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दो मंत्रियों के झगडे़ में ठप हो गया ममता का ड्रीम प्रोजेक्ट
ब्यूरो/ अमर उजाला, कोलकाता
Updated Thu, 02 Nov 2017 06:17 PM IST
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बंगाल सरकार के दो मंत्रियों के आपसी विवाद के चलते मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की ड्रीम परियोजना कोलकाता आई ठप हो गई है। यह दोनों मंत्री हैं फिरहाद हकीम और शोभन चटर्जी।
शोभन कोलकाता नगर निगम के मेयर भी हैं। खुद को एक दूसरे से अहम और बेहतर बताने की होड़ में नगर निगम और कोलकाता महानगर विकास प्राधिकरण (केएमडीए) के अधिकारी लगातार अपनी जिम्मेदारियों की अदला-बदली में जुटे हैं। अपनी ड्रीम परियोजना में इस देरी से ममता बेहद नाराज है।
ध्यान रहे कि लंदन आई से प्रेरित होकर ममता बनर्जी ने महानगर के मिलेनियम पार्क के सामने कोलकाता आई बनाने का फैसला किया था। उनका मकसद दोहरा था। इससे महानगर की सुंदरता तो बढ़ती ही, यह देशी-विदेशी सैलानियों के आकर्षण का केंद्र भी बनता।
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लेकिन निगम या केएमडीए में से कोई भी इस परियोजना के तहत बनने वाली गोल चरखी के निर्माण की जिम्मेदारी लेने के लिए तैयार नहीं है।
सरकारी सूत्रों ने बताया कि पहले यह जिम्मेदारी फिरहाद हकीम के शहरी विकास मंत्रालय को सौंपी गई थी। बाद में यह काम केएमडीए को सौंपा गया। केएमडीए ने इस काम को पूरा करने के लिए कोलकाता पोर्ट ट्रस्ट के साथ एक समूह बनाया।
इसके लिए वैश्विक निविदा आमंत्रित की गई और वर्ष 2014 में लंदन की एक निजी फर्म सन कंसल्टिंग एंड इन्वेस्टमेंट को यह ठेका सौंपा गया। लेकिन पर्यावरण मंत्रालय से हरी झंडी नहीं मिलने की वजह से वह कंपनी समय पर काम शुरू नहीं कर सकी।
इससे नाराज ममता बनर्जी ने फिरहाद हकीम से यह जिम्मेदारी लेकर इसे मेयर शोभन चटर्जी को सौंप दी। उसके बाद मेयर ने नगर निगम के इंजीनियरों की सलाह से नए सिरे से काम शुरू किया। इसके लिए फिर एक नया समूह बनाया गया।
लेकिन बीते महीने मुख्यमंत्री ने नगर निगम से यह काम लेकर दोबारा केएमडीए को सौंप दिया। केएमडीए सूत्रों ने बताया कि दोबारा यह जिम्मेदारी मिलने के बाद अब नए सिरे से निविदा बुलाई गई है। नियमों के मुताबिक इस परियोजना को दो साल के भीतर पूरा किया जाना है।
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शोभन कोलकाता नगर निगम के मेयर भी हैं। खुद को एक दूसरे से अहम और बेहतर बताने की होड़ में नगर निगम और कोलकाता महानगर विकास प्राधिकरण (केएमडीए) के अधिकारी लगातार अपनी जिम्मेदारियों की अदला-बदली में जुटे हैं। अपनी ड्रीम परियोजना में इस देरी से ममता बेहद नाराज है।
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ध्यान रहे कि लंदन आई से प्रेरित होकर ममता बनर्जी ने महानगर के मिलेनियम पार्क के सामने कोलकाता आई बनाने का फैसला किया था। उनका मकसद दोहरा था। इससे महानगर की सुंदरता तो बढ़ती ही, यह देशी-विदेशी सैलानियों के आकर्षण का केंद्र भी बनता।
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लेकिन निगम या केएमडीए में से कोई भी इस परियोजना के तहत बनने वाली गोल चरखी के निर्माण की जिम्मेदारी लेने के लिए तैयार नहीं है।
सरकारी सूत्रों ने बताया कि पहले यह जिम्मेदारी फिरहाद हकीम के शहरी विकास मंत्रालय को सौंपी गई थी। बाद में यह काम केएमडीए को सौंपा गया। केएमडीए ने इस काम को पूरा करने के लिए कोलकाता पोर्ट ट्रस्ट के साथ एक समूह बनाया।
इसके लिए वैश्विक निविदा आमंत्रित की गई और वर्ष 2014 में लंदन की एक निजी फर्म सन कंसल्टिंग एंड इन्वेस्टमेंट को यह ठेका सौंपा गया। लेकिन पर्यावरण मंत्रालय से हरी झंडी नहीं मिलने की वजह से वह कंपनी समय पर काम शुरू नहीं कर सकी।
इससे नाराज ममता बनर्जी ने फिरहाद हकीम से यह जिम्मेदारी लेकर इसे मेयर शोभन चटर्जी को सौंप दी। उसके बाद मेयर ने नगर निगम के इंजीनियरों की सलाह से नए सिरे से काम शुरू किया। इसके लिए फिर एक नया समूह बनाया गया।
लेकिन बीते महीने मुख्यमंत्री ने नगर निगम से यह काम लेकर दोबारा केएमडीए को सौंप दिया। केएमडीए सूत्रों ने बताया कि दोबारा यह जिम्मेदारी मिलने के बाद अब नए सिरे से निविदा बुलाई गई है। नियमों के मुताबिक इस परियोजना को दो साल के भीतर पूरा किया जाना है।