Manipur: केंद्र के साथ वार्ता के बाद आईटीएलएफ ने सामूहिक अंतिम संस्कार को रोका
भारत सरकार ने सभी संबंधित पक्षों से शांति और सांप्रदायिक सद्भाव बनाए रखने की अपील की है और आश्वासन दिया है कि वह सात दिनों की अवधि के भीतर सभी पक्षों की संतुष्टि के लिए उपरोक्त मुद्दे को सौहार्दपूर्ण ढंग से हल करने में कोई कसर नहीं छोड़ेगी...
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इंडिजिनस ट्राइबल लीडर्स फोरम (आईटीएलएफ) ने केंद्रीय गृह मंत्रालय के साथ बातचीत के बाद मणिपुर में आदिवासी पीड़ितों के सामूहिक दफन पर रोक लगा दी है। आईटीएलएफ ने पहले घोषणा की थी कि शवों के सामूहिक अंतिम संस्कार गुरुवार को चुराचांदपुर जिले के हाओलाई खोपी के पास एस बोलजांग में किया जाएगा। गृह मंत्रालय से चर्चा के बाद संगठन ने दफन को पांच दिन के लिए टाल दिया। हालांकि, उन्होंने कहा कि सरकार पांच मांगों पर लिखित आश्वासन दे।
एक पत्र में, भारत सरकार ने सभी संबंधित पक्षों से शांति और सांप्रदायिक सद्भाव बनाए रखने की अपील की है और आश्वासन दिया है कि वह सात दिनों की अवधि के भीतर सभी पक्षों की संतुष्टि के लिए उपरोक्त मुद्दे को सौहार्दपूर्ण ढंग से हल करने में कोई कसर नहीं छोड़ेगी।
मणिपुर में जातीय संघर्षों में 150 से अधिक लोगों की जान चली गई है, और साथ ही लगभग 60 हजार लोग विस्थापित हुए हैं। चर्चा के बाद आईटीएलएफ ने कहा कि वह संकट के समाधान के लिए सरकार पर दबाव बनाना जारी रखेगा।