{"_id":"5db9b3118ebc3e93bb4c806a","slug":"malware-attack-on-a-computer-at-kudankulam-nuclear-plant","type":"story","status":"publish","title_hn":"कुडनकुलम परमाणु संयंत्र के एक कंप्यूटर पर हुआ मैलवेयर हमला: एनपीसीआईएल","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
कुडनकुलम परमाणु संयंत्र के एक कंप्यूटर पर हुआ मैलवेयर हमला: एनपीसीआईएल
Wed, 30 Oct 2019 09:29 PM IST
अमित मंडल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कुडनकुलम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कुडनकुलम
Published by: अमित मंडल
Updated Wed, 30 Oct 2019 09:29 PM IST
विज्ञापन
कुडनकुलम न्यूक्लियर पावर प्लांट
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भारतीय परमाणु ऊर्जा निगम (एनपीसीआईएल) ने बुधवार को स्वीकार किया कि कुडनकुलम परमाणु ऊर्जा संयंत्र के कंप्यूटरों में से एक पर मैलवेयर हमला हुआ था। परमाणु ऊर्जा विभाग के अधीन एनपीसीआईएल ने हालांकि यह भी कहा कि इससे संयंत्र का मुख्य सिस्टम प्रभावित नहीं हुआ। एक दिन पहले ही संयंत्र के अधिकारियों ने कहा था कि संयंत्र के सिस्टम पर साइबर हमला संभव ही नहीं है।
एनपीसीआईएल ने कहा कि उसके सिस्टम में मैलवेयर के मिलने की बात सही है। इस साल 4 सितंबर को जब इसका पता चला तो इस मामले की जानकारी सीईआरटी-आईएन (कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पांस टीम) को दी गई। परमाणु ऊर्जा विभाग के विशेषज्ञों ने तत्काल इसकी जांच की और मैलवेयर हमले से प्रभावित कंप्यूटर इंटरनेट नेटवर्क से जुड़े एक यूजर का था। इस कंप्यूटर का इस्तेमाल प्रशासनिक कार्यों के लिए होता था। बयान में कहा गया है कि यह क्रिटिकल इंटरनल नेटवर्क से बिल्कुल अलग है। नेटवर्कों की लगातार निगरानी की जा रही है। जांचकर्ताओं ने यह भी पुष्टि की है कि संयंत्र का सिस्टम प्रभावित नहीं हुआ है।
मंगलवार को कुडनकुलम परमाणु ऊर्जा संयंत्र के सिस्टम पर साइबर हमले संबंधी खबरें आई थीं। केकेएनपीपी के प्रशिक्षण अधीक्षक और सूचना अधिकारी आर रामदास ने कहा था कि सोशल मीडिया पर संयंत्र पर साइबर हमले की चल रही खबरें गलत हैं और उन्होंने कहा था कि केकेएनपीपी समेत अन्य परमाणु ऊर्जा संयंत्र के कंट्रोल सिस्टम पूरी तरह से ‘अलग’ हैं और ये किसी भी बाहरी साइबर नेटवर्क या इंटरनेट से जुड़े हुए हैं। केकेएनपीपी भारत और रूस का संयुक्त उपक्रम है और इसकी प्रथम व द्वितीय इकाई की 1000 मेगावाट की क्षमता है।
विज्ञापन
डीएमके ने खामियों की जांच की मांग की
डीएमके प्रमुख एमके स्टालिन ने कुडनकुलम परमाणु संयंत्र के एक कंप्यूटर पर हुए मैलवेयर हमले की केंद्र सरकार से जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि यह साइबर हमला चौंकाना वाला है और इसने पर्याप्त सुरक्षा उपायों की खामियों को उजागर किया है। केंद्र को इसकी उचित जांच करानी चाहिए।
विज्ञापन
एनपीसीआईएल ने कहा कि उसके सिस्टम में मैलवेयर के मिलने की बात सही है। इस साल 4 सितंबर को जब इसका पता चला तो इस मामले की जानकारी सीईआरटी-आईएन (कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पांस टीम) को दी गई। परमाणु ऊर्जा विभाग के विशेषज्ञों ने तत्काल इसकी जांच की और मैलवेयर हमले से प्रभावित कंप्यूटर इंटरनेट नेटवर्क से जुड़े एक यूजर का था। इस कंप्यूटर का इस्तेमाल प्रशासनिक कार्यों के लिए होता था। बयान में कहा गया है कि यह क्रिटिकल इंटरनल नेटवर्क से बिल्कुल अलग है। नेटवर्कों की लगातार निगरानी की जा रही है। जांचकर्ताओं ने यह भी पुष्टि की है कि संयंत्र का सिस्टम प्रभावित नहीं हुआ है।
विज्ञापन
मंगलवार को कुडनकुलम परमाणु ऊर्जा संयंत्र के सिस्टम पर साइबर हमले संबंधी खबरें आई थीं। केकेएनपीपी के प्रशिक्षण अधीक्षक और सूचना अधिकारी आर रामदास ने कहा था कि सोशल मीडिया पर संयंत्र पर साइबर हमले की चल रही खबरें गलत हैं और उन्होंने कहा था कि केकेएनपीपी समेत अन्य परमाणु ऊर्जा संयंत्र के कंट्रोल सिस्टम पूरी तरह से ‘अलग’ हैं और ये किसी भी बाहरी साइबर नेटवर्क या इंटरनेट से जुड़े हुए हैं। केकेएनपीपी भारत और रूस का संयुक्त उपक्रम है और इसकी प्रथम व द्वितीय इकाई की 1000 मेगावाट की क्षमता है।
विज्ञापन
डीएमके ने खामियों की जांच की मांग की
डीएमके प्रमुख एमके स्टालिन ने कुडनकुलम परमाणु संयंत्र के एक कंप्यूटर पर हुए मैलवेयर हमले की केंद्र सरकार से जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि यह साइबर हमला चौंकाना वाला है और इसने पर्याप्त सुरक्षा उपायों की खामियों को उजागर किया है। केंद्र को इसकी उचित जांच करानी चाहिए।