असम में पीएम मोदी : कैंसर उपचार केंद्र का किया उद्घाटन, बोले- अफ्स्पा पूरी तरह हटाने के प्रयास जारी, रतन टाटा ने कही यह बात
पीएम मोदी ने गुरुवार को असम दौरे पर दिफू में लोगों को संबोधित करते हुए सबका साथ सबका विकास का अपना वादा फिर दोहराया। उन्होंने पूर्वोत्तर क्षेत्र से सैन्य बल विशेषाधिकार कानून (अफ्स्पा) को पूरी तरह हटाने को लेकर कहा कि इसके प्रयास अभी जारी हैं। नगालैंड और मणिपुर के कुछ इलाकों में यह अभी लागू है और इसे हटाने पर तेजी से काम कर रहे हैं। पहले की सरकारें इस कानून को लगातार आगे बढ़ाती रहीं, क्योंकि कानून-व्यवस्था की स्थिति में सुधार ही नहीं हो रहा था।
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विस्तार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बृहस्पतिवार को कहा कि देश के पूर्वोत्तर क्षेत्र से सैन्य बल विशेषाधिकार कानून (अफ्स्पा) को पूरी तरह हटाने के प्रयास जारी हैं। असम के दिप्सू में शांति, एकता और विकास रैली को संबोधित करते हुए मोदी ने यह बात कही। उन्होंने कहा, पिछले आठ वर्षों में इस क्षेत्र के कई हिस्सों में कानून-व्यवस्था की स्थिति सुधरने और हिंसा में 75 फीसदी तक कमी आने के कारण कई इलाकों से कानून हटा लिया गया है। त्रिपुरा और मेघालय से तो इसे पूर्णत: हटा लिया गया है।
नगालैंड और मणिपुर के कुछ इलाकों में यह अभी लागू है और इसे हटाने पर तेजी से काम कर रहे हैं। पहले की सरकारें इस कानून को लगातार आगे बढ़ाती रहीं, क्योंकि कानून-व्यवस्था की स्थिति में सुधार ही नहीं हो रहा था। मोदी सरकार ने इस वर्ष एक अप्रैल से नगालैंड, मणिपुर और असम के बड़े हिस्से से दशकों बाद अफ्स्पा को हटा लिया है। पीएम मोदी ने कहा कि असम में स्थायी शांति और तेज विकास में केंद्र और राज्य की डबल इंजन सरकारों का बड़ा हाथ है।
सरकार असम के कार्बी आंगलॉन्ग और त्रिपुरा में चरमपंथी समूहों के साथ शांति समझौता करने में सफल रही है, जिससे इन क्षेत्रों में स्थायी शांति लौटी है। 2020 में बोडो समझौता, हाल में ब्रू रियांग समझौता, त्रिपुरा में एनएलएफटी के साथ समझौते ने ढाई दशक बाद शांति स्थापित करने में मदद की है। शांति स्थापित होने के बाद राज्य और केंद्र सरकारों के सहयोग से तेज विकास सुनिश्चित किया गया है और यह प्रक्रिया अब भी जारी है।
मुझे ईश्वर का आशीर्वाद
पीएम ने कहा, पहले पूर्वोत्तर की पहचान बम धमाकों और हिंसा के कारण थी और इसकी सबसे अधिक शिकार माताएं, बहनें और बच्चे होते थे। आज जब युवाओं ने अपने हथियार रख दिए हैं तो इनके चेहरों पर मुस्कान देखकर मुझे लगता है कि ईश्वर अपना आशीर्वाद मुझे दे रहे हैं। केंद्र सरकार हमेशा से सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास के साथ कार्बी आंगलॉन्ग एवं अन्य जनजातीय क्षेत्रों में लोगों की कठिनाइयां दूर करने का प्रयास करती रही है।
परिवार के सदस्य की तरह समझाएं सुलझाईं
आपके परिवार के सदस्य की तरह मैंने क्षेत्र की समस्याओं को समझने का प्रयास किया है और मैँ आपके सपनों और आकांक्षाओं का सम्मान करता हूं। लोगों ने अपनी समस्याएं बताईं और मैंने परिवार के सदस्य की तरह पूरी संवेदनशीलता से उनका समाधान करने का प्रयास किया है।
