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Manipur: चुराचांदपुर में राहुल ने राहत शिविर में रह रहे लोगों से की बात; ट्वीट कर सरकार पर साधा निशाना

Thu, 29 Jun 2023 10:58 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंफाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंफाल Published by: निर्मल कांत Updated Thu, 29 Jun 2023 10:58 PM IST
सार

राहुल का मणिपुर जाने का फैसला तब सामने आया है, जब हाल ही में केंद्रीय गृहमंत्री ने मणिपुर के हालात पर सर्वदलीय बैठक की थी। तीन मई के बाद से जातीय हिंसा में घिरे पूर्वोत्तर राज्य में कांग्रेस नेता की यह पहली यात्रा है।

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Rahul Gandhi Manipur Visit Today Over Manipur Violence Know Latest Updates in Hindi
Rahul Gandhi - फोटो : ANI

विस्तार

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और पूर्व सांसद राहुल गांधी गुरुवार को मणिपुर पुहंचे। इंफाल पहुंचने के बाद वह राहत शिविरों का दौरा करने के लिए चुराचांदपुर की ओर जा रहे थे। तभी रास्ते में पुलिस ने उनके काफिले को रोक दिया। काफी देर बाद जब पुलिस से इजाजत नहीं मिली तो वे इंफाल लौट आए और जैसाकि स्थानीय प्रशासन ने उनसे अनुरोध किया था, उस हिसाब से चॉपर के जरिए चुराचांदपुर रवाना हुए। कांग्रेस नेता राहुल गांधी गुरुवार को बिष्णुपुर इलाके में पुलिस द्वारा उनके काफिले को रोके जाने के बाद हिंसा के डर से मणिपुर के चुराचांदपुर के लिए हेलिकॉप्टर से गए। इस दौरान उन्होंने दो राहत शिविरों का दौरा किया और पीड़ित परिवारों से मुलाकात की।

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जानकारी के मुताबिक राहुल गांधी ने अपने चुराचांदपुर दौरे के दौरान दो राहत शिविरों में गए। वे टुईबंग बंग स्थित ग्रीनवूड रीलिफ कैंप और हियांगताम स्थित गवर्नमेंट कॉलेज का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने लोगों से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने हियांगताम स्थित वाईपीए हॉल में सीएसओ नेताओं वाईपीए हॉल में पीड़ित परिवारों के सदस्यों से मुलाकात की।
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राहुल गांधी ने किया ट्वीट
चूराचांदपुर में राहुल गांधी ने राहत शिविर कैंप में रह रहे पीड़ितों के साथ मुलाकात की। वहीं, मुलाकात के बाद ट्वीट कर उन्होंने भाजपा सरकार पर निशाना साधा। राहुल गांधी ने कहा, यह बहुत दुखद है कि सरकार मुझे रोकने का प्रयास कर रही थी। जबकि मैं यहां आपकी समस्याओं को सुनने आया हूं। राहुल गांधी ने कहा कि मैंने इस हिंसा की गंभीरता को समझा। इसलिए मैं यहां आप सभी की बातों को सुनने आया हूं ताकि फिर से मणिपुर में शांति बहाली हो। मैं आपकी बातों को दिल से सुनना चाहता हूं और जानना चाहता हूं कि यहां क्या कुछ हुआ। मैं आप लोगों के साथ हूं। मैंने दो राहत कैंपों का दौरा किया। मैंने देखा कि आप सभी बहुत कठिन समय से गुजर रहे हैं। उन्होंने कहा, मैं यहां मणिपुर के भाइयों और बहनों की बात सुनने आया हूं। यहां के सभी समुदायों के बहुत अच्छे और सुसंस्कृत हैं। यह बहुत ही दुखद है कि सराकर मुझे रोकने का प्रयास कर रही थी। मणिपुर को हीलिंग की जरूरत है।

 
क्या था मामला?
इससे पहले इंफाल से करीब 20 किलोमीटर पहले विष्णुपुर जिले में राहुल के काफिले को रोका गया था। पुलिस इलाके में हिंसा और आगजनी की घटनाओं को देखते हुए उन्हें आगे जाने की इजाजत नहीं दे रही थी। काफी देर तक इजाजत नहीं मिलने के बाद राहुल इंफाल लौट आए थे। इस बीच नाराज कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मौके पर जमकर हंगामा किया। बताया जा रहा है कि कार्यकर्ताओं ने पुलिस बैरिकैडिंग तोड़ने की कोशिश की। हालात काबू में करने के लिए पुलिस को सख्ती बरतनी पड़ी। पुलिस ने कार्यकर्ताओं को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले भी दागे।

पुलिस ने कही यह बात
वहीं, पुलिस की ओर से भी मामले की जानकारी दी गई। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि रास्ते में हिंसा की आशंका के चलते काफिले को रोका गया। बिष्णुपुर जिले के उटलू गांव के पास राजमार्ग पर टायर जलाए गए और काफिले पर कुछ पत्थर भी फेंके गए। हमें ऐसी घटनाओं के दोहराए जाने की आशंका है। इसलिए एहतियात के तौर पर हमने काफिले को बिष्णुपुर में रुकने का अनुरोध किया है।

