कोरोना वैक्सीनेशन: पूरे देश में एक मई से टीकाकरण अभियान के शुरू होने को लेकर संशय, राज्यों ने लिखा केंद्र को पत्र
- वैक्सीन बनाने वाली कंपनियों के पास पर्याप्त मात्रा में नहीं है वैक्सीन
- वैक्सीन ना उपलब्ध हो पाने के चलते देश के कई राज्यों ने केंद्र को लिखी चिट्ठी
- बोले- एक मई से नहीं शुरू कर पाएंगे टीकाकरण अभियान
विस्तार
एक मई से 18 साल से अधिक उम्र के लोगों का होने वाला टीकाकरण अभियान फिलहाल खटाई में पड़ता हुआ नजर आ रहा है। देश के सभी राज्यों में एक मई से होने वाला टीकाकरण वक्त पर शुरू होने को लेकर संशय है। देश के कई राज्यों ने इस टीकाकरण अभियान को लेकर केंद्र सरकार और जिम्मेदार अधिकारियों को चिट्ठी भी लिखी है। इन राज्यों का कहना है कि उनको वैक्सीन बनाने वाली कंपनियों ने एक मई तक पर्याप्त मात्रा में वैक्सीन देने से इनकार कर दिया है। ऐसे में यह तय है कि वृहद टीकाकरण अभियान अपने तय वक्त पर नहीं शुरू हो सकता।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक मई से 18 साल से अधिक उम्र के लोगों के लिए टीकाकरण अभियान की शुरुआत की घोषणा की थी। कांग्रेस शासित राज्यों ने पहले से ही केंद्र सरकार को वैक्सीन की कमी की जानकारी दे दी है और यह भी बता दिया है कि उनके राज्यों में एक मई से टीकाकरण नहीं हो सकता। हालांकि कांग्रेस शासित राज्यों का कहना है उनकी पूरी कोशिश है कि 18 साल से अधिक उम्र के लोगों को वैक्सीनेट करें और उन्हें कोरोना जैसी महामारी से बचाएं।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक उनके पास न सिर्फ कांग्रेस शासित राज्यों बल्कि अन्य कई राज्यों से भी इस तरह की सूचनाएं मिली हैं कि एक मई से होने वाला वह टीकाकरण अभियान वैक्सीन की आपूर्ति न हो पाने के चलते थोड़ा सुस्त हो सकता है। इस संबंध में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने वैक्सीन बनाने वाली कंपनियों से भी संपर्क कर ज्यादा से ज्यादा उत्पादन करने और आपूर्ति के लिए कहा है।
पूर्वोत्तर से लेकर दक्षिण के राज्यों की गैर-भाजपा शासित सरकारों ने वैक्सीन की अनुपलब्धता के बारे में केंद्र सरकार को सूचित कर दिया है। राजस्थान सरकार ने केंद्र सरकार को बताया है कि उनके राज्य में 15 मई से पहले 18 साल से अधिक उम्र के लोगों का टीकाकरण शुरू नहीं हो सकता है। राजस्थान के स्वास्थ्य मंत्री ने केंद्र को लिखी चिट्ठी में स्पष्ट किया है कि सीरम इंस्टीट्यूट ने उन्हें वैक्सीन देने से मना कर दिया है। उनका कहना है कि जितनी मात्रा में वैक्सीन उन्हें चाहिए अभी उसकी उपलब्धता नहीं है। हालांकि भाजपा शासित राज्यों के जिम्मेदार अधिकारी खुलकर तो इस पर नहीं बोल रहे हैं, लेकिन सूत्रों के मुताबिक बहुत से भाजपा शासित राज्यों में भी एक मई से शुरू होने वाला यह टीकाकरण अभियान सुस्त रह सकता है।
झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता कहते हैं कि वह अपने राज्य में एक मई से 18 साल से अधिक उम्र के लोगों का टीकाकरण कैसे कर पाएंगे क्योंकि उनके पास तो वैक्सीन ही उपलब्ध नहीं है। बन्ना गुप्ता का कहना है कि सिर्फ झारखंड ही नहीं देश के और भी बहुत से राज्य हैं जहां पर वैक्सीन की उपलब्धता नहीं है और देश के प्रधानमंत्री ने पहली मई से 18 साल से ऊपर वालों को वैक्सीनेट करने की बात कही है। उत्तर प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुरेश खन्ना कहते हैं कि उन्होंने एक करोड़ वैक्सीन का ऑर्डर दे दिया है। वह कहते हैं कि मई से होने वाले वह टीकाकरण अभियान में उनकी पूरी तैयारी है।
स्वास्थ्य मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक कई भाजपा शासित राज्यों ने भी अपनी आबादी के मुताबिक ज्यादा से ज्यादा वैक्सीन की डिमांड की है। सूत्रों का कहना है कि भाजपा शासित राज्यों ने केंद्र सरकार को सूचना दी है, अगर उन्हें वक्त पर पर्याप्त मात्रा में वैक्सीन नहीं मिली तो अभियान की गति इतनी तेज नहीं हो पाएगी।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारियों का कहना है कि देश में बनने वाली वैक्सीन का उत्पादन बढ़ाया जा चुका है। इसलिए किसी भी राज्य को वैक्सीन कम नहीं पड़ेगी। स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारियों का कहना है कि वह देश के सभी राज्यों के संपर्क में है। जिन-जिन राज्यों से वैक्सीन की कमी को लेकर सूचनाएं मिली हैं, वहां पर उन्हें वैक्सीन उपलब्ध कराए जाने की प्रयास किए जा रहे हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारियों के मुताबिक एक मई से पूरे देश में टीकाकरण शुरू हो जाएगा।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारियों के मुताबिक केंद्र सरकार को मिलने वाली वैक्सीन भी राज्यों को ही आवंटित की जानी है। इसके अलावा केंद्र सरकार की चल रही 45 साल से अधिक उम्र के लोगों को टीकाकरण अभियान के तहत भी वैक्सीन दी जानी है। यह चेन बाधित ना हो इसलिए केंद्र सरकार के पास भी वैक्सीन की उपलब्धता आवश्यक है।