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Bombay High Court: मनोज जरांगे ने आम आदमी को हुई परेशानी के लिए माफी मांगी; अदालत बोली- आजाद मैदान खाली करें

Tue, 02 Sep 2025 01:21 PM IST
दीपक कुमार शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: दीपक कुमार शर्मा Updated Tue, 02 Sep 2025 01:21 PM IST
सार

मराठा आरक्षण आंदोलन नेता मनोज जरांगे ने समर्थकों के दुर्व्यवहार से आम लोगों को हुई परेशानी के लिए बॉम्बे हाईकोर्ट से माफी मांगी है। हालांकि, अदालत ने उन्हें तुरंत आजाद मैदान खाली करने को कहा है। अदालत ने कहा कि जरांगे और उनके समर्थकों ने कानून का उल्लंघन किया है। 

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Maratha Quota Stir Bombay High Court Manoj Jarange apologized for civilians inconvenience Azad Maidan vacate
बंबई उच्च न्यायालय - फोटो : एएनआई (फाइल)

विस्तार

मराठा आरक्षण आंदोलन नेता मनोज जरांगे ने मुंबई की सड़कों पर कुछ समर्थकों द्वारा किए गए दुर्व्यवहार और आम लोगों को हुई परेशानी के लिए बॉम्बे हाईकोर्ट से माफी मांगी है। हालांकि, अदालत ने कहा कि जरांगे और उनके समर्थकों ने कानून का उल्लंघन किया है, इसलिए उन्हें तुरंत आजाद मैदान खाली करना होगा।

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अदालत ने जरांगे और समर्थकों को आज दोपहर तीन बजे तक आजाद मैदान खाली करने के लिए कहा है। अदालत ने चेतावनी दी की अगर वह मैदान खाली नहीं करते हैं, तो उन पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी, जिसमें कठोर जुर्माना और अवमानना की कार्रवाई भी शामिल है। 
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जरांगे को आजाद मैदान पर कब्जा करने का कोई अधिकार नहीं
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश श्री चंद्रशेखर और न्यायमूर्ति आरती साठे जरांगे की पीठ ने कहा कि वह दोपहर 3 बजे तक पूरी तरह सामान्य स्थिति बहाल करना चाहती है, और अगर ऐसा नहीं हुआ, तो वे भी सड़कों पर उतरेंगे। अदालत ने कहा कि जरांगे और उनके समर्थकों ने कानून का उल्लंघन किया है। इसलिए उन्हें बिना अनुमति के आजाद मैदान पर कब्जा करने का कोई अधिकार नहीं है। अदालत ने कहा, 'यह एक बहुत ही गंभीर स्थिति है। हम राज्य सरकार से भी संतुष्ट नहीं हैं। ऐसा लगता है कि सरकार की ओर से भी कुछ चूक हुई है।'
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जरांगे की ओर से पेश हुए अधिवक्ता सतीश मानेशिंदे
जरांगे की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता सतीश मानेशिंदे ने शहर की सड़कों पर उनके कुछ समर्थकों द्वारा किए गए दुर्व्यवहार के लिए माफी मांगी। मानेशिंदे ने कहा कि जरांगे ने पहले दिन से ही यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया है कि किसी भी नागरिक को परेशानी न हो। इसके बाद अदालत ने पूछा कि क्या जरांगे और उनके समर्थकों ने आजाद मैदान खाली कर दिया है। पीठ ने कहा, 'जरांगे और उनके समर्थक उल्लंघनकर्ता हैं और इसलिए उन्हें कोई अधिकार नहीं है। उन्हें तुरंत चले जाना चाहिए, अन्यथा हम कार्रवाई करेंगे। यह पूरी तरह से अवैध है। दोपहर 3 बजे के बाद, हम आजाद मैदान में किसी को भी जाने की अनुमति नहीं देंगे।'

दोपहर तीन बजे मामले में फिर होगी सुनवाई 
अदालत ने बताया कि सोमवार को कई प्रदर्शनकारियों ने हाईकोर्ट को घेर लिया था, जिससे न्यायाधीशों के काम में बाधा उत्पन्न हुई थी। पीठ ने कहा, 'ऐसा नहीं हो सकता कि हाईकोर्ट की घेराबंदी की गई हो और न्यायाधीश को पैदल अदालत जाना पड़े।' हाईकोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई मंगलवार दोपहर तीन बजे के लिए निर्धारित की।

मामले की सुनवाई कल तक के लिए स्थगित 
दोपहर बाद हुई सुनवाई के दौरान अदालत ने मनोज जरांगे के वकील सतीश मानेशिंदे के अनुरोध पर पहले के आदेशों के अनुपालन के आधार पर मामले को कल तक के लिए स्थगित कर दिया। अदालत ने कहा कि हम मामले की सुनवाई कल तक के लिए स्थगित कर रहे हैं और हमें उम्मीद है कि इसका कोई नतीजा निकलेगा। अदालत ने कहा कि अब इस मामले में कल एक बजे सुनवाई होगी।
 

मानेशिंदे वचन दें मुंबई छोड़कर चले जाएंगे उनके मुवक्किल
सुनवाई के दौरान, अटॉर्नी जनरल बीरेंद्र सराफ ने कहा, हमने पुलिस के माध्यम से सभी प्रक्रियाओं का पालन किया है और उनके द्वारा किए गए उल्लंघनों की एक सूची भी उपलब्ध कराई है। इसलिए मैं मानेशिंदे से अनुरोध करता हूं कि वे एक वचन दें कि वे पूरी तरह से मुंबई छोड़कर चले जाएंगे। इसका असर तभी होगा जब उनके मुवक्किल और उनके समर्थक मुंबई छोड़कर चले जाएंगे। उन्होंने कहा कि गणेशोत्सव चल रहा है और हजारों लोग सड़कों पर हैं। हमें पुलिसकर्मियों के साथ कानून-व्यवस्था भी बनाए रखनी है।

 

हाईकोर्ट ने सरकार को भी लगाई फटकार
हालांकि, हाईकोर्ट ने अटॉर्नी जनरल से कहा कि आपको दूसरे ही दिन हमारे पास आकर कहना चाहिए था कि लोगों की संख्या 5000 से ज्यादा है। आपने इस स्थिति को यहां तक आने दिया। हम आपके खिलाफ भी आदेश पारित करेंगे, क्योंकि आपने भी हमारे आदेशों का उल्लंघन किया है। वहीं, मनोज जरांगे ने अपने समर्थकों से अपील की है कि वे यातायात संबंधी कोई समस्या न पैदा करें और 5,000 से ज्यादा लोगों को इकट्ठा न करें।

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