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मणिपुर विधानसभा सत्र से नगा विधायकों ने बनाई दूरी: लीलोन वैफेई हत्याकांड में न्याय की मांग,क्या है पूरा मामला?
Mon, 07 Sep 2026 03:27 PM IST
राहुल कुमार
अमर उजाला ब्यूरो, इंफाल
अमर उजाला ब्यूरो, इंफाल
Published by: राहुल कुमार
Updated Mon, 07 Sep 2026 03:27 PM IST
सार
दरअसल उपमुख्यमंत्री नेमचा किपगेन के पति पर कुकी उग्रवादी संगठन से संबंध का आरोप, जांच पूरी होने तक उन्हें पद से हटाने की मांग की जा रही है। विस्तार से पढ़ें पूरी खबर।
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मणिपुर विधानसभा
- फोटो : ANI
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विस्तार
मणिपुर विधानसभा के आठवें सत्र के अंतिम दिन सोमवार को नगा विधायकों ने कार्यवाही से दूरी बनाते हुए लीलोन वैफेई के कथित अपहरण और हत्या के मामले में न्याय की मांग तेज कर दी। विधायकों ने उपमुख्यमंत्री नेमचा किपगेन के पति के कुकी नेशनल फ्रंट-प्रोग्रेसिव (केएनएफ-पी) से कथित संबंधों की जांच कराने और जांच पूरी होने तक नेमचा किपगेन को उपमुख्यमंत्री पद से हटाने की मांग की।
नगा विधायक अवांगबो न्यूमैई ने पत्रकारों से कहा कि नगा विधायकों ने लीलोन वैफेई मामले में न्याय सुनिश्चित करने में विफलता के विरोध में विधानसभा की अंतिम बैठक में शामिल नहीं होने का फैसला किया। उन्होंने दावा किया कि घटना के प्रत्यक्षदर्शियों ने मामले में केएनएफ-पी के एक नेता की कथित भूमिका की ओर संकेत किया है। न्यूमैई ने आरोप लगाया कि उक्त व्यक्ति उपमुख्यमंत्री नेमचा किपगेन के पति हैं।
‘आरोपों की हो गहन जांच’
न्यूमैई ने कहा कि मामले में सामने आए आरोप गंभीर हैं और उनकी निष्पक्ष एवं गहन जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि नगा विधायक ऐसे उपमुख्यमंत्री के साथ सदन में नहीं बैठना चाहते, जिनके पति का कथित तौर पर केएनएफ-पी से संबंध बताया जा रहा है।
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नगा विधायकों ने मांग की कि लीलोन वैफेई के कथित अपहरण और हत्या की परिस्थितियों की पूरी जांच की जाए और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई हो। साथ ही, जांच पूरी होने तक नेमचा किपगेन को उपमुख्यमंत्री पद से हटाने की मांग भी की गई।
हालांकि, किपगेन के पति और केएनएफ-पी के बीच संबंध तथा लीलोन वैफेई मामले में उनकी कथित भूमिका को लेकर लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इन आरोपों की जांच के बाद ही मामले के तथ्य स्पष्ट हो सकेंगे।
पहले भी अमित शाह से कार्रवाई की मांग
मणिपुर में जातीय हिंसा और सशस्त्र संगठनों की गतिविधियों को लेकर नगा विधायकों और सरकार के बीच मतभेद पहले भी सामने आते रहे हैं। नौ नगा विधायकों, जिनमें उपमुख्यमंत्री लोसी डिखो भी शामिल हैं, ने इससे पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से कथित तौर पर नगा नागरिकों पर हमलों और हत्याओं में शामिल कुकी नेताओं के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की थी। विधायकों ने नेमचा किपगेन के खिलाफ भी आरोप लगाए थे और उनके कार्यालय तथा केएनएफ-पी के बीच कथित सांठगांठ की जांच की मांग की थी।
विधानसभा सत्र का आज अंतिम दिन
मणिपुर की 12वीं विधानसभा का आठवां सत्र दो सितंबर से शुरू हुआ था। सोमवार को सत्र का अंतिम दिन है और इस दिन तीन बैठकें निर्धारित हैं। अंतिम दिन नगा विधायकों का कार्यवाही से दूर रहना राज्य में जारी राजनीतिक और जातीय तनाव के बीच महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है।
लीलोन वैफेई मामले को लेकर नगा विधायकों का विरोध अब विधानसभा के भीतर भी दिखाई देने लगा है। उनका कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई से ही पीड़ित परिवार को न्याय मिल सकेगा।
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नगा विधायक अवांगबो न्यूमैई ने पत्रकारों से कहा कि नगा विधायकों ने लीलोन वैफेई मामले में न्याय सुनिश्चित करने में विफलता के विरोध में विधानसभा की अंतिम बैठक में शामिल नहीं होने का फैसला किया। उन्होंने दावा किया कि घटना के प्रत्यक्षदर्शियों ने मामले में केएनएफ-पी के एक नेता की कथित भूमिका की ओर संकेत किया है। न्यूमैई ने आरोप लगाया कि उक्त व्यक्ति उपमुख्यमंत्री नेमचा किपगेन के पति हैं।
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‘आरोपों की हो गहन जांच’
न्यूमैई ने कहा कि मामले में सामने आए आरोप गंभीर हैं और उनकी निष्पक्ष एवं गहन जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि नगा विधायक ऐसे उपमुख्यमंत्री के साथ सदन में नहीं बैठना चाहते, जिनके पति का कथित तौर पर केएनएफ-पी से संबंध बताया जा रहा है।
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नगा विधायकों ने मांग की कि लीलोन वैफेई के कथित अपहरण और हत्या की परिस्थितियों की पूरी जांच की जाए और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई हो। साथ ही, जांच पूरी होने तक नेमचा किपगेन को उपमुख्यमंत्री पद से हटाने की मांग भी की गई।
हालांकि, किपगेन के पति और केएनएफ-पी के बीच संबंध तथा लीलोन वैफेई मामले में उनकी कथित भूमिका को लेकर लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इन आरोपों की जांच के बाद ही मामले के तथ्य स्पष्ट हो सकेंगे।
पहले भी अमित शाह से कार्रवाई की मांग
मणिपुर में जातीय हिंसा और सशस्त्र संगठनों की गतिविधियों को लेकर नगा विधायकों और सरकार के बीच मतभेद पहले भी सामने आते रहे हैं। नौ नगा विधायकों, जिनमें उपमुख्यमंत्री लोसी डिखो भी शामिल हैं, ने इससे पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से कथित तौर पर नगा नागरिकों पर हमलों और हत्याओं में शामिल कुकी नेताओं के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की थी। विधायकों ने नेमचा किपगेन के खिलाफ भी आरोप लगाए थे और उनके कार्यालय तथा केएनएफ-पी के बीच कथित सांठगांठ की जांच की मांग की थी।
विधानसभा सत्र का आज अंतिम दिन
मणिपुर की 12वीं विधानसभा का आठवां सत्र दो सितंबर से शुरू हुआ था। सोमवार को सत्र का अंतिम दिन है और इस दिन तीन बैठकें निर्धारित हैं। अंतिम दिन नगा विधायकों का कार्यवाही से दूर रहना राज्य में जारी राजनीतिक और जातीय तनाव के बीच महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है।
लीलोन वैफेई मामले को लेकर नगा विधायकों का विरोध अब विधानसभा के भीतर भी दिखाई देने लगा है। उनका कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई से ही पीड़ित परिवार को न्याय मिल सकेगा।