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मालाबार नौसेना अभ्यास का पहला चरण 3 नवंबर से, भारत संग तीन देश दिखाएंगे ताकत, चीन की बढ़ेगी चिंता
Fri, 30 Oct 2020 08:38 PM IST
दीप्ति मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: दीप्ति मिश्रा
Updated Fri, 30 Oct 2020 08:38 PM IST
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भारतीय नौसेना (फाइल फोटो)
- फोटो : Social media
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चीन-पाकिस्तान सीमा पर जारी तनाव के बीच नौसेना को नई तकनीक सिखाकर मजबूत बनाने का काम जारी है। मालाबार नौसेना अभ्यास का पहला चरण तीन से छह नवंबर के बीच विशाखपत्तनम तट के पास बंगाल की खाड़ी में होगा। इसमें भारत, अमेरिका, जापान और आस्ट्रेलिया की नौसेनाएं भाग लेंगी। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
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नौसेना अधिकारियों ने बताया कि चार देशों के इस नौसेना अभ्यास का पहला चरण तीन से छह नवंबर के बीच विशाखपत्तनम तट के पास बंगाल की खाड़ी में आयोजित किया जा रहा है। वहीं दूसरा चरण 17 से 20 नवंबर के बीच अरब सागर में तय किया गया है।
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ऑस्ट्रेलिया के शामिल होने की घोषणा की थी
पिछले हफ्ते भारत ने यह घोषणा की थी कि ऑस्ट्रेलिया इस नौसेना अभ्यास का हिस्सा होगा, जिसके साथ ही अब यह प्रभावी तरीके से ‘क्वॉड’ या ‘चतुष्कोणीय गठबंधन’ (क्वाड्रीलैटरल कोलेशन) के सभी चार सदस्य देशों का अभ्यास हो गया है।
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टोक्यो में हुई थी ‘क्वॉड’ की बैठक
‘क्वॉड’ सदस्य राष्ट्रों के विदेश मंत्रियों की टोक्यो में बैठक होने के दो हफ्ते बाद भारत ने आस्ट्रेलियाई नौसेना को अभ्यास में हिस्सा लेने का न्योता दिया था। जापान में हुई इस बैठक में चारों देशों के बीच हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर विस्तृत बाचतीत की गई थी।
अधिकारियों ने बताया कि पहले चरण के अभ्यास में जटिल एवं अत्याधुनिक नौसेना अभ्यास होंगे, जिनमें पनडुब्बी रोधी एवं हवाई युद्ध रोधी अभियान होंगे। इसके अलावा, एक जंगी जहाज से उड़ान भर कर दूसरे युद्ध पोत पर भी लड़ाकू विमान और हेलीकॉप्टर उतरेंगे। हथियारों से फायरिंग का भी अभ्यास किया जाएगा।
वर्ष 1992 में शुरू हुआ था अभ्यास
मालाबार अभ्यास वर्ष 1992 में भारतीय नौसेना और अमेरिकी नौसेना के बीच हिंद महासागर में एक द्विपक्षीय अभ्यास के रूप में शुरू हुआ था। बाद में,2015 में जापान इसका स्थायी सदस्य बन गया। यह वार्षिक नौसेना अभ्यास 2019 में जापान के तट पर हुआ था।
ये पोत अभ्यास में हिस्सा लेंगे
इस साल के अभ्यास में भारतीय नौसेना अपने विध्वंसक पोत रणविजय,युद्ध पोत शिवालिक, समुद्र तटीय गश्ती नौका सुकन्या, जहाजों के बेड़े को सहायता पहुंचाने वाले पोत शक्ति और पनडुब्बी सिंधुराज को शामिल करेगी। अधिकारियों ने बताया कि इसके अलावा अत्याधुनिक जेट प्रशिक्षक हॉक, लंबी दूरी की समुद्री गश्त विमान पी 8 आई, डोर्नियर समुद्री गश्त विमान और कई सारे हेलीकॉप्टर भी अभ्यास में हिस्सा लेंगे।