सीमा विवाद सुलझाने के लिए मुख्यमंत्रियों को धन्यवाद दिया
पीएम ने पूर्वोत्तर के राज्यों के बीच सीमा विवाद सुलझाने और क्षेत्र को मजबूत आर्थिक ताकत बनाने के लिए असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा और अन्य मुख्यमंत्रियों को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि हाल में असम और मेघालय के बीच सीमा विवाद सुलझने से अन्य राज्यों को इस संबंध में प्रेरणा मिलेगी।
1000 करोड़ की परियोजनाएं कार्बी आंगलॉन्ग को
प्रधानमंत्री ने कार्बी आंगलॉन्ग में वेटनरी साइंस एंड एग्रीकल्चर एंड मॉडल गवर्मेंट कॉलेज की आधारशिला रखी और पूरे असम में 2985 अमृत सरोवर परियोजनाओं की शुरुआत की। इन सरोवरों से न सिर्फ पानी के स्रोत बढ़ेंगे बल्कि कमाई भी बढ़ेगी। प्रधानमंत्री ने कहा कि कार्बी आंगलॉन्ग में 1000 करोड़ रुपये की परियोजनाएं मुख्यधारा में लौटे युवाओं को नए अवसर मुहैया कराएंगी और वे राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया में शामिल हो पाएंगे।
पूरे असम में आप ने किया विरोध प्रदर्शन
पीएम के असम दौरे पर आम आदमी पार्टी ने बढ़ती महंगाई के विरोध में पूरे राज्य में विरोध प्रदर्शन का आयोजन किया। कई जगह पुलिस ने आप कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया। आप नेता रूमी उल्लाह ने कहा प्रधानमंत्री का स्वागत है लेकिन उन्हें लोगों की समस्याएं भी सुलझानी चाहिए। जरूरी चीजों के दाम आसमान पर हैं।
अब सभी के लिए इलाज सुलभ होगा: रतन टाटा
वहीं टाटा ट्रस्ट्स के अध्यक्ष रतन टाटा ने कहा कि असम में 17 कैंसर उपचार केंद्रों का एक नेटवर्क सभी के लिए इलाज को सुलभ बनाएगा क्योंकि यह अमीर आदमी की बीमारी नहीं है। ऐसे सात केंद्रों के उद्घाटन के अवसर पर टाटा ने कहा कि इन सुविधाओं से असम को विश्व स्तरीय कैंसर उपचार प्रदान करने के लिए सक्षम राज्य के रूप में पहचाना जाएगा। उन्होंने कहा कि असम के इतिहास में आज का दिन महत्वपूर्ण दिन है। कैंसर के इलाज के लिए उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सुविधा जो पहले राज्य में उपलब्ध नहीं थी, उसे यहां लाया जा रहा है। कैंसर अमीर आदमी की बीमारी नहीं है।
टाटा ने कहा कि असम अब कह सकता है कि भारत का एक छोटा सा राज्य भी विश्व स्तरीय कैंसर उपचार सुविधाओं से लैस है। इस अवसर पर प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने सात कैंसर केयर सेंटर का उद्घाटन किया, जबकि उन्होंने कार्यक्रम के दौरान सात और केंद्रों की नींव भी रखी। इन केंद्रों का विकास राज्य सरकार और टाटा ट्रस्ट के संयुक्त उद्यम असम कैंसर केयर फाउंडेशन (एसीसीएफ) द्वारा किया जा रहा है। नेटवर्क के तहत अन्य तीन अस्पताल इस साल के अंत में खोले जाएंगे। परियोजना की नींव जून 2018 में रखी गई थी।
पीएम ने किया कैंसर उपचार केंद्र का उद्घाटन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने असम के डिब्रूगढ़ जिले में एक कैंसर उपचार केंद्र का उद्घाटन किया। इस केंद्र का निर्माण राज्य सरकार और टाटा ट्रस्ट्स के संयुक्त उपक्रम ‘असम कैंसर केयर फाउंडेशन’ (एसीसीएफ) ने किया है। डिब्रूगढ़ का यह केंद्र एसीसीएफ द्वारा विकसित किए जा रहे 17 चिकित्सा केंद्रों में शामिल है। मोदी ने केंद्र के बाहर एक पट्टिका का अनावरण भी किया।
