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Manipur: मणिपुर में सुरक्षा बलों की कामयाबी, दो उग्रवादी गिरफ्तार; चार जिलों में पुलिस को सौंपे गए 20 हथियार
Mon, 03 Mar 2025 10:40 AM IST
पवन पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंफाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंफाल
Published by: पवन पांडेय
Updated Mon, 03 Mar 2025 10:40 AM IST
सार
मणिपुर में राज्यपाल अजय कुमार भल्ला के अपील का असर बड़े पैमाने पर देखने को मिल रहा है। राज्य में आए दिन आम लोगों की तरफ से हथियार पुलिस को सौंपे जा रहे हैं। वहीं राज्य में पुलिस की कार्रवाई भी जारी है, इस कड़ी में एक प्रतिबंधित समूह के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है।
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मणिपुर के राज्यपाल के आग्रह का असर
- फोटो : ANI
विस्तार
मणिपुर के इंफाल पूर्वी जिले में प्रतिबंधित संगठन कांगलीपाक कम्युनिस्ट पार्टी (पीपुल्स वार ग्रुप) के दो उग्रवादियों को गिरफ्तार किया गया है। मामले में एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि गिरफ्तार उग्रवादियों की पहचान युमनाम अबुंग सिंह उर्फ चिंगकपा और थांगजाम जॉयकुमार सिंह के रूप में हुई है।
किन-किन अपराधों में शामिल थे उग्रवादी
उन्होंने बताया कि उन्हें रविवार को एंड्रो इलाके में कपूर सुंगफाम के पास नगारियान हिल्स में एक पहाड़ी ठिकाने से गिरफ्तार किया गया। ये गिरफ्तार उग्रवादी कथित तौर पर हथियार और गोलाबारूद के परिवहन और सरकारी अधिकारियों, निजी फर्मों और आम जनता से जबरन वसूली में शामिल थे। उन्होंने बताया कि उनके कब्जे से दो 9 एमएम पिस्तौल, दो मैगजीन, दो चीनी हथगोले, दस 9 एमएम कारतूस, दस 5.56 एमएम इंसास कारतूस और एक इंसास राइफल मैगजीन जब्त की गई।
चार जिलों में लोगों ने 20 हथियार सौंपे
जातीय संघर्ष से ग्रस्त मणिपुर के चार जिलों में लोगों ने 20 और हथियार पुलिस को सौंपे हैं। मामले की जानकारी देते हुए पुलिस ने बताया कि, रविवार को इंफाल पूर्व और पश्चिम, बिष्णुपुर और जिरीबाम जिलों में नए हथियार पुलिस को सौंपे गए हैं। पुलिस अधिकारी ने बताया कि इंफाल पूर्व जिले के पोरोमपट में एसडीपीओ कार्यालय में दो 9 एमएम पिस्तौल समेत तीन हथियारों को सरेंडर किया गया, जबकि बिष्णुपुर जिले में बीएसएफ के समक्ष चार हथियार, तीन ग्रेनेड और अन्य सामान सरेंडर किए गए। उन्होंने बताया कि जिरीबाम, वांगोई और सेकमाई पुलिस स्टेशनों में भी हथियार सरेंडर किए गए हैं।
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राज्यपाल के आग्रह का दिखा असर
बता दें कि, राज्यपाल अजय कुमार भल्ला ने 20 फरवरी को युद्धरत समूहों से सुरक्षा बलों से लूटे गए हथियारों और अन्य अवैध रूप से रखे गए हथियारों को सात दिनों के भीतर स्वेच्छा से सरेंडर करने का आग्रह किया था। सात दिनों की अवधि के दौरान, मुख्य रूप से घाटी के जिलों में 300 से अधिक हथियारों को जनता की तरफ से लौटाए गए थे। इसके बाद राज्यपाल ने पहाड़ी और घाटी दोनों क्षेत्रों के लोगों की तरफ से अतिरिक्त समय की मांग के बाद लूटे गए और अवैध हथियारों के लौटाने की समय सीमा 6 मार्च को शाम 4 बजे तक बढ़ा दी। इसके बाद राज्य के कई हिस्सों में और अधिक हथियारों को पुलिस को सौंपा गया।
मणिपुर में 13 फरवरी से राष्ट्रपति शासन लागू
राज्य के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह के इस्तीफे के बाद केंद्र सरकार ने 13 फरवरी को राज्य में राष्ट्रपति शासन लगा दिया था। राज्य विधानसभा, जिसका कार्यकाल 2027 तक है, को निलंबित कर दिया गया है।
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किन-किन अपराधों में शामिल थे उग्रवादी
उन्होंने बताया कि उन्हें रविवार को एंड्रो इलाके में कपूर सुंगफाम के पास नगारियान हिल्स में एक पहाड़ी ठिकाने से गिरफ्तार किया गया। ये गिरफ्तार उग्रवादी कथित तौर पर हथियार और गोलाबारूद के परिवहन और सरकारी अधिकारियों, निजी फर्मों और आम जनता से जबरन वसूली में शामिल थे। उन्होंने बताया कि उनके कब्जे से दो 9 एमएम पिस्तौल, दो मैगजीन, दो चीनी हथगोले, दस 9 एमएम कारतूस, दस 5.56 एमएम इंसास कारतूस और एक इंसास राइफल मैगजीन जब्त की गई।
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चार जिलों में लोगों ने 20 हथियार सौंपे
जातीय संघर्ष से ग्रस्त मणिपुर के चार जिलों में लोगों ने 20 और हथियार पुलिस को सौंपे हैं। मामले की जानकारी देते हुए पुलिस ने बताया कि, रविवार को इंफाल पूर्व और पश्चिम, बिष्णुपुर और जिरीबाम जिलों में नए हथियार पुलिस को सौंपे गए हैं। पुलिस अधिकारी ने बताया कि इंफाल पूर्व जिले के पोरोमपट में एसडीपीओ कार्यालय में दो 9 एमएम पिस्तौल समेत तीन हथियारों को सरेंडर किया गया, जबकि बिष्णुपुर जिले में बीएसएफ के समक्ष चार हथियार, तीन ग्रेनेड और अन्य सामान सरेंडर किए गए। उन्होंने बताया कि जिरीबाम, वांगोई और सेकमाई पुलिस स्टेशनों में भी हथियार सरेंडर किए गए हैं।
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राज्यपाल के आग्रह का दिखा असर
बता दें कि, राज्यपाल अजय कुमार भल्ला ने 20 फरवरी को युद्धरत समूहों से सुरक्षा बलों से लूटे गए हथियारों और अन्य अवैध रूप से रखे गए हथियारों को सात दिनों के भीतर स्वेच्छा से सरेंडर करने का आग्रह किया था। सात दिनों की अवधि के दौरान, मुख्य रूप से घाटी के जिलों में 300 से अधिक हथियारों को जनता की तरफ से लौटाए गए थे। इसके बाद राज्यपाल ने पहाड़ी और घाटी दोनों क्षेत्रों के लोगों की तरफ से अतिरिक्त समय की मांग के बाद लूटे गए और अवैध हथियारों के लौटाने की समय सीमा 6 मार्च को शाम 4 बजे तक बढ़ा दी। इसके बाद राज्य के कई हिस्सों में और अधिक हथियारों को पुलिस को सौंपा गया।
मणिपुर में 13 फरवरी से राष्ट्रपति शासन लागू
राज्य के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह के इस्तीफे के बाद केंद्र सरकार ने 13 फरवरी को राज्य में राष्ट्रपति शासन लगा दिया था। राज्य विधानसभा, जिसका कार्यकाल 2027 तक है, को निलंबित कर दिया गया है।
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