फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Manish Sisodia Arrest Arvind Kejriwal second big blow After Satyendar Jain will CBI tighten its grip on Him

Manish Sisodia: सत्येंद्र जैन के बाद केजरीवाल को दूसरा बड़ा झटका, क्या दिल्ली के CM पर भी कसेगा CBI का शिकंजा?

Mon, 27 Feb 2023 12:05 AM IST
अमित शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली। Published by: अमित शर्मा Updated Mon, 27 Feb 2023 12:05 AM IST
विज्ञापन
सार
मनीष सिसोदिया के मामले में अन्य सह अभियुक्तों की मजिस्ट्रेट के सामने स्वीकारोक्ति उनकी गिरफ्तारी का बड़ा कारण बनी है। सीबीआई ने माना है कि शराब घोटाले में सरकार का टैक्स दो फीसदी से बढ़ाकर 12 फीसदी करने और उसमें से अवैध तरीके से करोड़ों का पैसा वसूल करने की पूरी साजिश रचने में स्वयं सिसोदिया शामिल थे। यदि यह आरोप अदालत में साबित होता है तो सिसोदिया लंबे समय के लिए कानूनी पचड़े में फंस सकते हैं। 
loader
Manish Sisodia Arrest Arvind Kejriwal second big blow After Satyendar Jain will CBI tighten its grip on Him
मनीष सिसोदिया, सत्येंद्र जैन। - फोटो : Social Media

विस्तार

आखिरकार आम आदमी पार्टी नेताओं की आशंका सही साबित हुई और दिल्ली सरकार के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को गिरफ्तार कर लिया गया। सत्येंद्र जैन के बाद मनीष सिसोदिया के रूप में अरविंद केजरीवाल का एक और विश्वस्त सहयोगी जेल की सलाखों के पीछे पहुंच चुका है। सिसोदिया को आपराधिक साजिश रचने के गंभीर आरोपों में गिरफ्तार किया गया है। ऐसे मामलों में जमानत मिलना टेढ़ी खीर होता है। यानी सत्येंद्र जैन की तरह सिसोदिया को भी लंबे समय तक जेल में रहना पड़ सकता है। ऐसे में बड़ा प्रश्न यह है कि इसके बाद अरविंद केजरीवाल की रणनीति क्या होगी?  



आम आदमी पार्टी अपनी चुनावी सभाओं में दिल्ली के स्वास्थ्य और शिक्षा मॉडल को जमकर प्रचारित करती थी। पूर्व स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन की गिरफ्तारी के बाद दिल्ली सरकार का स्वास्थ्य मॉडल पर पहले ही प्रश्न खड़ा हो चुका है। अब मनीष सिसोदिया की गिरफ्तारी के बाद अरविंद केजरीवाल दिल्ली के शिक्षा मॉडल को भी भुना नहीं पाएंगे, क्योंकि सिसोदिया की गिरफ्तारी के बाद ऐसा करने के बाद पार्टी की छवि पर असर पड़ सकता है। 


मनीष सिसोदिया के मामले में अन्य सह अभियुक्तों की मजिस्ट्रेट के सामने स्वीकारोक्ति उनकी गिरफ्तारी का बड़ा कारण बनी है। सीबीआई ने माना है कि शराब घोटाले में सरकार का टैक्स दो फीसदी से बढ़ाकर 12 फीसदी करने और उसमें से अवैध तरीके से करोड़ों का पैसा वसूल करने की पूरी साजिश रचने में स्वयं सिसोदिया शामिल थे। यदि यह आरोप अदालत में साबित होता है तो सिसोदिया लंबे समय के लिए कानूनी पचड़े में फंस सकते हैं। 

फंस सकते हैं केजरीवाल
कानून के जानकारों के मुताबिक, इस मामले में सीबीआई ने अभी सीधे तौर पर अरविंद केजरीवाल को अभियुक्त नहीं बनाया गया है, लेकिन केजरीवाल दिल्ली सरकार के मुखिया हैं और सरकार की नीतियों को बनाने में उनकी सबसे अहम भूमिका होती है, यदि किसी अभियुक्त ने इस मामले में उनका नाम भी ले लिया तो उनकी मुसीबतें भी बढ़ सकती हैं। 

