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Hindutva: 'हिंदू महान आध्यात्मिक धर्म, हिंदुत्व राजनीतिक विचारधारा', कलकत्ता क्लब डिबेट में बोले मणिशंकर अय्यर
Mon, 12 Jan 2026 07:39 AM IST
लव गौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
Published by: लव गौर
Updated Mon, 12 Jan 2026 07:39 AM IST
सार
Mani Shankar Aiyar: कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर ने हिंदुत्व की विचारधारा की आलोचना करते हुए एक बहस के दौरान इसे एक ऐसे हिंदू धर्म के रूप में दर्शाय, जो भय की स्थिति में है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि हिंदू धर्म एक महान आध्यात्मिक धर्म है, जबकि हिंदुत्व एक राजनीतिक विचारधारा है।
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कलकत्ता क्लब की डिबेट 2026 में मणिशंकर अय्यर
- फोटो : ANI
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विस्तार
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री मणिशंकर अय्यर एक बार फिर चर्चाओं में हैं। रविवार को उन्होंने कलकत्ता क्लब की डिबेट 2026 में हिस्सा लिया, जहां उन्होंने हिंदुत्व की अवधारणा की आलोचना की। मणिशंकर अय्यर ने हिंदुत्व की विचारधारा पर तीखा प्रहार करते हुए कहा है कि हिंदू धर्म एक महान आध्यात्मिक परंपरा है, जबकि हिंदुत्व एक राजनीतिक ग्रंथ मात्र है। उन्होंने यह टिप्पणी कोलकाता क्लब में आयोजित कलकत्ता डिबेटिंग सर्कल की बहस के दौरान की, जिसका विषय 'हिंदू धर्म को हिंदुत्व से संरक्षण की आवश्यकता है' था।
हिंदू धर्म को भय की स्थिति में दिखाता है हिंदुत्व: अय्यर
बहस के दौरान मणिशंकर अय्यर ने कहा कि हिंदुत्व, हिंदू धर्म को भय की स्थिति में दिखाता है, जिसमें 80 प्रतिशत हिंदुओं को 14 प्रतिशत मुसलमानों से डराया जाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि हिंदुत्व के नाम पर समाज में असहिष्णुता और हिंसा को बढ़ावा दिया जा रहा है।
अय्यर ने कहा कि हिंदुत्व के नाम पर कभी चर्च में क्रिसमस लंच में शामिल होने पर एक आदिवासी बच्ची के साथ दुर्व्यवहार होता है, तो कभी शॉपिंग मॉल में लगे क्रिसमस की सजावट को हटाया जाता है। उन्होंने दावा किया कि विनायक दामोदर सावरकर ने बौद्ध धर्म को हिंदुओं के लिए अस्तित्वगत खतरा बताया था और उसे हिंदुत्व के विरुद्ध करार दिया था।
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मणिशंकर अय्यर ने क्या कहा?
अपने बयान में मणिशंकर अय्यर ने कहा, 'हिंदुत्व हिंदू धर्म का वह रूप है, जो एक तरह का पागलपन है। यह 80 फीसदी हिंदुओं को 14 प्रतिशत मुसलमानों के सामने कांपने के लिए कहता है। हिंदुत्व वह है जब एक भाजपा नेता एक अंधी, भूखी आदिवासी लड़की को थप्पड़ मारता है, क्योंकि वह चर्च में क्रिसमस के भोज में शामिल होती है। हिंदुत्व शॉपिंग मॉल पर धावा बोलकर क्रिसमस की सजावट तोड़ देता है। सावरकर ने बौद्ध धर्म को सभी हिंदुओं के लिए अस्तित्वगत खतरा बताया था। उन्होंने इसे हिंदुत्व का परम खंडन बताया , जो सार्वभौमिकता और अहिंसा का नशा फैलाता है। उन्होंने कहा कि यह राष्ट्रीय शक्ति और यहां तक कि हिंदू जाति के अस्तित्व के लिए भी विनाशकारी है।'
कांग्रेस नेता ने हिंदू धर्म और हिंदुत्व के बीच स्पष्ट अंतर बताया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि हिंदू धर्म एक महान आध्यात्मिक धर्म है, जबकि हिंदुत्व एक राजनीतिक विचारधारा है। उन्होंने यह भी कहा कि हिंदू धर्म ने तमाम कठिनाइयों और संघर्षों का सामना किया, फिर भी हिंदुत्व के संरक्षण के बिना ही वह जीवित रहा और फलता-फूलता रहा।
ये भी पढ़ें: 'हिंदू समाज दूसरे की वीरता से नहीं, आपसी फूट से हारा', संघ प्रमुख मोहन भागवत बोले- भेदभाव मुक्त हो भारत
हिंदुत्व तो 1923 में ही अस्तित्व में आया: अय्यर
मणिशंकर अय्यर ने कहा, 'हिंदू धर्म एक महान आध्यात्मिक धर्म है। हिंदुत्व एक राजनीतिक विचारधारा है। हिंदुत्व तो 1923 में ही अस्तित्व में आया, हिंदुत्व से पहले हजारों वर्षों तक हिंदू धर्म ने कई कठिनाइयों और संघर्षों का सामना किया और फिर भी जीवित रहा, फलता-फूलता रहा, उसे हिंदुत्व के संरक्षण की कोई आवश्यकता नहीं थी। गांधी और स्वामी विवेकानंद के हिंदू धर्म को सावरकर के हिंदुत्व द्वारा न तो संरक्षित किया जा सकता है और न ही बढ़ावा दिया जा सकता है।'