कांग्रेस ने लगाए गंभीर आरोप
  • इस बीच कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने बताया कि राहुल गांधी के काफिले को बिष्णुपुर के पास पुलिस ने रोक दिया है। पुलिस का कहना है कि वे हमें इजाजत देने की स्थिति में नहीं हैं। राहुल गांधी का अभिवादन करने  लिए लोग सड़क के दोनों ओर खड़े हैं। हम समझ नहीं पा रहे हैं कि उन्होंने हमें क्यों रोका है? 
  • उन्होंने कहा कि राहुल गांधी का यह दौरा पीड़ित लोगों से मुलाकात करने के लिए है। हमने करीब 20-25 किलोमीटर का सफर तय किया, लेकिन कहीं भी सड़क जाम नहीं हुई। राहुल गांधी कार के अंदर बैठे हैं। मुझे नहीं पता कि स्थानीय पुलिस को किसने निर्देश दिया।
  • कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने ट्वीट किया कि प्रधानमंत्री चुप रहना चुन सकते हैं, लेकिन मणिपुरी समाज के सभी वर्गों को सुनने और उनकी मदद करने के राहुल गांधी के प्रयासों को क्यों रोका जा रहा है?

भाजपा ने किया पलटवार
इस बीच भाजपा ने कांग्रेस के आरोपों पर पलटवार किया। पार्टी प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा कि राहुल गांधी को किसी ने नहीं रोका। वहां के स्थानीय संगठनों ने राहुल के दौरे का विरोध किया। इनमें कई छात्र संगठन भी हैं। छात्र सड़क पर राहुल से सवाल पूछ रहे थे। पुलिस ने ऐहतियात के तौर पर उनसे सड़क मार्ग की जगह हेलीकॉप्टर के जरिए आगे बढ़ने की अपील की।
 

पात्रा ने कहा, जिद की तुलना में संवेदनशीलता कहीं अधिक महत्वपूर्ण है। जब मणिपुर में स्थिति ऐसी है, तो थोड़ी संवेदनशीलता होनी चाहिए, जिद नहीं। हम एक लोकतांत्रिक देश हैं, राहुल गांधी को मणिपुर जाने से किसी ने नहीं रोका लेकिन राज्य में प्रशासन ने बताया कि राहुल गांधी के मणिपुर दौरे की खबरों के बीच काफी विरोध प्रदर्शन हुए हैं।

उन्होंने कहा, मणिपुर की स्थिति विरासत के मुद्दे के कारण है, जिसमें कांग्रेस ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। मैं उन मुद्दों का हवाला नहीं देना चाहता क्योंकि उनसे संवेदनशीलता जुड़ी हुई है। ऑल मणिपुर स्टूडेंट्स यूनियन ने कल एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान राहुल गांधी की यात्रा का बहिष्कार करने की मांग की और विरासत के उन मुद्दों को गिनाया। कई नागरिक संगठनों ने भी आह्वान किया था कि राहुल गांधी को मणिपुर आकर चिंगारी नहीं भड़कानी चाहिए। राहुल गांधी का व्यवहार बेहद गैर जिम्मेदाराना है। मैंने हमेशा कहा है, राहुल गांधी और जिम्मेदारी कभी एक साथ यात्रा नहीं करते हैं।

क्या है राहुल गांधी का कार्यक्रम?
दरअसल, राहुल गांधी आज और कल यानी 29-30 जून को मणिपुर में रहेंगे। इस दौरान वह राहत शिविरों का दौरा करेंगे। वे इंफाल और चुराचांदपुर में नागरिक समाज के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत करेंगे। वे राहत शिविरों का दौरा भी करेंगे।

सर्वदलीय बैठक के बाद पहुंचे मणिपुर
राहुल का मणिपुर जाने का फैसला तब सामने आया है, जब हाल ही में केंद्रीय गृहमंत्री ने मणिपुर के हालात पर सर्वदलीय बैठक की थी। तीन मई के बाद से जातीय हिंसा में घिरे पूर्वोत्तर राज्य में कांग्रेस नेता की यह पहली यात्रा है। कांग्रेस ने राज्य की वर्तमान स्थिति के लिए भाजपा और उसकी 'विभाजनकारी राजनीति' को जिम्मेदार ठहराया है। इसके अलावा कांग्रेस ने मांग की है कि राज्य के मुख्यमंत्री को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त किया जाए। वहां शांति बहाली के लिए सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल को भेजा जाए।   



