फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Manipur tribal group ITLF meets Amit Shah

Manipur Violence: मणिपुर के आदिवासी समूह ITLF ने अमित शाह से की मुलाकात, रखीं ये मांगें

Wed, 09 Aug 2023 03:24 PM IST
काव्या मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: काव्या मिश्रा Updated Wed, 09 Aug 2023 03:24 PM IST
सार

अमित शाह ने मणिपुर की स्थिति पर विचार-विमर्श करने के लिए आईटीएलएफ को दिल्ली में उनके साथ बैठक करने के लिए निमंत्रण दिया था। इस दौरान समूह ने अपनी पांच प्रमुख मांगे रखीं।

विज्ञापन
Manipur tribal group ITLF meets Amit Shah
अमित शाह - फोटो : ANI

विस्तार

मणिपुर में हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही है। ऐसे में, राज्य में शांति बहाल करने के प्रयासों के तहत राज्य के आदिवासियों के एक समूह ने आज केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। इस दौरान समूह ने अपनी कई मांगे सामने रखीं। 

विज्ञापन


पांच मांगे रखीं
इंडिजिनस ट्राइबल लीडर्स फोरम यानी आईटीएलएफ के सचिव मुआन टोम्बिंग ने बताया कि ITLF के एक प्रतिनिधिमंडल ने गृह मंत्री के साथ बातचीत की। इस दौरान आदिवासियों के समूह ने अपनी पांच प्रमुख मांगे उनके सामने रखीं। आईटीएलएफ की पांच प्रमुख मांगों में मणिपुर से पूरी तरह अलग किए जाने और कुकी-जो समुदाय के सदस्यों के शवों को दफनाए जाने की मांग शामिल हैं। बता दें, शव फिलहाल इंफाल में हैं और समूह की मांग है कि उन्हें चुराचांदपुर लाया जाए।
विज्ञापन


शवों को दफनाने को लेकर ज्ञापन
इस सप्ताह की शुरुआत में आईटीएलएफ ने केंद्रीय गृह मंत्री को दिए ज्ञापन में कहा था कि उन्होंने शवों को दफनाने की प्रकिया पांच और दिन टालने संबंधी शाह के अनुरोध पर कई पक्षकारों के साथ काफी विचार विमर्श किया। यह ज्ञापन 27 सेक्टर में स्थित असम राइफल्स मुख्यालय के जरिए भिजवाया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


गृह मंत्री ने दिया था आमंत्रण
बता दें कि आईटीएलएफ के नेता पड़ोसी राज्य मिजोरम की राजधानी आइजोल से होते हुए दिल्ली पहुंचे। शाह ने मणिपुर की स्थिति पर विचार-विमर्श करने के लिए आईटीएलएफ को दिल्ली में उनके साथ बैठक करने के लिए निमंत्रण दिया था। 

यह है मामला
गौरतलब है, मैतेई समुदाय को अनुसूचित जनजाति (एसटी) का दर्जा दिए जाने की मांग के विरोध में तीन मई को पर्वतीय जिलों में ‘आदिवासी एकजुटता मार्च’ के आयोजन के बाद झड़पें शुरू हुई थीं। राज्य में तब से अब तक कम से कम 160 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है। हिंसा में सैकड़ों लोगों की जान जा चुकी है और हजारों लोग विस्थापित हुए हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed