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Manipur: मणिपुर हिंसा में अब तक 58 हजार से अधिक विस्थापित, 217 की मौत; विधायक की मौत पर चुराचांदपुर में बंद
Thu, 23 Apr 2026 05:11 AM IST
Nirmal Kant
ब्यूरो, इंफाल।
ब्यूरो, इंफाल।
Published by: Nirmal Kant
Updated Thu, 23 Apr 2026 05:11 AM IST
सार
मणिपुर में मई 2023 में शुरू हुई जातीय हिंसा के कारण बड़ी संख्या में लोग अपने घर छोड़ने को मजबूर हुए,जबकि 200 से अधिक लोगों को अपनी जान भी गंवानी पड़ी। राज्य के गृह विभाग ने एक आरटीआई के जवाब में इसकी पुष्टि की। उधर, चुराचांदपुर में विधायक की मौत के बाद 13 घंटे का बंद रखा गया। पढ़िए रिपोर्ट-
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मणिपुर हिंसा (सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : एएनआई (फाइल)
विस्तार
मणिपुर में मई 2023 से भड़की जातीय हिंसा के चलते अब तक 58,821 लोग विस्थापित हो चुके हैं। राज्य सरकार के गृह विभाग ने आरटीआई के जवाब में यह जानकारी दी है। यह आंकड़े 3 मई 2023 से 30 मार्च 2026 तक की अवधि के हैं। विभाग के अनुसार, हिंसा से जुड़ी घटनाओं में अब तक 217 लोगों की मौत हुई है, जिनके परिजनों को अनुग्रह राशि दी गई है। इसके अलावा बड़ी संख्या में लोग घायल भी हुए हैं।
राज्य में राहत के लिए 10 मार्च 2026 तक कुल 174 राहत शिविर संचालित किए जा रहे हैं। विस्थापित लोगों के पुनर्वास के लिए मणिपुर पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन लिमिटेड की ओर से 3,000 प्री-फैब्रिकेटेड घर बनाए गए हैं। बता दें कि हिंसा के कारण भारी संपत्ति नुकसान भी हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक 7,894 स्थायी घर पूरी तरह नष्ट हो गए, जबकि 2,646 घर आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं। कांग्रेस नेता हरेश्वर गोस्वामी ने सोशल मीडिया पर एक बयान में कहा कि यह जानकारी प्राप्त करने में उन्हें सात महीने का समय लगा।
विधायक वुंगजागिन वाल्टे की मौत पर इंसाफ की मांग को लेकर चुराचांदपुर में 13 घंटे का बंद
मणिपुर के चुराचांदपुर जिले में भाजपा विधायक वुंगजागिन वाल्टे की मौत के मामले में न्याय की मांग को लेकर बुधवार को 13 घंटे का पूर्ण बंद रहा। जोमी समूहों द्वारा बुलाए गए इस बंद को कुकी और हमार संगठनों का भी समर्थन मिला। सुबह 5 बजे से शाम 6 बजे तक चले इस बंद के दौरान बाजार, स्कूल, दफ्तर और सार्वजनिक परिवहन पूरी तरह ठप रहे। तिपाईमुख और गुइते रोड पर भी सन्नाटा पसरा रहा।
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ये भी पढ़ें: अश्विनी वैष्णव बोले- रेल की पटरियां होंगी स्मार्ट, देखरेख के लिए नया सिस्टम लाने की तैयारी
जोमी समन्वय समिति के अनुसार, वाल्टे के निधन को 60 दिन बीत चुके हैं, लेकिन अब तक कोई संतोषजनक कार्रवाई नहीं हुई है। मई 2023 में भीड़ के हमले में घायल हुए वाल्टे की 20 फरवरी, 2026 को गुरुग्राम के एक अस्पताल में मौत हो गई थी। बंद के दौरान शांति बनी रही और केवल एम्बुलेंस जैसी आपातकालीन सेवाओं को ही छूट दी गई। आयोजकों ने चेतावनी दी है कि न्याय मिलने तक प्रदर्शन जारी रहेगा।
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राज्य में राहत के लिए 10 मार्च 2026 तक कुल 174 राहत शिविर संचालित किए जा रहे हैं। विस्थापित लोगों के पुनर्वास के लिए मणिपुर पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन लिमिटेड की ओर से 3,000 प्री-फैब्रिकेटेड घर बनाए गए हैं। बता दें कि हिंसा के कारण भारी संपत्ति नुकसान भी हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक 7,894 स्थायी घर पूरी तरह नष्ट हो गए, जबकि 2,646 घर आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं। कांग्रेस नेता हरेश्वर गोस्वामी ने सोशल मीडिया पर एक बयान में कहा कि यह जानकारी प्राप्त करने में उन्हें सात महीने का समय लगा।
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विधायक वुंगजागिन वाल्टे की मौत पर इंसाफ की मांग को लेकर चुराचांदपुर में 13 घंटे का बंद
मणिपुर के चुराचांदपुर जिले में भाजपा विधायक वुंगजागिन वाल्टे की मौत के मामले में न्याय की मांग को लेकर बुधवार को 13 घंटे का पूर्ण बंद रहा। जोमी समूहों द्वारा बुलाए गए इस बंद को कुकी और हमार संगठनों का भी समर्थन मिला। सुबह 5 बजे से शाम 6 बजे तक चले इस बंद के दौरान बाजार, स्कूल, दफ्तर और सार्वजनिक परिवहन पूरी तरह ठप रहे। तिपाईमुख और गुइते रोड पर भी सन्नाटा पसरा रहा।
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जोमी समन्वय समिति के अनुसार, वाल्टे के निधन को 60 दिन बीत चुके हैं, लेकिन अब तक कोई संतोषजनक कार्रवाई नहीं हुई है। मई 2023 में भीड़ के हमले में घायल हुए वाल्टे की 20 फरवरी, 2026 को गुरुग्राम के एक अस्पताल में मौत हो गई थी। बंद के दौरान शांति बनी रही और केवल एम्बुलेंस जैसी आपातकालीन सेवाओं को ही छूट दी गई। आयोजकों ने चेतावनी दी है कि न्याय मिलने तक प्रदर्शन जारी रहेगा।
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