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शरद पवार बोले: मराठाओं को आरक्षण देने से SC, ST और OBC पर असर पड़ेगा, सामाजिक एकता कमजोर कर रही सरकार
Sun, 14 Sep 2025 08:59 PM IST
निर्मल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नासिक।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नासिक।
Published by: निर्मल कांत
Updated Sun, 14 Sep 2025 08:59 PM IST
सार
वरिष्ठ राजनेता शरद पवार ने महा युति सरकार पर महाराष्ट्र की सामाजिक एकता को कमजोर करने और समाज में फूट डालने का आरोप लगाया। मराठा आरक्षण को लेकर उन्होंने कहा कि इससे ओबीसी, बंजारा और आदिवासी समुदायों के हक प्रभावित होंगे। पवार ने कहा कि सरकार जाति के आधार पर समिति बनाकर समाज को बांट रही है। सीएम देवेंद्र फडणवीस ने उनके आरोपों को खारिज किया।
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शरद पवार
- फोटो : पीटीआई (फाइल)
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विस्तार
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद चंद्र पवार गुट) के अध्यक्ष शरद पवार ने रविवार को आरोप लगाया कि महाराष्ट्र की महा युति सरकार राज्य की सामाजित एकता को कमजोर कर रही है। उन्होंने अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं से इस स्थिति का मुकाबला करने की अपील की। पार्टी के एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पवार ने दावा किया कि राज्य सरकार में फूट डालने का काम कर रही है।
शरद पवार का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी), जनजातीय और बंजारा समुदाय से जुड़े कई सगंठन प्रदर्शन की चेतावनी दे रही हैं। ये संगठन मांग कर रहे हैं कि राज्य सरकार मराठा आरक्षण को लेकर जारी किया गया सरकारी आदेश (जीआर) वापस ले। इन संगठनों का कहना है कि हैदराबाद गजट को लागू करके मराठा समुदाय के लोगों को कुनबी जाति प्रमाण पत्र और आरक्षण देने से अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी) और ओबीसी वर्गों पर बड़ा असर पड़ेगा।
ये भी पढ़ें: 'एथेनॉल के कारण ही जिंदा है चीनी उद्योग', गडकरी बोले- इस विकल्प से गन्ना किसानों को मिलेगी राहत
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'पहली बार जाति-समुदाय के आधार पर बनी समिति'
पवार ने कहा कि हैदराबाद गजट में विमुक्त एवं घुमंतू जनजातियां (वीजेएनटी) और बंजारा समुदाय को अनुसूचित जनजाति (एसटी) का दर्जा दिया गया है और अब ये समुदाय भी आरक्षण की मांग कर रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि मराठा और ओबीसी आरक्षण को लेकर लेकर जो कैबिनेट उप समितियां बनाई गई हैं, उनमें केवल उन्हीं दोनों समुदायों के मंत्री शामिल हैं। उन्होंने कहा, ऐसा पहली बार हुई है कि किसी सरकारी समिति का गठन जाति और समुदाय के आधार पर किया गया है।
'मनोज जरांगे के आंदोलन से कोई लेना-देना नहीं'
शरद पवार ने आरोप लगाया, लगता है सरकार समस्याओं को सुलझाना ही नहीं चाहती। वह सामाजिक ढांचे को कमजोर करने की कोशिश कर रही है। हमें इसका डटकर विरोध करना चाहिए, चाहे इसके लिए कोई राजनीतिक कीमत ही क्यों न चुकानी पड़े। सामाजिक एकता और भाईचारे से कोई समझौता नहीं होना चाहिए। मीडिया से बातचीत में पवार ने कहा कि उनका कार्यकर्ता मनोज जरांगे या उनके आंदोलन से कोई लेना-देना नहीं है।
'राज्य में जाति-समुदाय के आधार पर गहरी खाई'
जब उनसे पूछा गया कि क्या वह जरांगे के आंदोलन का समर्थन करते हैं, तो उन्होंने कहा, इस मुद्दे पर मेरी कोई टिप्पणी जरूरी नहीं है। यह आरोप निराधार है और मेरा इससे कोई संबंध नहीं है। पवार ने कहा कि राज्य के कई हिस्सों में जाति और समुदाय के आधार पर गहरी खाई है और यह चिंता की बात है। उन्होंने अपनी पार्टी से कहा कि वह अपने किसान मोर्चे को मजबूत करें और खेती-किसानी को नुकसान न हो, इसके लिए कार्यक्रम और नीतियां बनाएं।
ये भी पढ़ें: मराठा आरक्षण का विरोध तेज: ओबीसी-बंजारा और आदिवासी संगठन ने की प्रदर्शन की तैयारी, जानें अब आगे क्या होगा?
