Beating Retreat Ceremony Photos: विजय चौक पर बीटिंग रिट्रीट, ढलते सूरज के साथ हुआ गणतंत्र दिवस समारोह का समापन
बीटिंग रिट्रीट समारोह विजय चौक पर चल रहा है। विजय चौक पर बीटिंग रिट्रीट समारोह भारत में गणतंत्र दिवस समारोह के समापन का प्रतीक है।
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रायसीना हिल्स पर डूबते सूरज के साथ ही हर साल की तरह इस बार भी बीटिंग द रिट्रीट कार्यक्रम पूर्ण हुआ। बीटिंग रिट्रीट समारोह के दौरान विजय चौक पर पैर थिरकाने वाली धुनों ने लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। बीटिंग द रिट्रीट के साथ ही गणतंत्र दिवस का औपचारिक समापन हो गया।
इस समारोह में शामिल होने के लिए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू पारंपरिक रूप से खुली सोने की परत वाली बग्घी में सवार होकर विजय चौक पहुंची। उनके अलावा, बीटिंग रिट्रीट समारोह में उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अन्य नेता मौजूद रहे। नेताओं के अलावा बड़ी संख्या में जनता ने भी बीटिंग द रिट्रीट देखी।
#WATCH | Delhi | President Droupadi Murmu, Vice President Jagdeep Dhankhar, Prime Minister Narendra Modi and others witness the Beating Retreat ceremony at Vijay Chowk.
— ANI (@ANI) January 29, 2025
(Source: President of India/YouTube) pic.twitter.com/lMppnHJFaK
बीटिंग रिट्रीट समारोह के दौरान रायसीना हिल्स और विजय चौक को रंग-बिरंगी रोशनी से सजाया गया था।
क्या है बीटिंग रिट्रीट समारोह
इस कार्यक्रम के होने का मतलब है गणतंत्र दिवस समारोह की औपचारिक घोषणा होती है। दरअसल 26 से लेकर 29 जनवरी के बीच विभिन्न कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है और सरकारी भवनों को रोशनी से जगमग किया जाता है। यह न सिर्फ गणतंत्र दिवस समारोह के समापन का प्रतीक है बल्कि सेना को वापस बैरक में भेजने का आधिकारिक संदेश भी होता है। इस समारोह में देश की तीनों सेनाएं हिस्सा लेती हैं और पारंपरिक धुनों के साथ मार्चपास्ट करती हैं। यह सभी धुन सेनाओं के बैंड द्वारा बजायी जाती है और ‘अबाइड विद मी’ भी इसमें शामिल है।
वहीं ट्युबुलर घंटियों के जरिए चाइम्स बजाई जाती हैं। यह काफी दूरी पर रखा होता है जिससे बहुत शानदार दृश्य बनता है। इसके बाद रिट्रीट का बिगुल वादन होता है, जब बैंड मास्टर राष्ट्रपति के पास जाते हैं और बैंड की विदाई की अनुमति मांगते हैं।