Makar Sankranti 2022: एक करोड़ से अधिक लोगों ने किया सूर्य नमस्कार, कोरोना के दौरान सुरक्षित रहने के उद्देश्य के साथ हुआ आयोजन
आयुष मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने कहा कि मकर संक्रांति के पर्व पर सूर्य अपना पथ बदलकर उत्तरायण में प्रवेश करता है, जिसे भारतीय परंपरा में शुभ माना जाता है, इसलिए सूर्य की उपासना भारत में भक्ति-भावना से की जाती है।
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आयुष मंत्रालय ने शुक्रवार को वैश्विक सूर्य नमस्कार कार्यक्रम का आयोजन किया। आजादी का अमृत महोत्सव के तहत यह कार्यक्रम आयोजित किया गया, इसमें भारत समेत दुनियाभर में एक करोड़ से अधिक लोगों ने कोरोना महामारी के दौरान सुरक्षित रहने के उद्देश्य से सूर्य नमस्कार किया। मंत्रालय के मुताबिक, कि देश-विदेश के एक करोड़ से ज्यादा लोगों ने कोविड नियमों का पालन करते हुए अपने-अपने स्थानों पर सूर्य नमस्कार किया। भारत में कार्यक्रम की शुरुआत केंद्रीय आयुष मंत्री सर्बानंद सोनोवाल और केंद्रीय आयुष राज्य मंत्री डॉ. मुंजपरा महेंद्रभाई ने डिजिटल तरीके से की।
इस दौरान सोनोवाल ने कहा कि मकर संक्रांति के पर्व पर सूर्य अपना पथ बदलकर उत्तरायण में प्रवेश करता है, जिसे भारतीय परंपरा में शुभ माना जाता है, इसलिए सूर्य की उपासना भारत में भक्ति-भावना से की जाती है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में मानव जाति के स्वास्थ्य के लिए योग और सूर्य नमस्कार को बढ़ावा दिया जा रहा है।
राज्य मंत्री ने कहा कि सूर्य नमस्कार पर किए गए अनुसंधान से पता चला है कि इससे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है और शरीर स्वस्थ रहता है। इस मौके पर बाबा रामदेव, आचार्य बालकृष्ण, श्री श्री रविशंकर, सद्गुरु जग्गी वासुदेव और देश-विदेश की कई हस्तियों ने भाग लिया।
इन्होंने भी किया समर्थन
जापान की मिस वर्ल्ड तमाकी होशी ने कहा कि आयुष मंत्रालय की इस पहल इस महामारी के समय में हर इंसान के लिए बहुत फायदेमंद साबित हो रही है।
योगगुरू बाबा रामदेव ने कहा कि सूर्य नमस्कार कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों को जीवन शक्ति के आधार से अवगत कराना है। योग का मतलब लोगों को एकजुट करना है।