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Gujarat: हाईकोर्ट में ऑनलाइन हो रही थी सुनवाई, शौचालय से लाइव कॉन्फ्रेंसिंग में जुड़ गया युवक; वीडियो वायरल
Sat, 28 Jun 2025 12:01 AM IST
शिव शुक्ला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अहमदाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अहमदाबाद
Published by: शिव शुक्ला
Updated Sat, 28 Jun 2025 12:01 AM IST
सार
एक मिनट के वीडियो में दिखाया गया है कि आदमी ने मोबाइल को शौचालय के फर्श पर रखा था और कैमरा उसकी ओर था। उन्होंने शौचालय में अपना काम खत्म करने के बाद फोन उठाया और चले गए। न्यायमूर्ति देसाई ने स्पष्ट रूप से अपने कार्यों या परिवेश पर ध्यान नहीं दिया।
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टॉयलेट से अदालत की वर्चुअल सुनवाई में शामिल हुआ शख्स
- फोटो : वीडियो ग्रैब।
विस्तार
गुजरात उच्च न्यायालय की ऑनलाइन सुनवाई के दौरान एक व्यक्ति द्वारा शौचालय से शामिल होने का मामला सामने आया है। यह घटना 20 जून की है। न्यायमूर्ति निर्जर एस देसाई एक मामले की सुनवाई कर रहे थे। पीले रंग की टी-शर्ट पहने एक व्यक्ति ने मोबाइल के माध्यम से लॉग इन किया, स्क्रीन पर उसका नाम समद बैटरी था। शख्स वीडियो लिंक के जरिये कार्यवाही में भाग लेने के दौरान शौचालय की सीट पर बैठा था। इसका वीडियो वायरल हो गया।
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एक मिनट का वीडियो वायरल
लगभग एक मिनट के वीडियो में दिखाया गया है कि आदमी ने मोबाइल को शौचालय के फर्श पर रखा था और कैमरा उसकी ओर था। उन्होंने शौचालय में अपना काम खत्म करने के बाद फोन उठाया और चले गए। न्यायमूर्ति देसाई ने स्पष्ट रूप से अपने कार्यों या परिवेश पर ध्यान नहीं दिया। वायरलेस इयरफोन पहने हुए उसी व्यक्ति को बाद में लाइवस्ट्रीम में फिर से लॉग इन करते हुए एक कमरे में बैठे और अपनी बारी का इंतजार करते देखा जा सकता है। 10 मिनट बाद न्यायमूर्ति देसाई ने उसका नाम पूछा तो उसने खुद को सूरत के किम गांव निवासी अब्दुल समद और मारपीट मामले में शिकायतकर्ता बताया।
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वकीलों ने क्या कहा?
उनके वकीलों ने अदालत को बताया कि समद ने हाल में किम में दो व्यक्तियों के खिलाफ मारपीट की शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन दोनों पक्ष समझौता कर चुके हैं। दो आरोपियों द्वारा एफआईआर को रद्द करने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति देसाई ने समद से पूछा कि क्या वह इसके लिए सहमत हैं। उन्होंने अदालत को बताया कि उन्हें कोई आपत्ति नहीं है, जिसके बाद न्यायमूर्ति देसाई ने आरोपी की याचिका मंजूर कर ली।
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गौरतलब है कि कोविड-19 महामारी के बाद से गुजरात हाईकोर्ट ने वकीलों और वादियों को ऑनलाइन माध्यम से शामिल होने की अनुमति दी है और हर सुनवाई की कार्यवाही को अदालत के यूट्यूब चैनल के जरिये लाइव प्रसारित किया जाता है।