गुजरात चुनाव के समय ही हो सकती थी गिरफ्तारी
आम आदमी पार्टी सूत्रों के मुताबिक, केंद्र सरकार गुजरात चुनाव के समय ही मनीष सिसोदिया को गिरफ्तार करने की तैयारी कर चुकी थी, लेकिन उसे इस बात का डर सता रहा था कि चुनावों के दौरान सिसोदिया को गिरफ्तार करने से आम आदमी पार्टी को गुजरात विधानसभा चुनावों के साथ-साथ दिल्ली नगर निगम के चुनावों में भी विक्टिम कार्ड खेलने का राजनीतिक लाभ मिल सकता था। यही कारण है कि सिसोदिया को उस समय गिरफ्तार नहीं किया गया। अब चूंकि सीधे तौर पर कोई चुनाव सामने नहीं हैं, उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।       

राजनीतिक लाभ की आशंका कितनी?
चूंकि, इस समय सीधे तौर पर सामने कोई चुनाव नहीं है, लिहाजा आम आदमी पार्टी सीधे तौर पर इसका राजनीतिक लाभ नहीं उठा सकती है, लेकिन पार्टी इस साल ही राजस्थान और छत्तीसगढ़ के विधानसभा चुनावों में उतरने की योजना बना रही थी। मनीष सिसोदिया अरविंद केजरीवाल के थिंक टैंक के बेहद अहम सदस्य थे। माना जा रहा है कि इससे आम आदमी पार्टी की आगामी चुनावी तैयारियों पर असर पड़ सकता है। 

स्वास्थ्य मॉडल के बाद शिक्षा मॉडल पर भी प्रश्न
अरविंद केजरीवाल चुनावों के दौरान दिल्ली सरकार के शिक्षा मॉडल और स्वास्थ्य के मॉडल को भुनाने की कोशिश करते थे। वे मनीष सिसोदिया को दूसरे राज्यों के चुनाव प्रचारों में सबसे आगे खड़ा कर उनके सहारे अपनी पार्टी का प्रचार अभियान आगे बढ़ाते थे, लेकिन दिल्ली सरकार का स्वास्थ्य मॉडल सत्येंद्र जैन की गिरफ्तारी के बाद से ही सवालों के घेरे में आ चुका था, अब मनीष सिसोदिया की गिरफ्तारी के बाद शिक्षा मॉडल पर भी सवाल खड़े हो चुके हैं। जाहिर है कि अब यदि अरविंद केजरीवाल इन नेताओं को अपने मंच पर जगह देंगे तो जनता के बीच उसकी एक बेहतर छवि नहीं जाएगी। 

आम आदमी पार्टी ने दी प्रतिक्रिया
अरविंद केजरीवाल सहित आम आदमी पार्टी नेताओं ने रविवार सुबह से ही सिसोदिया के जेल जाने की भविष्यवाणी करनी शुरू कर दी थी। सिसोदिया के गिरफ्तारी के बाद आम आदमी पार्टी नेताओं ने प्रेस कांफ्रेंस कर कहा कि यह पूरा राजनीतिक ड्रामा भाजपा के इशारे पर रचा जा रहा है। पार्टी नेता सौरभ भारद्वाज ने कहा कि सिसोदिया के विरुद्ध कोई प्रमाण नहीं मिला है, लेकिन केवल बयानों के आधार पर उन्हें हिरासत में लेने का नाटक किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बार-बार पूछताछ के बहाने सिसोदिया को लंबे समय तक जेल में रखे जाने की रणनीति तैयार की जा चुकी है। 

सौरभ भारद्वाज ने कहा कि भाजपा को कांग्रेस या राहुल गांधी से कोई डर नहीं है। केवल अरविंद केजरीवाल के बढ़ते राजनीतिक प्रभाव के कारण भाजपा डर रही थी। यही कारण है कि भाजपा के इशारे पर अरविंद केजरीवाल को फंसाने की कोशिश की जा रही है। मनीष सिसोदिया के घर पर अरविंद केजरीवाल और भगवंत मान के पेश होने के साथ ही आम आदमी पार्टी ने इसका भावनात्मक लाभ लेने की तैयारी शुरू हो चुकी है।

भाजपा ने क्या कहा?
वहीं, भाजपा ने कहा है कि आम आदमी पार्टी और उसके नेताओं को विक्टिम कार्ड खेलना बंद करना चाहिए। भाजपा नेता संबित पात्रा ने कहा कि मनीष सिसोदिया ने दिल्ली की जनता के सैकड़ों करोड़ रूपये का गबन किया है। उन्होंने भाजपा या दिल्ली की जनता को सवालों का जवाब नहीं दिया। लेकिन अब उन्हें जांच एजेंसियों के सामने इन प्रश्नों का जवाब देना पड़ेगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

Next Article

Followed