मणिपुर हिंसा में चीन का हाथ: राउत
राहुल के दौरे पर उद्धव ठाकरे गुट के सांसद संजय राउत ने कहा कि मणिपुर जल रहा है और प्रधानमंत्री, गृह मंत्री और रक्षा मंत्री हवा में बाते कर रहे हैं। हमें लगा था कि PM अमेरिका जाने से पहले मणिपुर जाएंगे और वहां की जनता से बातचीत करेंगे और गृह मंत्री ने भी बैठक बुलाई थी, लेकिन कोई हल नहीं निकला। हमारी मांग थी कि सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल आप मणिपुर ले जाए और जनता के साथ हम संवाद प्रस्ताव करें, लेकिन प्रधानमंत्री न और कोई इस बारे में बोल रहें। मणिपुर हिंसा में चीन का हाथ है, लेकिन सरकार चीन का नाम लेने को तैयार नहीं है। अगर इस स्थिति में राहुल गांधी मणिपुर जाते हैं और वहां के लोगों से बातचीत करते हैं और शांति प्रस्तावित होती है तो हम उनके दौरे का स्वागत करते हैं 

डबल इंजन की सरकार ट्रिपल समस्या वाली सरकार
वहीं, नगालैंड के AICC प्रभारी अजय कुमार ने कहा कि केंद्र सरकार मणिपुर को खबरों से गायब कराने की कोशिश रही है। राहुल गांधी और कांग्रेस देश का ध्यान मणिपुर पर केंद्रीत कराने की कोशिश कर रही है। मणिपुर में 200 से अधिक लोगों की हत्या हुईं, 1000 से ऊपर घर जले, 700 से अधिक पूजा घर, गिरजाघर तोड़े गए। राज्य में कानून-व्यवस्था धवस्त हो चुकी है। यह डबल इंजन की सरकार ट्रिपल समस्या वाली सरकार बन चुकी है। राहुल गांधी पीड़ित लोगों से मिलेंगे। राहुल गांधी के दौरे से प्रधानमंत्री को सीख लेनी चाहिए, उनको कोई चिंता नहीं है।

  हाइवे पर थी ग्रेनेड हमले की आशंका: एसपी
बिष्णुपुर के एसपी हीसनाम बलराम सिंह ने कहा, 'जमीनी स्थिति को देखते हुए हमने उन्हें (राहुल गांधी) आगे बढ़ने से रोक दिया था और उन्हें हेलीकॉप्टर के माध्यम से चुराचांदपुर की यात्रा करने की सलाह दी। राहुल गांधी जिस हाईवे से गुजर रहे हैं, वहां ग्रेनेड हमले की आशंका है। उनकी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए, हमने उन्हें अनुमति नहीं दी है।'

प्रियंका गांधी ने पूछा- राहुल को क्यों रोकना चाहती है सरकार?
इस बीच, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने ट्वीट कर कहा, देश में शांति और भाईचारे के प्रयास करना हर एक देशप्रेमी का कर्तव्य है। राहुल गांधी मणिपुर के नागरिकों का दर्द साझा करने व शांति का संदेश फैलाने गए हैं। भाजपा सरकार को भी यही करना चाहिए। सरकार राहुल गांधी को क्यों रोकना चाहती है?
 
राहुल गांधी का मोइरांग दौरा रद्द 
राहुल गांधी का मोइरांग दौरा रद्द हो गया है। मणिपुर कांग्रेस अध्यक्ष कीशम मेघचंद्र ने इसके बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रशासन ने उन्हें न तो सड़क से और न ही हवाई रास्ते से मोइरांग आने की इजाज़त दी। वह सिर्फ चुराचांदपुर में ही हिंसा प्रभावित लोगों से मिल सके। वह इम्फाल लौट रहे हैं और रात में वहीं आराम करेंगे। यह स्पष्ट नहीं है कि वह कल के लिए निर्धारित अपनी यात्राओं को जारी रख पाएंगे या नहीं। 
 

मणिपुर में राहुल के काफिले को रोकना बीजेपी की हताशा 
मणिपुर के बिष्णुपुर के पास कांग्रेस नेता राहुल गांधी के काफिले को पुलिस द्वारा रोके जाने के बाद टीएमसी ने गुरुवार को केंद्र पर निशाना साधा है। साथ ही आरोप लगाया कि यह भाजपा की "हताशा" को दर्शाता है। टीएमसी के राज्यसभा सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने इस मुद्दे पर कहा कि मोदी-शाह की भाजपा अब हताश है। एक महीने पहले, ममता बनर्जी ने पत्र लिखकर मणिपुर में प्रवेश की अनुमति मांगी थी। उन्हें अनुमति नहीं दी गई। अब ठीक एक महीने बाद, राहुल गांधी को भी प्रवेश से वंचित कर दिया गया। यह निश्चित रूप से सरकार में भाजपा के आखिरी 300 दिन हैं। 

वहीं, कांग्रेस ने भी केंद्र सरकार पर बड़ा हमला बोला। कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर जातीय हिंसा से प्रभावित लोगों तक गांधी को पहुंचने से रोकने के लिए "निरंकुश तरीकों" का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि सरकारी कार्रवाई पूरी तरह से अस्वीकार्य है और सभी संवैधानिक और लोकतांत्रिक मानदंडों को तोड़ देती है। 

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