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मणिपुर: असम राइफल्स के काफिले पर हमला, कमांडेंट समेत पांच जवान शहीद, पीएम मोदी ने जताया दुख

Sat, 13 Nov 2021 08:38 PM IST
प्रांजुल श्रीवास्तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: प्रांजुल श्रीवास्तव Updated Sat, 13 Nov 2021 08:38 PM IST
सार

चूड़ाचंद्रपुर जिले के सिंघट इलाके में आतंकियों ने असम राइफल्स के काफिले पर घात लगाकर हमला कर दिया।

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Manipur: Terrorists ambush an army contingent, Assam Rifles colonel and many jawans injured
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

मणिपुर के चूड़ाचंद्रपुर जिले के सिंघट इलाके में शनिवार दोपहर आतंकियों ने असम राइफल्स के काफिले पर घात लगाकर हमला कर दिया। हमले में 46 असम राइफल्स के कमांडिंग अफसर समेत पांच जवान शहीद हो गए। हमले में कर्नल की पत्नी और बेटे की भी मौत हो गई। पीएम मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और मणिपुर के सीएम एन बीरेन सिंह ने इस कायराना हमले कर निंदा की है। इसके अलावा राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने भी हमले की निंदा की। उन्होंने कहा कि यह कायरतापूर्ण कृत्य आतंकवाद के सभी रूपों और अभिव्यक्तियों को जड़ से खत्म करने के हमारे संकल्प की पुष्टि करता है। 

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सेना ने बताया कि असम राइफल्स के चार कर्मचारियों, एक अधिकारी, उनकी पत्नी और उनके आठ साल के बेटे की मौत होने के अलावा चार अन्य सैनिक गंभीर रूप से घायल हुए हैं। सेना के अधिकारियों ने कहा कि आतंकवादियों ने 46 असम राइफल्स के कमांडिंग अधिकारी कर्नल विप्लव त्रिपाठी के काफिले पर पहले आईईडी धमाके किए फिर चूड़ाचांदपुर में वाहनों पर गोलीबारी की। कर्नल त्रिपाठी अपने फॉरवर्ड कंपनी बेस से बटालियन मुख्यालय लौट रहे थे।
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पीएलए और एमएनपीएफ उग्रवादी संगठनों ने ली हमले की जिम्मेदारी पूर्वोत्तर के दो प्रतिबंधित उग्रवादी संगठनों ने असम राइफल्स के काफिले पर हमले की जिम्मेदारी ली है। एक साझा बयान जारी कर पीपुल्स लिब्रेशन आर्मी (पीएलए) और मणिपुर नगा पीपुल्स फ्रंट (एमएनपीएफ)ने कहा है कि उन्होंने ने ही असम रायफल्स के काफिले पर हमला किया था। 
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राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और पीएम मोदी ने की निंदा, जताया दुख
पीएम मोदी ने कहा कि मणिपुर में असम राइफल्स के काफिले पर हुए हमले की कड़ी निंदा करता हूं। मैं उन सैनिकों और परिवार के सदस्यों को श्रद्धांजलि देता हूं जो आज शहीद हुए हैं। उनके बलिदान को कभी भुलाया नहीं जा सकेगा। दुख की इस घड़ी में मेरी संवेदनाएं शोक संतप्त परिवारों के साथ हैं।

वहीं, गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि हमारे वीर जवानों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा। आतंकियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। इस बीच, छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल ने भी घटना पर दुख जताते हुए काह कि मणिपुर हमले में छत्तीसगढ़ का एक अधिकारी शहीद हुआ है। उनका बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा। मैं परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करता हूं। 

एम बीरेन सिंह ने इस घटना को कायरतापूर्ण बताते हुए कहा, "46 असम राइफल्स के काफिले पर हुए इस कायराना हमले की कड़ी निंदा करता हूं। इसमें सुरक्षाबल के जवानों के साथ कमांडिंग अफसर और उनके परिवार की भी जान गई। राज्य के सुरक्षाबल और पैरा मिलिट्री इन आतंकियों को खोजने के काम में जुटे हैं। हमले को अंजाम देने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।"

वहीं, राजनाथ सिंह ने ट्वीट कर लिखा कि मणिपुर के चुराचांदपुर में असम राइफल्स के वीर जवानों पर कायराना हमला हुआ है। घटना को लेकर मैं बेहद दुखी हूं और घटना पर शोक व्यक्त करता हूं। देश ने सीओ समेत पांच वीर जवान और उनके परिवार के दो लोगों को खो दिया। हमले के दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।

सेना प्रमुख को दी गई जानकारी
सरकारी सूत्रों के मुताबिक, भारतीय सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे को मणिपुर आतंकवादी हमले के बारे में जानकारी दी गई है। इस हमले में शामिल आतंकवादियों को पकड़ने के लिए इलाके में अभियान शुरू कर दिया गया है। इस हमले में शामिल आतंकी फरार ना हो जाएं, इसलिए म्यांमार सीमा पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। आर्मी मुख्यालय हालात पर लगातार कड़ी नजर बनाए हुए है। 



पत्नी और बेटे के साथ कर्नल विप्लव देव। (फाइल फोटो)

कर्नल विप्लव त्रिपाठी के भाई भी सेना में अधिकारी
मणिपुर में उग्रवादियों के हमले में शहीद असम रायफल्स के कमांडर कर्नल विप्लव त्रिपाठी के भाई लेफ्टिनेंट कर्नल अनिल त्रिपाठी भी सेना में हैं। कर्नल त्रिपाठी छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के रहने वाले थे। उनका जन्म 1980 में हुआ था। उन्होंने सैनिक स्कूल रीवा में पढ़ाई की थी। असम राइफल्स में लेफ्टिनेंट कमांडेंड रहे त्रिपाठी को डिफेंस स्टडी में एमएससी करने के बाद प्रोमोशन मिला था। उनके पिता सुभाष त्रिपाठी रायगढ़ जिले के एक दैनिक समाचार पत्र के संपादक हैं और उनके दादा किशोरी मोहन त्रिपाठी, संविधान सभा के सदस्य थे। 

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