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Mann Ki Baat: नौ साल में कैसे बढ़ी 'मन की बात' की देशभर में पहुंच, इस कार्यक्रम से कितनी हुई कमाई?
Sun, 30 Apr 2023 09:01 AM IST
शिवेंद्र तिवारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शिवेंद्र तिवारी
Updated Sun, 30 Apr 2023 09:01 AM IST
सार
तीन अक्तूबर 2014 को पीएम ने पहले अपने मन की बात कार्यक्रम को संबोधित किया था। इस कार्यक्रम ने 2014 से अक्टूबर 2022 तक 33.16 करोड़ रुपए की कमाई की है, जबकि प्रमोशन पर करीब 7.29 करोड़ रुपए ही खर्च किए गए।
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मन की बात
- फोटो : AMAR UJALA
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विस्तार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को देश की जनता के साथ 100वीं बार 'मन की बात' करेंगे। बीते करीब नौ साल से हर महीने के आखिरी रविवार को प्रधानमंत्री का यह कार्यक्रम प्रसारित हो रहा है। इस कार्यक्रम के जरिए प्रधानमंत्री लोगों को प्रेरित करते हैं।
आइये जानते हैं बीते नौ साल में इस कार्यक्रम की पहुंच कैसे बढ़ी? मन की बात से ऑल इंडिया रेडियो को कितनी कमाई हुई?
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आइये जानते हैं बीते नौ साल में इस कार्यक्रम की पहुंच कैसे बढ़ी? मन की बात से ऑल इंडिया रेडियो को कितनी कमाई हुई?
मन की बात
- फोटो : Social Media
पहले जानते हैं क्या है 'मन की बात' कार्यक्रम?
'मन की बात' प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रेडियो के माध्यम से देशभर की जनता तक पहुंचने का एक माध्यम है। सरकार के मुताबिक 'मन की बात' प्रत्येक नागरिक को प्रधानमंत्री के रेडियो संबोधन के माध्यम से जुड़ने, सुझाव देने और सहभागी शासन का हिस्सा बनने का अवसर प्रदान करता है। इसने पारंपरिक रेडियो में नए सिरे से रुचि और जागरुकता पैदा की है।
तीन अक्तूबर 2014 को पीएम ने पहले अपने मन की बात कार्यक्रम को संबोधित किया था। तब से लेकर आज तक हर महीने प्रधानमंत्री देश को मन की बात के जरिए देश के लोगों से बात करते हैं। कार्यक्रम के लिए आम लोगों से मुद्दे मांगे जाते हैं। लोग अलग-अलग माध्यमों से जिन मुद्दों पर प्रधानमंत्री को सुनना चाहते हैं, उनमें से कुछ मुद्दों पर प्रधानमंत्री महीने के आखिरी रविवार को बात करते हैं। कार्यक्रम के दौरान कई बार आम लोगों से भी प्रधानमंत्री बात करते हैं। उनके अनुभव के जरिए देश के लोगों को जागरुक करने की कोशिश करते हैं।
'मन की बात' प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रेडियो के माध्यम से देशभर की जनता तक पहुंचने का एक माध्यम है। सरकार के मुताबिक 'मन की बात' प्रत्येक नागरिक को प्रधानमंत्री के रेडियो संबोधन के माध्यम से जुड़ने, सुझाव देने और सहभागी शासन का हिस्सा बनने का अवसर प्रदान करता है। इसने पारंपरिक रेडियो में नए सिरे से रुचि और जागरुकता पैदा की है।
तीन अक्तूबर 2014 को पीएम ने पहले अपने मन की बात कार्यक्रम को संबोधित किया था। तब से लेकर आज तक हर महीने प्रधानमंत्री देश को मन की बात के जरिए देश के लोगों से बात करते हैं। कार्यक्रम के लिए आम लोगों से मुद्दे मांगे जाते हैं। लोग अलग-अलग माध्यमों से जिन मुद्दों पर प्रधानमंत्री को सुनना चाहते हैं, उनमें से कुछ मुद्दों पर प्रधानमंत्री महीने के आखिरी रविवार को बात करते हैं। कार्यक्रम के दौरान कई बार आम लोगों से भी प्रधानमंत्री बात करते हैं। उनके अनुभव के जरिए देश के लोगों को जागरुक करने की कोशिश करते हैं।
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मन की बात
- फोटो : AMAR UJALA
इसकी रीच कितनी है?
मन की बात भारत का पहला रेडियो कार्यक्रम है जो टेलीविजन चैनलों द्वारा एक साथ प्रसारित किया जाता है। 2021 में संसद में पूछे गए एक सवाल का जवाब देते हुए सूचना प्रसारण मंत्रालय ने बताया था कि 34 डीडी चैनल और लगभग 91 निजी सैटेलाइट टीवी चैनल पूरे भारत में इस रेडियो कार्यक्रम का प्रसारण करते हैं। वर्ष 2020 तक इसने 11.8 करोड़ दर्शकों की संख्या और 14.3 करोड़ रीच हासिल की।
प्रसार भारती 51 भाषाओं और बोलियों में मन की बात का अनुवाद और पुन: प्रसारण करती है। इसके अलावा एक अलग ट्विटर हैंडल 'मन की बात अपडेट्स' बनाया गया है जो मन की बात के दौरान उठाए गए मुद्दों के बारे में अपडेट देता है।
वर्तमान में इसके 1.609 लाख फॉलोवर्स हैं। इसके अलावा, आज की तारीख तक 'मन की बात' के प्रचार के लिए लगभग 58,000 ट्वीट किए जा चुके हैं। मन की बात के सभी एपिसोड्स को अलग-अलग भाषाओं में एक्सेस करने के लिए डेडिकेटेड यूट्यूब चैनल बनाया गया है। आज की तारीख में, यूट्यूब के 2200 से ज्यादा सब्सक्राइबर हैं। इसमें अब तक 1.4 हजार वीडियोज अपलोड किए जा चुके हैं।
मन की बात भारत का पहला रेडियो कार्यक्रम है जो टेलीविजन चैनलों द्वारा एक साथ प्रसारित किया जाता है। 2021 में संसद में पूछे गए एक सवाल का जवाब देते हुए सूचना प्रसारण मंत्रालय ने बताया था कि 34 डीडी चैनल और लगभग 91 निजी सैटेलाइट टीवी चैनल पूरे भारत में इस रेडियो कार्यक्रम का प्रसारण करते हैं। वर्ष 2020 तक इसने 11.8 करोड़ दर्शकों की संख्या और 14.3 करोड़ रीच हासिल की।
प्रसार भारती 51 भाषाओं और बोलियों में मन की बात का अनुवाद और पुन: प्रसारण करती है। इसके अलावा एक अलग ट्विटर हैंडल 'मन की बात अपडेट्स' बनाया गया है जो मन की बात के दौरान उठाए गए मुद्दों के बारे में अपडेट देता है।
वर्तमान में इसके 1.609 लाख फॉलोवर्स हैं। इसके अलावा, आज की तारीख तक 'मन की बात' के प्रचार के लिए लगभग 58,000 ट्वीट किए जा चुके हैं। मन की बात के सभी एपिसोड्स को अलग-अलग भाषाओं में एक्सेस करने के लिए डेडिकेटेड यूट्यूब चैनल बनाया गया है। आज की तारीख में, यूट्यूब के 2200 से ज्यादा सब्सक्राइबर हैं। इसमें अब तक 1.4 हजार वीडियोज अपलोड किए जा चुके हैं।
Mann Ki Baat
- फोटो : Social Media
विज्ञापन और प्रचार में हुए खर्च से पांच गुना अधिक कमाई
एक आरटीआई जवाब दी गई जानकारी के अनुसार, 'मन की बात' कार्यक्रम के विज्ञापन और प्रचार पर खर्च की गई राशि की तुलना में इससे होने वाली कमाई लगभग पांच गुना रही है। 'मन की बात' ने 2014 से अक्टूबर 2022 तक 33.16 करोड़ रुपए की कमाई की है, जबकि प्रमोशन पर करीब 7.29 करोड़ रुपए ही खर्च किए गए। दस्तावेज से यह भी पता चला है कि पिछले तीन वर्षों में प्रिंट मीडिया, टेलीविजन, रेडियो और डिजिटल मीडिया में किसी भी तरह के प्रचार पर शून्य व्यय किया गया है।
एक आरटीआई जवाब दी गई जानकारी के अनुसार, 'मन की बात' कार्यक्रम के विज्ञापन और प्रचार पर खर्च की गई राशि की तुलना में इससे होने वाली कमाई लगभग पांच गुना रही है। 'मन की बात' ने 2014 से अक्टूबर 2022 तक 33.16 करोड़ रुपए की कमाई की है, जबकि प्रमोशन पर करीब 7.29 करोड़ रुपए ही खर्च किए गए। दस्तावेज से यह भी पता चला है कि पिछले तीन वर्षों में प्रिंट मीडिया, टेलीविजन, रेडियो और डिजिटल मीडिया में किसी भी तरह के प्रचार पर शून्य व्यय किया गया है।