इस दौरान असम के राज्यपाल जगदीश मुखी, केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल और असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा उपस्थित थे। मोदी ने असम मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में स्थित केंद्र में सुविधाओं और उपकरणों का निरीक्षण किया। वह शाम को होने वाले एक अन्य कार्यक्रम में छह अन्य ऐसे केंद्रों का डिजिटल तरीके से उद्घाटन करेंगे। ये केंद्र बारपेटा, तेजपुर, जोरहाट, लखीमपुर, कोकराझार और दरांग में हैं।
मोदी इसी समारोह में धुबरी, गोलपाड़ा, गोलाघाट, शिवसागर, नलबारी, नागांव और तिनसुकिया में सात अस्पतालों की आधारशिला रखेंगे। टाटा ट्रस्ट्स के एक प्रवक्ता ने पहले बताया था कि तीन और ऐसे कैंसर उपचार केंद्रों का निर्माण पूरा होने वाला है और इनका उद्घाटन इस साल के आखिर में किया जाएगा।
पीएम ने असम दौरे में इन सप्तऋषियों का खुलासा किया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने असम दौरे में स्वास्थ्य सेवाओं के बारे में अपनी सरकार का दृष्टिकोण बताते हुए बृहस्पतिवार को स्वास्थ्य के सप्तऋषि का जिक्र किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार का ध्यान जिस सबसे पहले स्तंभ पर है वह है प्रिवेंटिव यानी निवारक स्वास्थ्य सेवा। इसके लिए योग, फिटनेस से संबंधित कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं।
- दूसरा है बीमारी का जल्द पता लगाना। इसके लिए लाखों नए जांच केंद्र बनाए जा रहे हैं।
- तीसरा है लोगों को उनके घर के पास बेहतर उपचार देना। इसके लिए पूरे देश में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को बेहतर बनाया गया है।
- चौथा स्तंभ है, अच्छे अस्पतालों में गरीबों को मुफ्त इलाज देना। इसके लिए सरकार ने आयुष्मान भारत योजना शुरू की है जिसके तहत 5 लाख रुपये तक इलाज का खर्च भारत सरकार उठाती है।
- प्रधानमंत्री ने कहा कि पांचवां स्तंभ है इलाज के लिए बड़े शहरों पर निर्भरता कम करना। सरकार इसके लिए स्वास्थ्य ढांचे में अभूतपूर्व निवेश कर रही है। 2014 से पहले देश में सिर्फ 7 एम्स थे। इनमें भी दिल्ली को छोड़कर किसी में एमबीबीएस कोर्स या ओपीडी की सुविधा नहीं थी। हमने इन्हें चालू कराया और 16 नए एम्स की घोषणा की।
- छठे स्तंभ का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा, सरकार देश में डॉक्टरों की कमी दूर करने में जुटी है। पिछले सात साल में मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस और पीजी की 70 हजार नई सीटें जोड़ी गईं हैं।
- सातवां स्तंभ है डिजिटलीकरण। सरकार का प्रयास इलाज के नाम पर लगने वाली लंबी कतारों से छुटकारा दिलाना है। इसके लिए भी सरकार ने कई योजनाएं शुरू की हैं।
- पीएम ने कहा, हमारी सरकार का प्रयास है कि देश के किसी भी हिस्से के व्यक्ति को केंद्र सरकार की योजनाओं का लाभ मिले और इसमें कोई रुकावट न आए। एक देश एक स्वास्थ्य के पीछे यही सोच है। इसी सोच ने 100 सालों की सबसे बड़ी महामारी और चुनौतियों से जूझने में देश को ताकत दी है।