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मलयेशिया को जम्मू-कश्मीर पर बोलना पड़ा भारी, पाम ऑयल की कीमतों में आई गिरावट

Sun, 19 Jan 2020 12:09 PM IST
Sneha Baluni न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Sneha Baluni Updated Sun, 19 Jan 2020 12:09 PM IST
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Malaysia PM comment on J&K issue, palm oil prices decrease, want to talk with india in davos
नरेंद्र मोदी-महातिर मोहम्मद (फाइल फोटो) - फोटो : Facebook

जम्मू-कश्मीर को लेकर मलयेशिया के प्रधानमंत्री महातिर मोहम्मद को टिप्पणी करना भारी पड़ गया है। भारत ने उससे पाम ऑइल के आयात में कटौती कर दी। जिसके बाद दोनों देशों के बीच बीते महीनों से जारी तनाव को कम करने के लिए कूटनीतिक चैनल के जरिए बातचीत की कोशिशें जारी हैं। ऐसा माना जा रहा है कि मलयेशिया को भारत की नाराजगी का नुकसान उठाना पड़ रहा है।

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पाम ऑयल में आई 11 सालों की सबसे बड़ी गिरावट

दुनिया के दूसरे सबसे बड़े पाम ऑयल उत्पादक देश मलयेशिया को शुक्रवार को कारोबार में झटका लगता हुआ दिखा। पाम ऑयल की बेंचमार्क कीमतों में शुक्रवार को पिछले 11 सालों की सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई। इसी बीच मलयेशिया के तेवर कुछ नरम हुए हैं और उसने बातचीत की इच्छा जाहिर की है।

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भारत और मलयेशिया के मंत्री करेंगे मुलाकात

अगले हफ्ते दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की बैठक होनी है। इससे इतर मलयेशिया के वाणिज्य मंत्री डारेल लेइकिंग अपने भारतीय समकक्ष पीयूष गोयल से मुलाकात करेंगे। इस बैठक को लेकर कोई एजेंडा तय नहीं किया गया है। मगर माना जा रहा है कि संबंधों में सहजता लाने के लिए यह बैठक महत्वपूर्ण होगी।

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मलयेशिया ने जताई बातचीत की इच्छा

मलयेशिया पाम ऑयल को लेकर भारत के साथ विवाद को बढ़ाना नहीं चाहता है। मलयेशिया भारत के साथ कूटनीतिक स्तर पर बातचीत के जरिए मसले को हल करना चाहता है। इससे पहले केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल साफ कर चुके हैं कि सरकार ने मलयेशिया के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की है।

क्या कहा था महातिर ने

कश्मीर का जिक्र करते हुए मलयेशिया के प्रधानमंत्री ने ट्वीट कर कहा था कि दुनिया म्यांमार में रोहिंग्याओं पर हो रहे अत्याचारों को रोकने में नाकाम रही, जिसके कारण यूएन रेजॉलूशन के सम्मान में कमी आई है। अब, जम्मू और कश्मीर पर यूएन रेजॉलूशन के बाद भी, एक देश (भारत) ने इस पर जबरन कब्जा जमा लिया है। एक और ट्वीट में उन्होंने कहा था कि जम्मू-कश्मीर में कुछ परेशानी हो सकती है, लेकिन इसका समाधान शांतिपूर्ण तरीके से होना चाहिए। भारत और पाकिस्तान को मिलकर इसका समाधान ढूंढना चाहिए। 

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