सीबीआई ने बदला था लुकआउट नोटिस, भागने से पहले चार बार विदेश गए थे माल्या
- सीबीआई ने दिखाई नरमी
- भागने से पहले भी गए थे विदेश
- बैंकों ने लगाई गुहार
विस्तार
माल्या के विदेश चले जाने की पड़ताल में इस बात का पता चला कि सीबीआई ने लुकआउट नोटिस जारी के करने के एक महीने के ही भीतर उसमें बदलाव कर दिए थे। यह लुकआउट नोटिस अक्टूबर 2015 में जारी किया गया था और नवंबर में ही इसमें बदलाव कर दिए गए थे जिसकी वजह से माल्या आसानी से विदेश चले गए और उन्हें रोका नहीं गया।
सीबीआई ने 16 अक्टूबर 2015 को जो लुकआउट नोटिस जारी किया था उसमें यह साफ निर्देश थे कि अगर माल्या विदेश जाने की कोशिश करते हैं तो उन्हें रोक लिया जाए। इसके अगले ही महीने सीबीआई में लुकआउट नोटिस में बदलाव कर दिया और एयरपोर्ट अथॉरिटी को निर्देश दिए कि अगर माल्या देश से बाहर जाते हैं तो सीबीआई को केवल इसकी सूचना दे दी जाए।
भागने से पहले चार बार किया विदेश यात्रा
इस मामले में जो सबसे ज्यादा गौर करने वाली बात है वो ये है कि लुकआउट नोटिस में बदलाव के बाद विजय माल्या चार बार विदेश गए थे। माल्या की पहली विदेश यात्रा अक्टूबर में हुई थी और वे नवंबर में वापस आए थे। इसके बाद वे दिसंबर के पहले और अंतिम हफ्ते में भी विदेश गए थे।
2 मार्च को लंदन जाने से कुछ दिन पहले भी माल्या देश से बाहर गए थे। इस तरह लुकआउट नोटिस जारी होने के बाद भी माल्या चार बार विदेश होकर आ चुके थे। जब इस बारे में सीबीआई से पूछा गया तो एजेंसी ने बताया कि माल्या जांच में सहयोग कर रहे हैं। उन्हें जब भी पूछताछ के लिए बुलाया जाता है वो आ जाते हैं। इसके अलावा जांच के दौरान माल्या जरूरी दस्तावेज भी मुहैया करा रहे थे।
सीबीआई ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक किसी भी व्यक्ति का पासपोर्ट केवल उसी दशा में जब्त किया जा सकता है जब उसके खिलाफ चार्जशीट दाखिल हो या कोर्ट में कोई मामला लंबित हो। गौरतलब है कि माल्या ने किंगफिशर एयरलाइन के नाम पर 17 बैंकों से करीब 9 हजार करोड़ का लोन लिया था जिसको वो अबतक चुका नहीं पाए हैं। किंगफिशर एयरलाइन बंद हो चुकी है।