फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Manmohan Singh Memorial Row Updates Congress vs BJP Pawan Khera allegation nadda puri cheap politics

Manmohan Singh Memorial: सस्ती सियासत कर रही BJP, कांग्रेस के दबाव में स्मारक की अधिसूचना; खेड़ा के तीखे सवाल

Sun, 29 Dec 2024 04:02 PM IST
ज्योति भास्कर न्यूज डेस्क, अमर उजाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला Published by: ज्योति भास्कर Updated Sun, 29 Dec 2024 04:02 PM IST
सार

पूर्व प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह पंचतत्व में विलीन हो चुके हैं। अब उनके लिए स्मारक बनवाने के मुद्दे पर कांग्रेस और भाजपा के बीच जुबानी जंग हो रही है। भाजपा का कहना है कि कांग्रेस राजनीति कर रही है। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा कि जेपी नड्डा और केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी सस्ती सियासत कर रहे हैं। भाजपा ने कांग्रेस के दबाव में स्मारक के लिए अधिसूचना जारी की है।

विज्ञापन
Manmohan Singh Memorial Row Updates Congress vs BJP Pawan Khera allegation nadda puri cheap politics
कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता पवन खेड़ा। - फोटो : amar ujala

विस्तार

देश के पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह का पार्थिव शरीर पंचतत्व में विलीन हो चुका है। कांग्रेस और भाजपा के बीच जुबानी जंग हो रही है। कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने कहा कि भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा और केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी पूर्व पीएम का स्मारक बनाने के नाम पर सस्ती राजनीति कर रहे हैं, जो दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने सवाल किया, 'क्या आपने कभी किसी ऐसे पूर्व पीएम के बारे में सुना है जिसका अंतिम संस्कार निगमबोध घाट पर हुआ हो?'
विज्ञापन


जिसका अंतिम संस्कार, उसके परिवार पर कोई ध्यान नहीं
खेड़ा ने कहा, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने शक्ति स्थल से जमीन देने की पेशकश भी की। वे बस इतना चाहते थे कि डॉ. मनमोहन सिंह का अंतिम संस्कार ऐसी जगह हो जहां उनका स्मारक बनाया जा सके। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस व्यक्ति का अंतिम संस्कार किया जा रहा था उसके परिवार पर कोई ध्यान नहीं दिया गया।'
विज्ञापन
कांग्रेस के दबाव में भाजपा ने स्मारक बनाने की अधिसूचना जारी की
उन्होंने सवाल किया, 'क्या हमेशा पीएम पर ध्यान देना जरूरी है?' बकौल पवन खेड़ा, जेपी नड्डा और हरदीप सिंह पुरी सस्ती राजनीति कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के दबाव के बाद ही बीजेपी ने स्मारक बनाने की अधिसूचना जारी की है।'

डॉ. मनमोहन सिंह के व्यक्तित्व को देखें...
इस मामले में कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने सत्ता में बैठे लोगों को समझना चाहिए कि पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने देश को बेहतर बनाया और लोगों को नई उम्मीद दी। उन्होंने कहा, 'आज जो लोग सत्ता में हैं, जो पिछले दो दिनों से डॉ. मनमोहन सिंह की प्रशंसा कर रहे हैं उनके योगदान को याद कर रहे हैं, उन्हें डॉ. मनमोहन सिंह के व्यक्तित्व को देखना चाहिए।'

पूर्व पीएम के भाषण ने सरकार को हिलाकर रख दिया
रमेश ने कहा, 'नोटबंदी पर उनके 4 मिनट के भाषण ने सरकार को हिलाकर रख दिया। जब वे विपक्ष में थे, तो उन्होंने ज़्यादा कुछ नहीं कहा, लेकिन जब उन्होंने बात की, तो सभी ने सुना। लाल बहादुर शास्त्री के बारे में कहा जाता है कि उनका कोई दुश्मन नहीं था, मैं डॉ. मनमोहन सिंह के बारे में भी यही कह सकता हूं।'

विवाद के बीच हरदीप पुरी ने क्या कहा?
इससे पहले केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी ने कहा, 'जो लोग सरदार डॉ. मनमोहन सिंह के अंतिम संस्कार को लेकर समानांतर कहानी गढ़ रहे हैं, वे उनकी स्मृति और एक इंसान के रूप में उनके चरित्र के साथ बहुत बड़ा अन्याय कर रहे हैं।'

कांग्रेस पार्टी को आत्मचिंतन की नसीहत
पुरी ने कहा, डॉ मनमोहन सिंह के पार्थिव शरीर को तिरंगे में लपेटकर पूरे राजकीय और सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। 21 तोपों की सलामी दी गई। सात दिन का राष्ट्रीय शोक घोषित किया गया है। तिरंगा आधा झुका रहेगा। इस दौरान सिख संगत के सदस्य भी मौजूद थे। डॉ. मनमोहन सिंह जी हमेशा हमारे लिए एक प्रेरणादायी नेता रहेंगे। हम उनकी यादों और मूल्यों को संजो कर रखेंगे।' उन्होंने कहा, 'कांग्रेस पार्टी के वे लोग जो इस गंभीर क्षण की गरिमा और शांति को विवादों और झूठों से खराब कर रहे हैं, उन्हें ऐसा करने से बचना चाहिए और आत्मचिंतन करना चाहिए।'
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed