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Manipur: एडीसी दफ्तर में आगजनी के आरोप में तीन गिरफ्तार; तलाशी अभियान के दौरान थौबल में हथियार जब्त
Wed, 16 Oct 2024 10:03 AM IST
श्वेता महतो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंफाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंफाल
Published by: श्वेता महतो
Updated Wed, 16 Oct 2024 10:03 AM IST
सार
26 सितंबर की रात कुछ बदमाशों ने कुंबी स्थित एसडीसी कार्यालय में आग लगा दी थी। स्थानीय लोगों और पुलिस के समय पर हस्तक्षेप से ज्यादा नुकसान नहीं हुआ। बता दें कि राज्य में पिछले साल से ही हिंसा जारी है।
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मणिपुर
- फोटो : PTI
विस्तार
मणिपुर पुलिस ने बिष्णुपुर जिले के कुंबी में तीन लोगों को गिरफ्तार किया। तीनों पर पिछले महीने अवर उपायुक्त (एडीसी) दफ्तर में आग लगाने के आरोप है। एक अधिकारी ने बुधवार को बयान जारी कर इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा उन्हें चार दिनों के लिए पुलिस कस्टडी में डाल दिया गया है। अधिकारी ने आगे बताया कि इस घटना में शामिल अन्य लोगों की गिरफ्तारी का प्रयास जारी है। बता दें कि 26 सितंबर की रात कुछ बदमाशों ने कुंबी स्थित एसडीसी कार्यालय में आग लगा दी थी। स्थानीय लोगों और पुलिस के समय पर हस्तक्षेप से ज्यादा नुकसान नहीं हुआ।
तलाशी अभियान के दौरान भारी मात्रा में हथियार बरामद
एक अन्य घटना में थौबल जिले के लीरोंगथेल पित्रा उयोक चिंग इलाकों में सुरक्षा बलों ने तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान उन्होंने भारी मात्रा में हथियार बरामद किए, जिसमें मैगजीन के साथ 7.62 मिमी एके राइफल, मैगजीन के साथ 7.62 एसएलआर राइफल, मैगजीन के साथ 9 मिमी एसएमजी राइफल, मैगजीन के साथ 9 मिमी पिस्तौल, 12 मिमी बोर सिंगल बैरल बंदूक और हैंड ग्रेनेड शामिल है।
पिछले साल से जारी है हिंसा
बता दें कि मणिपुर में पिछले साल तीन मई से ही जातीय हिंसा जारी है। दरअसल, मैतेई समुदाय को अनुसूचित जनजाति (एसटी) का दर्जा दिए जाने की मांग के विरोध में पिछले साल तीन मई को पर्वतीय जिलों में ‘आदिवासी एकजुटता मार्च’ के आयोजन के बाद झड़पें शुरू हुई थीं। राज्य में तब से अब तक कम से कम 200 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है। मरने वालों में कुकी, मैतेई समुदाय के लोगों के अलावा सुक्षा बलों के जवान भी शामिल हैं। इस हिंसा के कारण सैकड़ों लोग विस्थापित हो चुके हैं।
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तलाशी अभियान के दौरान भारी मात्रा में हथियार बरामद
एक अन्य घटना में थौबल जिले के लीरोंगथेल पित्रा उयोक चिंग इलाकों में सुरक्षा बलों ने तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान उन्होंने भारी मात्रा में हथियार बरामद किए, जिसमें मैगजीन के साथ 7.62 मिमी एके राइफल, मैगजीन के साथ 7.62 एसएलआर राइफल, मैगजीन के साथ 9 मिमी एसएमजी राइफल, मैगजीन के साथ 9 मिमी पिस्तौल, 12 मिमी बोर सिंगल बैरल बंदूक और हैंड ग्रेनेड शामिल है।
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पिछले साल से जारी है हिंसा
बता दें कि मणिपुर में पिछले साल तीन मई से ही जातीय हिंसा जारी है। दरअसल, मैतेई समुदाय को अनुसूचित जनजाति (एसटी) का दर्जा दिए जाने की मांग के विरोध में पिछले साल तीन मई को पर्वतीय जिलों में ‘आदिवासी एकजुटता मार्च’ के आयोजन के बाद झड़पें शुरू हुई थीं। राज्य में तब से अब तक कम से कम 200 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है। मरने वालों में कुकी, मैतेई समुदाय के लोगों के अलावा सुक्षा बलों के जवान भी शामिल हैं। इस हिंसा के कारण सैकड़ों लोग विस्थापित हो चुके हैं।
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