Manipur: सरकार की मंजूरी के बिना स्थान का नाम बदलने पर मिलेगी सजा, मणिपुर विधानसभा में विधेयक पास
विधेयक के अनुसार, दोषियों को तीन साल की सजा के साथ तीन लाख रुपये जुर्माना के तौर पर देना पड़ेगा। सीएम सिंह ने बताया कि विधेयक के अनुसार एक समिति का गठन किया जाएगा।
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विधेयक के पास होने पर बोले बीरेन सिंह
विधानसभा में इस विधेयक के पास होने पर सीएम बीरेन सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा, "राज्य सरकार अपनी इतिहास, संस्कृति, धरोहर और पुरखों की विरासत की रक्षा करने को लेकर बहुत गंभीर है। उन्होंने आगे कहा, हम बिना सहमति के स्थानों का नाम बदलने और उनका दुरुपयोग हम बर्दाश्त नहीं करेंगे। इसके लिए दोषियों को सजा दी जाएगी।"
The Manipur Name of Places Bill, 2024 was unanimously passed during the 12th Manipur Legislative Asembly session today.
— N.Biren Singh (@NBirenSingh) March 4, 2024
The Manipur State Government is serious about protecting our history, cultural heritage and the legacy passed down by the ancestors and forefathers.
We will… pic.twitter.com/I5gTBhIaYi
दोषियों को मिलेगी सजा
विधेयक के अनुसार, दोषियों को तीन साल की सजा के साथ तीन लाख रुपये जुर्माना के तौर पर देना पड़ेगा। सीएम सिंह ने बताया कि विधेयक के अनुसार एक समिति का गठन किया जाएगा। जिसे पूर्वोत्तर राज्यों के किसी भी स्थानों के नामों में बदलाव करने की मंजूरी का काम सौंपा जाएगा।
मुख्यमंत्री ने सोमवार को विधानसभा में कहा था, "ऐसी घटनाएं हुई हैं जिनमें चुराचांदपुर को लमका और कांगपोकपी को कांगुई कहा गया है। इसे हल्के में नहीं लिया जा सकता है।" उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने स्थानों या गांव को दिए गए सभी नाम पहले ही रद्द कर दिए हैं।