ममता बनर्जी ने कहा: मेरी लड़ाई बंगाल विरोधियों से, व्हीलचेयर पर ही करूंगी प्रदेशभर में प्रचार
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने रविवार को कहा कि वे नंदीग्राम से चुनाव लड़ रही हैं ताकि बंगाल विरोधी ताकतों से लड़ सकें। वे 14 मार्च 2007 को एक रैली के दौरान मारे गए निर्दोष लोगों के परिजनों के साथ यह लड़ाई लड़ रही हैं।
नंदीग्राम दिवस मनाया, 2007 मारे गए लोगों को याद किया
पुलिस फायरिंग में मारे गए 14 ग्रामीणों की याद में नंदीग्राम दिवस के अवसर पर तृणमूल ने मायो रोड से हाजरा मोड़ तक पांच किमी लंबा मार्च निकाला। चोट लगने और अस्पताल से छुट्टी के बाद यह उनका पहला चुनावी कार्यक्रम है।
सोशल मीडिया पर ट्वीट कर मृतकों को शृद्धांजलि देते हुए ममता ने कहा कि आज का दिन राज्य के इतिहास में काला अध्याय है। उन्हाेंने कहा कि किसान बंगाल का गौरव हैं, इसीलिए मारे गए लोगों की स्मृति में यह दिवस मनाया जाता है।
व्हीलचेयर पर ही करूंगी प्रदेशभर में प्रचार
ममता ने कहा कि मुझे चुनाव प्रचार से रोकने की उन लोगों की कोशिशें नाकाम रही। मैं व्हीलचेयर पर ही प्रदेशभर में पार्टी उम्मीदवारों के पक्ष में चुनाव प्रचार करूंगी। उन्होंने कहा कि मैंने अपनी जिंदगी में बहुत हमले झेले हैं लेकिन कभी भी किसी के सामने आत्मसमर्पण नहीं किया। मैं कभी भी अपना सिर नहीं झुकाऊंगी। जख्मी बाघ ज्यादा खतरनाक होता है। 10 मार्च को नंदीग्राम में चुनाव प्रचार के दौरान तृणमूल सुप्रीमो घायल हो गई थी।
तीसरी बार टला घोषणापत्र
तृणमूल कांग्रेस ने अपना घोषणापत्र जारी करने का कार्यक्रम तीसरी बार टाल दिया। पार्टी ने इसकी कोई वजह नहीं बताई है। ममता बनर्जी को रविवार शाम को अपने आवास पर इसे जारी करना था।
तृणमूल आयोग के नतीजे से असहमत, उच्चस्तरीय जांच हो
तृणमूल प्रवक्ता सौगत रॉय ने कहा, हम आयोग के उस नतीजे से असहमति जताते हैं, जिसमें कहा गया है कि ममता बनर्जी पर कोई हमला नहीं हुआ है। पर्यवेक्षकों की रिपोर्ट में साख का अभाव है। हमें इस मामले में उच्चस्तरीय जांच की मांग करते हैं।
नंदीग्राम के दोषियों को वोट मांगने का हक नहीं : शुभेंदु
भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी रविवार को सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस पर जमकर बरसे। उन्होंने कहा कि 2007 नंदीग्राम पुलिस फायरिंग के लिए कसूरवार अधिकारियों को पदोन्नति देने वाले ‘अवसरवादियों’ को क्षेत्र के लोगों से वोट मांगने का कोई हक नहीं है क्योंकि इन लोगों ने आंदोलनकारियों के बलिदान का अपमान किया। नंदीग्राम सीट से अपनी प्रतिद्वंद्वी ममता बनर्जी का नाम लिए बिना शुभेंदु ने कहा कि जो 12 साल के लिए नंदीग्राम को भूल गए थे, वे अब वोट मांगने यहां आ रहे हैं।