ये भी पढ़ें: मोहन भागवत बोले-मत-पंथ,भाषा,जाति अलग हो सकती है, लेकिन हिंदू पहचान हमें जोड़ती है
गोरक्षा का उठाया मुद्दा, कही ये बात
उन्होंने गोरक्षा के नाम पर होने वाली कथित हिंसाओं का जिक्र करते हुए इसे अहिंसा और हिंदू धर्म दोनों का अपमान बताया। अपने बयान में कांग्रेस नेता ने कहा कि सावरकर ने लिखा कि हिंदू हिंसा के कृत्यों के माध्यम से स्वयं को हिंदू समझते हैं। महात्मा गांधी ने लिखा कि हिंदू की सभ्यता प्राचीन है। वह मूल रूप से अहिंसक है। आपने देखा होगा कि हिंदुत्ववादी गुंडे गोमांस जमा करने, खाने या परिवहन करने के संदेह में किसी को भी पीटते हैं और यहां तक कि मार भी डालते हैं। वहीं गांधीजी ने लिखा कि गाय की रक्षा के लिए मनुष्य की हत्या करना हिंदू धर्म और अहिंसा का खंडन है।
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हिंदू धर्म को भय की स्थिति में दिखाता है हिंदुत्व: अय्यर
बहस के दौरान मणिशंकर अय्यर ने कहा कि हिंदुत्व, हिंदू धर्म को भय की स्थिति में दिखाता है, जिसमें 80 प्रतिशत हिंदुओं को 14 प्रतिशत मुसलमानों से डराया जाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि हिंदुत्व के नाम पर समाज में असहिष्णुता और हिंसा को बढ़ावा दिया जा रहा है।
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अय्यर ने कहा कि हिंदुत्व के नाम पर कभी चर्च में क्रिसमस लंच में शामिल होने पर एक आदिवासी बच्ची के साथ दुर्व्यवहार होता है, तो कभी शॉपिंग मॉल में लगे क्रिसमस की सजावट को हटाया जाता है। उन्होंने दावा किया कि विनायक दामोदर सावरकर ने बौद्ध धर्म को हिंदुओं के लिए अस्तित्वगत खतरा बताया था और उसे हिंदुत्व के विरुद्ध करार दिया था।
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मणिशंकर अय्यर ने क्या कहा?
अपने बयान में मणिशंकर अय्यर ने कहा, 'हिंदुत्व हिंदू धर्म का वह रूप है, जो एक तरह का पागलपन है। यह 80 फीसदी हिंदुओं को 14 प्रतिशत मुसलमानों के सामने कांपने के लिए कहता है। हिंदुत्व वह है जब एक भाजपा नेता एक अंधी, भूखी आदिवासी लड़की को थप्पड़ मारता है, क्योंकि वह चर्च में क्रिसमस के भोज में शामिल होती है। हिंदुत्व शॉपिंग मॉल पर धावा बोलकर क्रिसमस की सजावट तोड़ देता है। सावरकर ने बौद्ध धर्म को सभी हिंदुओं के लिए अस्तित्वगत खतरा बताया था। उन्होंने इसे हिंदुत्व का परम खंडन बताया , जो सार्वभौमिकता और अहिंसा का नशा फैलाता है। उन्होंने कहा कि यह राष्ट्रीय शक्ति और यहां तक कि हिंदू जाति के अस्तित्व के लिए भी विनाशकारी है।'
कांग्रेस नेता ने हिंदू धर्म और हिंदुत्व के बीच स्पष्ट अंतर बताया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि हिंदू धर्म एक महान आध्यात्मिक धर्म है, जबकि हिंदुत्व एक राजनीतिक विचारधारा है। उन्होंने यह भी कहा कि हिंदू धर्म ने तमाम कठिनाइयों और संघर्षों का सामना किया, फिर भी हिंदुत्व के संरक्षण के बिना ही वह जीवित रहा और फलता-फूलता रहा।
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हिंदुत्व तो 1923 में ही अस्तित्व में आया: अय्यर
मणिशंकर अय्यर ने कहा, 'हिंदू धर्म एक महान आध्यात्मिक धर्म है। हिंदुत्व एक राजनीतिक विचारधारा है। हिंदुत्व तो 1923 में ही अस्तित्व में आया, हिंदुत्व से पहले हजारों वर्षों तक हिंदू धर्म ने कई कठिनाइयों और संघर्षों का सामना किया और फिर भी जीवित रहा, फलता-फूलता रहा, उसे हिंदुत्व के संरक्षण की कोई आवश्यकता नहीं थी। गांधी और स्वामी विवेकानंद के हिंदू धर्म को सावरकर के हिंदुत्व द्वारा न तो संरक्षित किया जा सकता है और न ही बढ़ावा दिया जा सकता है।'
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गोरक्षा का उठाया मुद्दा, कही ये बात
उन्होंने गोरक्षा के नाम पर होने वाली कथित हिंसाओं का जिक्र करते हुए इसे अहिंसा और हिंदू धर्म दोनों का अपमान बताया। अपने बयान में कांग्रेस नेता ने कहा कि सावरकर ने लिखा कि हिंदू हिंसा के कृत्यों के माध्यम से स्वयं को हिंदू समझते हैं। महात्मा गांधी ने लिखा कि हिंदू की सभ्यता प्राचीन है। वह मूल रूप से अहिंसक है। आपने देखा होगा कि हिंदुत्ववादी गुंडे गोमांस जमा करने, खाने या परिवहन करने के संदेह में किसी को भी पीटते हैं और यहां तक कि मार भी डालते हैं। वहीं गांधीजी ने लिखा कि गाय की रक्षा के लिए मनुष्य की हत्या करना हिंदू धर्म और अहिंसा का खंडन है।
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