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आंबेडकर सम्मेलन: राष्ट्रपति कोविंद बोले- अजा-जजा के लिए बहुत कुछ करना बाकी, उन्हें हकों की जानकारी नहीं

Thu, 02 Dec 2021 06:51 PM IST
सुरेंद्र जोशी पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली Published by: सुरेंद्र जोशी Updated Thu, 02 Dec 2021 06:51 PM IST
सार

पांचवें अंतरराष्ट्रीय आंबेडकर सम्मेलन का शुभारंभ करते हुए कोविंद ने यह बात कही। अजा-जजा विधायकों व सांसदों के फोरम व डॉ. आंबेडकर चेंबर आफ कॉमर्स ने दिल्ली में यह सम्मेलन आयोजित किया।

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Many from deprived sections not aware of their rights, govt's welfare initiatives: President Kovind
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा है कि संविधान में सरकार द्वारा अजा-जजा वर्ग की शिक्षा व आर्थिक हितों के विकास के प्रावधान किए गए हैं, लेकिन देश व समाज को इस वर्ग के लिए अभी भी बहुत कुछ करना है। 

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राष्ट्रपति कोविंद ने कहा कि समाज के वंचित तबके के कई लोगों को अब भी अपने अधिकारों व सरकार की कल्याण योजनाओं की जानकारी नहीं है। पांचवें अंतरराष्ट्रीय आंबेडकर सम्मेलन का शुभारंभ करते हुए कोविंद ने यह बात कही। 
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अजा-जजा विधायकों व सांसदों के फोरम व डॉ. आंबेडकर चेंबर आफ कॉमर्स ने दिल्ली में यह सम्मेलन आयोजित किया है। राष्ट्रपति कोविंद ने कहा कि इस फोरम की जिम्मेदारी है कि वह वंचित लोगों को अपने अधिकारों व सरकार की योजनाओं के बारे में जागरूक करे। संगठन की यह भी जिम्मेदारी है कि वह विकास यात्रा में पीछे छूट गए अनुसूचित जाति व जनजाति के लोगों को आगे लाए। 
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कोविंद ने कहा कि हमारे संविधान में कई प्रावधान किए गए हैं, जिनसे अजा-जजा वर्ग के हितों की रक्षा हो सकती है। अनुच्छेद 46 राज्यों को निर्देशित करता है कि अजा-जजा वर्ग के लोगों के आर्थिक व शैक्षणिक हितों का विशेष सावधानी के साथ विकास किया जाना चाहिए। इसमें यह भी कहा गया है कि सरकार इस वर्ग को सामाजिक अन्याय व हर तरह के शोषण से बचाए। 


राष्ट्रपति ने कहा कि बाबासाहेब भीमराव आंबेडकर समाज की नैतिक चेतना को जगाने के पक्ष में थे। कोविंद ने कहा कि वह कहते थे कि अधिकारों की रक्षा केवल कानूनों से नहीं की जा सकती, बल्कि समाज में नैतिक और सामाजिक चेतना का होना भी जरूरी है। राष्ट्रपति भवन द्वारा जारी बयान में कोविंद के हवाले से यह बातें कही गई हैं। 

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