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Manipur Clash: मणिपुर हिंसा पर शशि थरूर का भाजपा पर वार, राज्य में राष्ट्रपति शासन लाने की मांग
Sun, 07 May 2023 08:04 AM IST
श्वेता महतो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: श्वेता महतो
Updated Sun, 07 May 2023 08:04 AM IST
सार
मणिपुर में चल रही ये हिंसा मैतेई समुदाय को अनुसूचित जनजाति श्रेणी में शामिल करने के प्रस्ताव पर शुरू हुई थी। इस हिंसा के दौरान मरने वालों की संख्या शनिवार को बढ़कर 55 के करीब हो गई ।
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Shashi Tharoor
- फोटो : Social Media
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विस्तार
कांग्रेस वरिष्ठ नेता शशि थरुर ने मणिपुर में चल रहे हिंसा को लेकर भाजपा पर निशाना साधते हुए राज्य में राष्ट्रपति शासन लाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि मणिपुर की जनता भाजपा को फिर से सत्ता में लाकर घोर विश्वासघात महसूस कर रही है।
थरूर ने ट्विटर पर लिखा- "मणिपुर हिंसा को देखते हुए अब लोगों को खुद से पूछना चाहिए कि उनसे जिस सुशासन का वादा किया गया था, उसका क्या हुआ?"
उन्होंने आगे कहा- "मणिपुर की जनता भातपा को सत्ता में लाने के एक साल बाद ही विश्वासघात महसूस कर रही है। यहां राष्ट्रपति शासन का समय है, क्योंकि राज्य सरकार इन परिस्थितियों के लिए फिलहाल तैयार नहीं है।"
बता दें किमणिपुर में चल रही ये हिंसा मैतेई समुदाय को अनुसूचित जनजाति श्रेणी में शामिल करने के प्रस्ताव पर शुरू हुई थी। इस हिंसा के दौरान मरने वालों की संख्या शनिवार को बढ़कर 55 के करीब हो गई । हिंसाग्रस्त क्षेत्रों से स्थानीय लोगों को बाहर निकालकर उन्हें सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है।
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सरकार ने राज्य में रात का कर्फ्यू लगाया है और मोबाइल इंटरनेट सेवा भी बंद कर दी है। हालांकि, इन सब के बीच रविवार को सरकार ने स्थानीय लोगों को कुछ समय के लिए छूट दी है जिससे की वे अपनी जरूरत की सामान खरीदने के लिए घरों से बाहर निकल सके।
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थरूर ने ट्विटर पर लिखा- "मणिपुर हिंसा को देखते हुए अब लोगों को खुद से पूछना चाहिए कि उनसे जिस सुशासन का वादा किया गया था, उसका क्या हुआ?"
उन्होंने आगे कहा- "मणिपुर की जनता भातपा को सत्ता में लाने के एक साल बाद ही विश्वासघात महसूस कर रही है। यहां राष्ट्रपति शासन का समय है, क्योंकि राज्य सरकार इन परिस्थितियों के लिए फिलहाल तैयार नहीं है।"
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बता दें किमणिपुर में चल रही ये हिंसा मैतेई समुदाय को अनुसूचित जनजाति श्रेणी में शामिल करने के प्रस्ताव पर शुरू हुई थी। इस हिंसा के दौरान मरने वालों की संख्या शनिवार को बढ़कर 55 के करीब हो गई । हिंसाग्रस्त क्षेत्रों से स्थानीय लोगों को बाहर निकालकर उन्हें सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है।
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सरकार ने राज्य में रात का कर्फ्यू लगाया है और मोबाइल इंटरनेट सेवा भी बंद कर दी है। हालांकि, इन सब के बीच रविवार को सरकार ने स्थानीय लोगों को कुछ समय के लिए छूट दी है जिससे की वे अपनी जरूरत की सामान खरीदने के लिए घरों से बाहर निकल सके।