{"_id":"583812224f1c1b967413b374","slug":"mamata-banerjee-scouts-for-a-hindi-teacher","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"हिंदी सीख रही हैं ममता बनर्जी, शब्दकोश खरीदने के बाद टीचर की तलाश","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
हिंदी सीख रही हैं ममता बनर्जी, शब्दकोश खरीदने के बाद टीचर की तलाश
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Fri, 25 Nov 2016 04:19 PM IST
विज्ञापन
ममता बनर्जी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पं. बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी अपनी भाषा को लेकर काफी सतर्क रहती हैं। वह डार्जिलिंग में नेपाली बोलती हैं और मिदनापुर में संथाल बोलने की कोशिश करती हैं। उनकी इस आदत को देखने के बाद जब वह ट्वीटर पर हिंदी में ट्वीट करना शुरू की तो लोगों ने उनके अगले कदम का अंदाजा लगा लिया।
अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक, पश्चिम बंगाल में अपनी स्थिति मजबूत करने के बाद ममता बनर्जी अपनी प्रोफाइल को दिल्ली में बढ़ाना चाहती हैं। दिल्ली के जंतर-मंतर में अपनी रैली को संबोधित करने के बाद वह अगले हफ्ते लखनऊ और पटना की रैली की तैयारी में हैं। जहां वह प्रधानमंत्री के नोटबंदी की नीति पर निशाना साध सकती हैं।
टीएमसी के सूत्रों के हवाले से रिपोर्ट में कहा गया है कि रैली से पहले ममता बनर्जी हिंदी टीचर की तलाश कर रही हैं। इसके साथ ही उन्होंने बंगाली-हिंदी शब्दकोश भी खरीदा लिया है।
विज्ञापन
ममता बनर्जी मानती हैं कि 1984 में वह दिल्ली में थीं। पहले एक सांसद के तौर पर और बाद में केंद्रीयमंत्री के रूप में वह दिल्ली में रहीं। उस दौरान वह हिंदी बोलती थीं। लेकिन, साल 2011 के बाद वह प्रदेश की राजधानी में सक्रिय हो गईं और कम इस्तेमाल होने की वजह से उनकी हिंदी खराब हो गई।
विज्ञापन
अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक, पश्चिम बंगाल में अपनी स्थिति मजबूत करने के बाद ममता बनर्जी अपनी प्रोफाइल को दिल्ली में बढ़ाना चाहती हैं। दिल्ली के जंतर-मंतर में अपनी रैली को संबोधित करने के बाद वह अगले हफ्ते लखनऊ और पटना की रैली की तैयारी में हैं। जहां वह प्रधानमंत्री के नोटबंदी की नीति पर निशाना साध सकती हैं।
विज्ञापन
टीएमसी के सूत्रों के हवाले से रिपोर्ट में कहा गया है कि रैली से पहले ममता बनर्जी हिंदी टीचर की तलाश कर रही हैं। इसके साथ ही उन्होंने बंगाली-हिंदी शब्दकोश भी खरीदा लिया है।
विज्ञापन
ममता बनर्जी मानती हैं कि 1984 में वह दिल्ली में थीं। पहले एक सांसद के तौर पर और बाद में केंद्रीयमंत्री के रूप में वह दिल्ली में रहीं। उस दौरान वह हिंदी बोलती थीं। लेकिन, साल 2011 के बाद वह प्रदेश की राजधानी में सक्रिय हो गईं और कम इस्तेमाल होने की वजह से उनकी हिंदी खराब हो गई।
किताब लिख रही हैं ममता बनर्जी
ममता बनर्जी
- फोटो : PTI
ममता बनर्जी की एक करीबी ने बताया कि मुख्यमंत्री एक किताब भी लिख रही हैं। इसमें हिंदी की कविताएं होंगी। इसके साथ ही टीएमसी ममता बनर्जी की बायोग्राफी 'मेरी संघर्षपूर्ण यात्रा' को एक बार फिर पब्लिश कर सकती है।
बताते चलें कि बीते 16 नवंबर को ममता बनर्जी ने हिंदी में पहला ट्वीट किया था। इसमें उन्होंने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के साथ आजादपुर मंडी में रैली की घोषणा की थी। ठीक चार दिन बाद उन्होंने ट्वीट के सिरीज में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला बोला था। ये सभी ट्वीट पहले हिंदी में और बाद में इंग्लिश में अनुवाद किए गए थे।
बताते चलें कि बीते 16 नवंबर को ममता बनर्जी ने हिंदी में पहला ट्वीट किया था। इसमें उन्होंने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के साथ आजादपुर मंडी में रैली की घोषणा की थी। ठीक चार दिन बाद उन्होंने ट्वीट के सिरीज में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला बोला था। ये सभी ट्वीट पहले हिंदी में और बाद में इंग्लिश में अनुवाद किए गए थे।