण समर्थकों ने नगरपालिका भवन को किया आग के हवाले; दो विधायकों के घर-कार्यालय पर भी हमला
Maharashtra: एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि विधायक प्रकाश सोलंकी के आवास में आग लगाने के बाद आरक्षण कार्यकर्ताओं का एक समूह पराली रोड स्थित माजलगांव नगर परिषद भवन में गया और तोड़फोड़ शुरू कर दी।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
मराठा आरक्षण की मांग को लेकर इन दिनों महाराष्ट्र की सियासत गरम है। सोमवार को कथित तौर पर समुदाय के कार्यकर्ताओं ने स्थानीय रांकापा विधायक प्रकाश सोलंकी के आवास में आग लगा दी। पुलिस ने आरोप लगाया कि इस घटना के कुछ देर बाद ही कार्यकर्ताओं बीड जिले में माजलगांव नगर परिषद भवन की पहली मंजिल को भी आग लगा दी और तोड़फोड़ की।
उन्होंने बताया कि लकड़ी के डंडों से लैस मराठा आरक्षण समर्थकों ने छत्रपति संभाजीनगर जिले के गंगापुर में भाजपा विधायक प्रशांत बांब के कार्यालय में भी तोड़फोड़ की। दोनों घटनाओं में कोई हताहत नहीं हुआ। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि विधायक सोलंकी के आवास में आग लगाने के बाद आरक्षण कार्यकर्ताओं का एक समूह पराली रोड स्थित माजलगांव नगर परिषद भवन में गया और तोड़फोड़ शुरू कर दी।
यह घटना मुंबई से चार सौ किलोमीटर से ज्यादा दूर माजलगांव में दोपहर करीब डेढ़ बजे हुई। उन्होंने बताया कि कार्यकर्ताओं का समूह लकड़ी के डंडों और पत्थरों से लैस था और खिड़कियों को क्षतिग्रस्त किया गया। अधिकारी ने बताया कि तोड़फोड़ करने वाले लोग इमार की पहली मंजिल पर गए और उसमें आग लगा दी, जिससे वहां का फर्नीचर जलकर खाक हो गया।
उन्होंने बताया कि दमकल कर्मी मौके पर पहुंचे और आग पर काबू पा लिया गया। हालांकि कोई हताहत नहीं हुआ। अधिकाी ने कहा, पुलिस ने नगर परिषद भवन में आग लगाने में शामिल लोगों की पहचान करने के लिए इलाके के सीसीटीवी फुटेज की जांच शुरू कर दी है और उनके खिलाफ अपराध दर्ज करने की प्रक्रिया जारी है।
पुलिस ने बताया कि छत्रपति संभाजीनगर जिले के गंगापुर में दूसरी घटना में मराठा आरक्षण समर्थकों के एक समूह ने भाजपा विधायक बांब के कार्यालय के अंदर खिड़की के शीशे और फर्नीचर को क्षतिग्रस्त कर दिया, जिसके बाद दो लोगों को हिरासत में लिया गया। हिंसा और आगजनी की घटनाएं ऐसे समय में सामने आई हैं, जब मराठा समुदाय के लिए आरक्षण की मांग को लेकर आंदोलन दूसरे चरण में है। आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जरांगे 25 अक्तूबर से जालना जिले के अंतरावाली सरती गांव में अनिश्चितकालीन उपवास पर हैं।
पिछले 48 घंटों में एमएसआरटीसी की 13 बसें क्षतिग्रस्त, 30 डिपो में परिचालन बंद
मराठा आरक्षण आंदोलन के दौरान पिछले 48 घंटों में एमएसआरटीसी की कम से कम 13 बसें क्षतिग्रस्त हो गई हैं, जिसमें सोमवार की चार बसें भी शामिल हैं। एक अधिकारी ने बताया कि इसके चलते राज्य संचालित परिवहन निगम ने अपने 250 डिटो में से 30 में परिचालन बंद करने का फैसला लिया है।
उन्होंने कहा कि रविवार को नौ बसें क्षतिग्रस्त हो गईं, जिन तीस डिपो पर परिचालन बंद कर दिया गया है, वे महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम (एमएसआरटीसी) के छत्रपति संभाजीनगर डिवीजन में हैं। छत्रपति संभाजीनगर डिवीजन में बीड, धाराशिव और छत्रपति संभाजीनगर जोन के 17 डिपो को छोड़कर सभी एमएसआरटीसी डिपो बंद कर दिए गए हैं। एमएसआरटीसी के पास 15 हजार बसें हैं और यह राज्यभर के मार्गों पर प्रति दिन करीब साठ लाख लोगों को यात्रा कराती हैं। मराठा समुदाय के लिए नौकरियों और शिक्षा में आरक्षण की मांग को लेकर राज्य के विभिन्न हिस्सों में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं।
एमएसआरटीसी पुणे से बीड के लिए निलंबित कीं बस सेवाएं
मराठा आरक्षण की मांग कर रहे प्रदर्शनकारियों द्वारा कुछ बसों पर पथराव किए जाने के बाद एमएसआरटीसी ने पुणे से मराठवाड़ा के दो जिलों के लिए अपनी सेवाएं निलंबित कर दीं। शिवाजीनगर के डिपो प्रभारी ज्ञानेश्वर रानावरे ने कहा कि पुणे से मराठवाड़ा के बीड और लातूर जिलों के लिए बस सेवाएं दिन के दौरान बाधित रहीं, जबकि बीड के माध्यम से विभिन्न स्थानों पर जाने वाली कई बसें रद्द कर दी गईं। उन्होंने कहा कि कई स्थानों पर भीड़ द्वारा बसों में तोड़फोड़ की गई और उन्हें निशाना बनाया गया। उन्होंने कहा कि पुणे से बीड के लिए प्रतिदिन 25 बसें और लातूर के लिए नौ बसें संचालित की जाती हैं।