यूएन की निगरानी में बनी समिति नागरिकता कानून पर जनमत संग्रह कराए: ममता बनर्जी
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नागरिकता संशोधन कानून और एनआरसी का तीखा विरोध कर रहीं प. बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इसपर बड़ा बयान दिया है। कोलकाता में हुई रैली में ममता बनर्जी ने मांग की कि नागरिकता संशोधन कानून और एनआरसी पर संयुक्त राष्ट्र या राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग जैसी निष्पक्ष संस्था एक कमेटी का गठन करे और पता लगाए कि कितने लोग इसके पक्ष में हैं।
ममता बनर्जी गुरुवार को कोलकाता में नागरिकता कानून को लेकर केंद्र सरकार पर जमकर बरसीं। उन्होंने कहा कि आजादी के 73 साल बाद अचानक हमें यह साबित करना होगा कि हम भारतीय नागरिक हैं। तब भाजपा कहां थी, आज वह देश को विभाजित कर रही है। मुख्यमंत्री ने जनता से अपील की कि आप अपने इस विरोध को न रोकें क्योंकि हमें नागरिकता कानून को रद्द कराना होगा।
CORRECTION West Bengal Chief Minister Mamata Banerjee in Kolkata: Let there be an impartial organisation like United Nations or Human Rights Commission form a committee to see how many people are in favour or against #CitizenshipAmendmentAct. (original tweet will be deleted) https://t.co/c2SiQxhJkW pic.twitter.com/Z3H64dlohu
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) December 19, 2019
ममता बनर्जी ने कहा भाजपा की स्थापना 1980 में हुई थी और वह हमारे 1970 के नागरिकता दस्तावेज मांग रही है। भाजपा अपने कार्यकर्ताओं के लिए टोपी खरीद रही है जो एक विशेष समुदाय को बदनाम करने के लिए इन्हें पहनकर संपत्तियों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। उन्होंने कहा भाजपा संशोधित नागरिकता अधिनियम को हिंदुओं और मुसलमानों के बीच की एक लड़ाई बनाना चाहती है।