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एक ही दीवार से जुड़े हैं यहां मंदिर और मस्जिद, पंडित को मौलाना कहते हैं राम-राम
Sun, 19 May 2019 10:03 AM IST
आसिम खान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: आसिम खान
Updated Sun, 19 May 2019 10:03 AM IST
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एक ही दीवार से जुड़े मंदिर-मस्जिद
- फोटो : Social Media
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पंजाब का मुस्लिम बहुल शहर मालेरकोटला हिंदू-मुस्मिल एकता की अनूठी मिसाल पेश करता है। यहां पर मंदिर और मस्जिद के बीच की दीवार एक ही है। दीवार के इस तरफ मंदिर है तो दूसरी तरफ मस्जिद। जब शहर के मंदिर में आर्ती होती है तो उसके लिए मस्जिद की अजान थम जाती है।
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एक मुस्लिम व्यक्ति हनुमान मंदिर के बाहर प्रसाद बेचता है और एक ब्राह्मण के स्वामित्व वाली प्रेस रमजान के लिए ग्रीटिंग कार्ड छापती है। मौलाना और पुजारी चुनाव के मौसम में शहर में राजनीतिक हलचल से बेफिक्र होकर प्यार और भाईचारे के किस्से सुनाते हैं।
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इस शहर में आपसी भाईचारे की मिसाल ऐसी है कि यहां मस्जिद के मौलाना मंदिर के पंडित का अभिवादन राम-राम कहकर करते हैं। संगरुर में मलेरकोटला के सोमसोन कॉलोनी में लक्ष्मी नारायण मंदिर और अक्सा मस्जिद नौ इंच की एक ही दीवार से मिले हुए हैं। ये मंदिर तीन साल पुराना और मस्जिद 60 साल पुरानी है।
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लक्ष्मीनारायण मंदिर में पुजारी चेतन शर्मा द्वारा शिवलिंग पर चढ़ाई जाने वाली पत्तियां अक्सा मस्जिद परिसर में स्थित बेल के पेड़ से लाई जाती हैं। दिवाली और ईद पर यहां न सिर्फ आपल में मिठाइयों का आदान-प्रदान होता है बल्कि मंदिर ये भी सुनिश्चत करता है कि रमजान के दौरान लोगों को कोई परेशानी न हो।
पुजारी चेतन शर्मा ने बताया कि नमाज शुरू होने से पहले वह आरती पूरी कर लेते हैं ताकि नमाजियों को कोई असुविधा न हो। उन्होंने कहा, मौलवी साहब हर रोज ‘राम राम’ कहकर मेरा अभिवादन करते हैं। हम गांव के जीवन से लेकर भोजन तक बहुत सी चीजों के बारे में बात करते हैं लेकिन मंदिर-मस्जिद की राजनीति से दूर रहते हैं।
यह स्थान अयोध्या जैसा है, लेकिन एक शांत जगह है। मौलाना मोहम्मद हासिम का कहना है कि मस्जिद प्रशासन ने मंदिर के निर्माण के लिए बिजली और पानी उपलब्ध कराया था और इसके उद्घाटन पर मिठाइयां बांटी गई थीं। हासिम ने कहा, कोई भी राजनेता हमारे बीच दूरी पैदा नहीं कर सकता है। चुनाव आएंगे और जाएंगे, लेकिन हमें रोज एक साथ रहना है।