मणिपुर हिंसा: घर लौटने लगे लोग, सेना कर रही विश्वास बहाली की कोशिश
सेना के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल महेंद्र रावत ने बताया कि मणिपुर में स्थायी शांति के लिए सेना ने सुरक्षा तंत्र को और मजबूत करना शुरू कर दिया है। इस कारण अब धीरे-धीरे शांति लौटने लगी है। जो लोग फंसे हुए हैं, उन्हें निकालने का काम भी जारी है...
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
हिंसाग्रस्त मणिपुर में धीरे-धीरे शांति बहाल होने लगी है। लोग अब घरों की ओर लौटने लगे हैं। लोगों में किसी तरह का डर न हो, इसके लिए सेना गांवों में व्यक्तिगत तौर पर लोगों से बातचीत कर रही है। इस बीच, फिर कोई गड़बड़ी नहीं हो इसके लिए सेना, वायुसेना, प्रशासन और असम राइफल्स के जवान चौबीसों घंटे जमीन और आसमान से निगरानी रख रहे हैं।
सेना के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल महेंद्र रावत ने बताया कि मणिपुर में स्थायी शांति के लिए सेना ने सुरक्षा तंत्र को और मजबूत करना शुरू कर दिया है। इस कारण अब धीरे-धीरे शांति लौटने लगी है। जो लोग फंसे हुए हैं, उन्हें निकालने का काम भी जारी है। फिर से कोई घटना नहीं घटे, इसके लिए सेना न केवल भीतरी इलाकों में बल्कि भारत-म्यांमार सीमा पर भी नजर बनाए हुए है। इसके लिए मानव रहित विमान, वायु सेना के एमआई 17 और चीता हेलीकॉप्टरों से दिन-रात निगरानी रखी जा रही है। सेना के जवान लगातार फ्लैग मार्च कर रहे हैं। मणिपुर में करीब 128 सेना और असम राइफल्स की टुकड़ियों, मानव रहित विमान और हेलीकॉप्टर इस कार्रवाई में लगाए गए हैं।
इस बीच, सेना ने लोगों में विश्वास जगाने के उद्देश्य से गांव-गांव जाकर एक-एक व्यक्ति से बातचीत शुरू की है। सेना ने सभी से अपील की है कि अराजक तत्व फिर से माहौल को बिगाड़ने की कोशिश कर सकते हैं। इसलिए किसी भी अफवाह पर विश्वास न करें। किसी भी तरह की गलत या भड़काउ बयानबाजी से भी बचने की सलाह दी है।
ऑपरेशन कोहिमा कॉलिंग: सुरक्षाबलों ने 1229 लोगों को निकाला
मणिपुर हिंसा के दौरान ऑपरेशन कोहिमा कॉलिंग के तहत असम राइफल्स, "पूर्वोत्तर लोगों के मित्र" ने मणिपुर संकट के दौरान छह से दस मई के बीच 1229 लोगों को निकाला और सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया। रक्षा प्रवक्ता ने बताया कि मणिपुर में जारी तनावपूर्ण स्थिति के बीच मणिपुर में नागालैंड के कई लोग फंसे हुए थे। इन लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए स्पीयर कॉर्प्स के तत्वावधान में असम राइफल्स ने दो चरणों में 'ऑपरेशन कोहिमा कॉलिंग' चलाया। पहले चरण में 676 व्यक्तियों और दूसरे चरण के दौरान 553 व्यक्तियों को निकाला गया। दूसरे चरण योरिपोक की 47 कोन्याक लड़कियों को निकाला गया। जानकारी के मुताबिक बचाव दल इन लड़कियों को निकालने के लिए थौबल जिले के अंदरूनी इलाकों में गया था। ये सभी एक फैक्ट्री में काम करती थीं।