रेल राज्य मंत्री मनोज सिन्हा बोले- इलाहाबाद के लिए मेरे मन में अत्यंत सम्मान
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रेल राज्य मंत्री मनोज सिन्हा ने शुक्रवार को कहा की इलाहाबाद और साहित्यकार धर्मवीर के लिए उनके मन में अत्यंत सम्मान हैं। उन्होंने कहा की 28 जून 2017 को काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के स्वतंत्रता भवन में दो स्मारक डाक टिकट काशी हिन्दू विश्वविद्यालय पर जारी किये गये। उस कार्यक्रम में मेरे द्वारा धर्मवीर भारती जी के प्रसंग के उद्धृत करने को लेकर एक गैर जरुरी विवाद पैदा हुआ है, उसका सन्दर्भ हास-परिहास का था। यह मेरे और काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ गिरीश चन्द्र त्रिपाठी जी के व्यक्तिगत सम्बन्धों में चला आ रहा है।
इलाहाबाद शहर हमारे लिए श्रद्धा का केंद्र है जिसे तीर्थराज हम मानते हैं। इलाहाबाद विश्वविद्यालय जिसे ऑक्सफोर्ड के नाम से देश जानता है, इस विश्वविद्यालय के लिए मेरे मन में अत्यंत सम्मान है इलाहाबाद शहर और विश्वविद्यालय के लिए कोई अपमान जनक टिप्पणी करने की बात तो दूर , मैं स्वप्न में भी नहीं सोच सकता हूँ।
धर्मवीर भारती जी हिंदी साहित्य के अत्यंत तेजश्वी नक्षत्र रहे हैं और उनके लिए भी मेरे मन में अत्यंत श्रद्धा है। उनके पुरे साहित्य को समझना मेरे लिए बहुत मुश्किल है क्यूंकि न मैं साहित्य का विद्यार्थी रहा हूँ न ही मेरी उतनी समझ है बावजूद इसके अगर किसी की भावना को आघात लगा है तो मैं स्पष्ट करना चाहता हूँ कि मेरी ऐसी कोई मन्सा नहीं थी बावजूद इसके इलाहाबाद व इलाहाबाद विश्वविद्यालय के प्रेमियों तथा धर्मवीर भारती जी में आस्था रखने वालों सभी बहनों-भाइयों से मैं खेद प्रकट करता हूँ।
मेरा यह भी आग्रह होगा कि हर चीज को राजनीति के नजरिये से देखना यह अच्छी परम्परा नहीं है। वहीँ बीजेपी नेता विशाल सिंह ने कहा की रेल राज्य मंत्री के सम्बोधन का गलत मतलब निकाला गया हैं,मनोज सिन्हा जी खुद छात्र राजनीति से ही राजनीति में आये हैं, उन्होंने सदा से इलाहाबाद और साहित्यिक जगत को विशेष सम्मान दिया हैं। गलत मतलब निकालने वालों को यह नहीँ पता की मनोज सिन्हा का इलाहाबाद से बहुत अटूट और गहरा नाता हैं।