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Maratha Reservation: '25 अक्तूबर को फिर से करेंगे आंदोलन', मराठा आरक्षण की मांग को लेकर मनोज जरांगे की चेतावनी
Sat, 21 Oct 2023 05:16 PM IST
आदर्श शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अकलुज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अकलुज
Published by: आदर्श शर्मा
Updated Sat, 21 Oct 2023 05:16 PM IST
सार
सोलापुर जिले के अकलूज में पत्रकारों से बात करते हुए सामाजिक कार्यकर्ता मनोज जरांगे ने कहा, मराठा समुदाय को नौकरियों और शैक्षणिक संस्थानों में आरक्षण देने के लिए महाराष्ट्र सरकार को उनका अल्टीमेटम 24 अक्तूबर तक है।
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मनोज जरांगे
- फोटो : Social Media
विस्तार
मराठा आरक्षण की मांग को लेकर महाराष्ट्र में राजनीति तेज हो गई है। समाजिक कार्यकर्ता मनोज जरांगे के एक एलान ने फिर से महाराष्ट्र में आरक्षण की राजनीति को हवा दे दी है। शनिवार को मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जरांगे ने कहा कि समुदाय की मांगे पूरी नहीं होने पर 25 अक्तूबर को फिर से वह आंदोलन करेंगे।
सोलापुर जिले के अकलूज में पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा, मराठा समुदाय को नौकरियों और शैक्षणिक संस्थानों में आरक्षण देने के लिए महाराष्ट्र सरकार को उनका अल्टीमेटम 24 अक्तूबर तक है। उन्होंने कहा, मुझे नहीं पता कि सरकार क्या कर रही है। रविवार को हम अपनी अगली कार्रवाई की रूपरेखा तैयार करने के लिए जालना के अंतरवाली गांव में एक बैठक करेंगे। सरकार मराठा समुदाय के शांतिपूर्ण आंदोलन का सामना नहीं कर पाएगी। 29 अगस्त को जालना के अंतरवाली सराती में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू करने के बाद जरांगे ने मराठा आरक्षण आंदोलन को राज्य की राजनीति के केंद्र में ला दिया। हालांकि जरांगे ने 14 सितंबर को अपनी भूख हड़ताल समाप्त कर दी जब मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने उनसे मुलाकात की और आश्वासन दिया कि सरकार उनकी मांगों पर सकारात्मक रुख अपनाएगी।
उस वक्त बोलते हुए जरांगे ने कहा था कि आंदोलनकारियों ने मराठों के लिए आरक्षण सुनिश्चित करने के लिए राज्य को एक महीने का समय दिया है। तब उन्होंने समुदाय के लिए आरक्षण की घोषणा करने के लिए सरकार के लिए 24 अक्तूबर की समय सीमा तय की थी।
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सोलापुर जिले के अकलूज में पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा, मराठा समुदाय को नौकरियों और शैक्षणिक संस्थानों में आरक्षण देने के लिए महाराष्ट्र सरकार को उनका अल्टीमेटम 24 अक्तूबर तक है। उन्होंने कहा, मुझे नहीं पता कि सरकार क्या कर रही है। रविवार को हम अपनी अगली कार्रवाई की रूपरेखा तैयार करने के लिए जालना के अंतरवाली गांव में एक बैठक करेंगे। सरकार मराठा समुदाय के शांतिपूर्ण आंदोलन का सामना नहीं कर पाएगी। 29 अगस्त को जालना के अंतरवाली सराती में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू करने के बाद जरांगे ने मराठा आरक्षण आंदोलन को राज्य की राजनीति के केंद्र में ला दिया। हालांकि जरांगे ने 14 सितंबर को अपनी भूख हड़ताल समाप्त कर दी जब मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने उनसे मुलाकात की और आश्वासन दिया कि सरकार उनकी मांगों पर सकारात्मक रुख अपनाएगी।
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उस वक्त बोलते हुए जरांगे ने कहा था कि आंदोलनकारियों ने मराठों के लिए आरक्षण सुनिश्चित करने के लिए राज्य को एक महीने का समय दिया है। तब उन्होंने समुदाय के लिए आरक्षण की घोषणा करने के लिए सरकार के लिए 24 अक्तूबर की समय सीमा तय की थी।
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