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Manipur: मणिपुर की घटना पर पीएम मोदी के गुस्से से 12 घंटे पहले क्या हुआ था, किसने किए थे वे दो ट्वीट?

Jitendra Bhardwaj जितेंद्र भारद्वाज
Updated Thu, 20 Jul 2023 01:24 PM IST
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सार
Manipur: राहुल गांधी ने अपने ट्वीट में कहा था, पीएम की चुप्पी और निष्क्रियता ने मणिपुर को अराजकता की ओर धकेल दिया है। जब मणिपुर में भारत के विचार पर हमला किया जा रहा है, तो भारत चुप नहीं रहेगा। हम मणिपुर के लोगों के साथ खड़े हैं...
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Manipur: What happened 12 hours before PM Modi anger over Manipur incident, who did those two tweets?
Manipur Woman Video - फोटो : Amar Ujala/ Himanshu Bhatt

विस्तार

संसद सत्र के पहले ही दिन कांग्रेस सहित दूसरे विपक्षी दलों ने मणिपुर की घटना को लेकर अपना गुस्सा जाहिर किया है। हालांकि सत्र के प्रारंभ होने से पहले पीएम मोदी ने मणिपुर की घटना को लेकर बयान दिया है। उन्होंने कहा, मेरा हृदय आज पीड़ा से भरा है, क्रोध से भरा है। मणिपुर की घटना किसी भी सभ्य समाज के लिए शर्मसार करने वाली घटना है। पाप करने वाले कितने हैं और कौन हैं, ये अपनी जगह है। ये बेइज्जती पूरे देश की हो रही है। 140 करोड़ भारतीयों को शर्मसार होना पड़ा है। जिस वक्त पीएम मोदी ने यह बात कही, उससे 12 घंटे पहले दो नेताओं के ट्वीट काफी चर्चा में रहे थे। इनमें से एक ट्वीट राहुल गांधी ने किया, तो दूसरा उनकी बहन प्रियंका गांधी ने किया था।

यह भी पढ़ें: Manipur Woman Video: मणिपुर में महिला के साथ हुई दरिंदगी पर हंगामा, संसद में घमासान के आसार

राहुल गांधी ने अपने ट्वीट में कहा था, पीएम की चुप्पी और निष्क्रियता ने मणिपुर को अराजकता की ओर धकेल दिया है। जब मणिपुर में भारत के विचार पर हमला किया जा रहा है, तो भारत चुप नहीं रहेगा। हम मणिपुर के लोगों के साथ खड़े हैं। शांति ही आगे बढ़ने का एकमात्र रास्ता है। इससे कुछ देर पहले ही उनकी बहन एवं कांग्रेस पार्टी की महासचिव प्रियंका गांधी ने भी एक ट्वीट किया था। उन्होंने लिखा, मणिपुर से आ रही महिलाओं के खिलाफ यौन हिंसा की तस्वीरें दिल दहला देने वाली हैं। महिलाओं के साथ घटी इस भयावह हिंसा की घटना की जितनी निंदा की जाए कम है। समाज में हिंसा का सबसे ज्यादा दंश महिलाओं और बच्चों को झेलना पड़ता है। हम सभी को मणिपुर में शांति के प्रयासों को आगे बढ़ाते हुए हिंसा की एकस्वर में निंदा करनी पड़ेगी। केंद्र सरकार, प्रधानमंत्री जी आखिर मणिपुर की हिंसक घटनाओं पर आंख मूंद कर क्यों बैठे हैं? क्या इस तरह की तस्वीरें और हिंसक घटनाएं उन्हें विचलित नहीं करतीं?

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, मैं सभी मुख्यमंत्रियों से कहता हूं कि कानून-व्यवस्था को मजबूत करें। माताओं-बहनों की रक्षा के लिए सख्त कदम उठाएं। इस देश में हिंदुस्तान के किसी भी कोने या किसी भी राज्य सरकार में राजनीतिक वाद-विवाद से ऊपर उठकर कानून-व्यवस्था और बहनों का सम्मान प्राथमिकता है। किसी भी गुनहगार को बख्शा नहीं जाएगा। मणिपुर की बेटियों के साथ जो हुआ, उसे कभी माफ नहीं किया जा सकता।

इससे पहले कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने गुरुवार को अपने ट्वीट में लिखा, केंद्र और भाजपा ने लोकतंत्र और कानून के शासन को भीड़तंत्र में बदल दिया है। मणिपुर में मानवता मर गई है। मोदी सरकार और भाजपा ने राज्य के नाजुक सामाजिक ताने-बाने को नष्ट करके लोकतंत्र और कानून के शासन को भीड़तंत्र में बदल दिया है। नरेंद्र मोदी जी, भारत आपकी चुप्पी को कभी माफ नहीं करेगा। अगर आपकी सरकार में जरा भी विवेक या शर्म बची है, तो आपको संसद में मणिपुर के बारे में बोलना चाहिए। देश को बताना चाहिए कि क्या हुआ, केंद्र और राज्य दोनों में अपनी दोहरी अक्षमता के लिए दूसरों को दोष दिए बिना। आपने अपनी संवैधानिक जिम्मेदारी छोड़ दी है। संकट की इस घड़ी में, हम मणिपुर के लोगों के साथ खड़े हैं।

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