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लोकसभा चुनाव: ' महुआ मोइत्रा से मुझे कोई डर नहीं', कृष्णानगर से भाजपा उम्मीदवार अमृता रॉय ने कही यह बात
Thu, 28 Mar 2024 09:45 PM IST
आदर्श शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
Published by: आदर्श शर्मा
Updated Thu, 28 Mar 2024 09:45 PM IST
सार
भाजपा की कृष्णानगर लोकसभा उम्मीदवार अमृता रॉय ने अपनी प्रतिद्वंदी टीएमसी उम्मीदवार महुआ मोइत्रा को लेकर कहा कि मुझे उनसे कोई खतरा नहीं है। टीएमसी के कुशासन ने मुझे राजनीति में शामिल होने के लिए मजबूर किया है। मैं राज्य के लोगों के विकास के लिए काम करना चाहती हूं।
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कृष्णानगर से भाजपा उम्मीदवार अमृता रॉय
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
भाजपा की कृष्णानगर लोकसभा उम्मीदवार अमृता रॉय ने अपनी प्रतिद्वंदी टीएमसी उम्मीदवार महुआ मोइत्रा को लेकर कहा कि मुझे उनसे कोई खतरा नहीं है। टीएमसी के कुशासन ने मुझे राजनीति में शामिल होने के लिए मजबूर किया है। अमृता रॉय ने सीएए कानून को लेकर केंद्र सरकार की प्रशंसा करते हुए कहा कि इससे मटुआ समुदाय सहित शरणार्थी आबादी को लाभ होगा, जो धार्मिक उत्पीड़न से बचने के लिए पड़ोसी देशों से भाग गए थे।
टीएमसी के कुशासन ने मुझे राजनीति में उतारा- अमृता रॉय
अमृता रॉय ने अपनी उम्मीदवारी को लेकर कहा कि राजनीति में शामिल होना एक सचेत फैसला था। मैं एक अराजनीतिक व्यक्ति हूं, लेकिन मैं भाजपा में शामिल हुई, क्योंकि बंगाल में रहने वाले लोग टीएमसी के कुशासन से तंग आ चुके है। रॉय ने दावा किया कि उन्होंने जहां भी प्रचार किया, उन्होंने देखा कि कैसे लोग भ्रष्टाचार और कुशासन के कारण अपने अधिकारों से वंचित हैं।
लोगों का मिल रहा प्यार, मोइत्रा की हार निश्चित- अमृता
कृष्णानगर से भाजपा उम्मीदवार ने अमृता रॉय ने कहा कि मैं राज्य के लोगों के विकास के लिए काम करना चाहती हूं। लोगों ने बहुत सारी उम्मीदों के साथ टीएमसी को वोट दिया था, लेकिन वे अब निराश हैं। आप कह सकते हैं कि इस निराशा ने मुझे राजनीति में आने के लिए मजबूर किया है। एक महिला नागरिक के रूप में, मैंने सोचा कि राज्य की स्थिति को देखते हुए मेरी भी भूमिका है। रॉय ने कहा कि चुनाव प्रचार के दौरान उन्हें जो जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली, उससे उन्हें विश्वास हो गया कि वह टीएमसी की महुआ मोइत्रा को हराकर महत्वपूर्ण अंतर से सीट जीतेंगी। गौरतलब है कि अमृता रॉय, जो महाराजा कृष्णचंद्र रॉय के शाही परिवार से हैं और 'राजबाड़ी की राजमाता' के तौर पर जानी जाती है। उन्हें भाजपा ने कृष्णानगर से चुनावी मैदान में उतारा है।
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टीएमसी के कुशासन ने मुझे राजनीति में उतारा- अमृता रॉय
अमृता रॉय ने अपनी उम्मीदवारी को लेकर कहा कि राजनीति में शामिल होना एक सचेत फैसला था। मैं एक अराजनीतिक व्यक्ति हूं, लेकिन मैं भाजपा में शामिल हुई, क्योंकि बंगाल में रहने वाले लोग टीएमसी के कुशासन से तंग आ चुके है। रॉय ने दावा किया कि उन्होंने जहां भी प्रचार किया, उन्होंने देखा कि कैसे लोग भ्रष्टाचार और कुशासन के कारण अपने अधिकारों से वंचित हैं।
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लोगों का मिल रहा प्यार, मोइत्रा की हार निश्चित- अमृता
कृष्णानगर से भाजपा उम्मीदवार ने अमृता रॉय ने कहा कि मैं राज्य के लोगों के विकास के लिए काम करना चाहती हूं। लोगों ने बहुत सारी उम्मीदों के साथ टीएमसी को वोट दिया था, लेकिन वे अब निराश हैं। आप कह सकते हैं कि इस निराशा ने मुझे राजनीति में आने के लिए मजबूर किया है। एक महिला नागरिक के रूप में, मैंने सोचा कि राज्य की स्थिति को देखते हुए मेरी भी भूमिका है। रॉय ने कहा कि चुनाव प्रचार के दौरान उन्हें जो जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली, उससे उन्हें विश्वास हो गया कि वह टीएमसी की महुआ मोइत्रा को हराकर महत्वपूर्ण अंतर से सीट जीतेंगी। गौरतलब है कि अमृता रॉय, जो महाराजा कृष्णचंद्र रॉय के शाही परिवार से हैं और 'राजबाड़ी की राजमाता' के तौर पर जानी जाती है। उन्हें भाजपा ने कृष्णानगर से चुनावी मैदान में उतारा है।
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