'भारत को अपनी शर्तों पर चला रहा अमेरिका'
पवार ने दावा किया कि पिछले आठ महीनों में राज्य में 1,186 किसानों ने आत्महत्या की है, जिनमें से 700 मौतें विदर्भ और 820 मराठवाड़ा में हुई हैं। उन्होंने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर भी हमला किया और कहा कि भारत की विदेश नीति ऐसी हो गई है कि अब देश के पास कोई दोस्त नहीं बचा है। उन्होंने कहा, हमारे सभी पड़ोसी देश अब हमारे खिलाफ हो गए हैं और अमेरिका अब भारत को अपनी शर्तों पर चला रहा है।
मुख्यमंत्री फडणवीस ने किया शरद पवार पर पलटवार
शरद पवार के इस आरोप पर कि राज्य की सामाजिक एकता कमजोर हो रही है, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पलटवार किया। फडणवीस ने कहा, हर कोई जानता है कि पवार साहब किस चीज के लिए मशहूर हैं। जब वो 'एक्स' कहते हैं तो समझिए उसका मतलब 'वाई' होता है। वो बड़े नेता हैं, मैं उनके बारे में और क्या कह सकता हूं?
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शरद पवार का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी), जनजातीय और बंजारा समुदाय से जुड़े कई सगंठन प्रदर्शन की चेतावनी दे रही हैं। ये संगठन मांग कर रहे हैं कि राज्य सरकार मराठा आरक्षण को लेकर जारी किया गया सरकारी आदेश (जीआर) वापस ले। इन संगठनों का कहना है कि हैदराबाद गजट को लागू करके मराठा समुदाय के लोगों को कुनबी जाति प्रमाण पत्र और आरक्षण देने से अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी) और ओबीसी वर्गों पर बड़ा असर पड़ेगा।
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'पहली बार जाति-समुदाय के आधार पर बनी समिति'
पवार ने कहा कि हैदराबाद गजट में विमुक्त एवं घुमंतू जनजातियां (वीजेएनटी) और बंजारा समुदाय को अनुसूचित जनजाति (एसटी) का दर्जा दिया गया है और अब ये समुदाय भी आरक्षण की मांग कर रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि मराठा और ओबीसी आरक्षण को लेकर लेकर जो कैबिनेट उप समितियां बनाई गई हैं, उनमें केवल उन्हीं दोनों समुदायों के मंत्री शामिल हैं। उन्होंने कहा, ऐसा पहली बार हुई है कि किसी सरकारी समिति का गठन जाति और समुदाय के आधार पर किया गया है।
'मनोज जरांगे के आंदोलन से कोई लेना-देना नहीं'
शरद पवार ने आरोप लगाया, लगता है सरकार समस्याओं को सुलझाना ही नहीं चाहती। वह सामाजिक ढांचे को कमजोर करने की कोशिश कर रही है। हमें इसका डटकर विरोध करना चाहिए, चाहे इसके लिए कोई राजनीतिक कीमत ही क्यों न चुकानी पड़े। सामाजिक एकता और भाईचारे से कोई समझौता नहीं होना चाहिए। मीडिया से बातचीत में पवार ने कहा कि उनका कार्यकर्ता मनोज जरांगे या उनके आंदोलन से कोई लेना-देना नहीं है।
'राज्य में जाति-समुदाय के आधार पर गहरी खाई'
जब उनसे पूछा गया कि क्या वह जरांगे के आंदोलन का समर्थन करते हैं, तो उन्होंने कहा, इस मुद्दे पर मेरी कोई टिप्पणी जरूरी नहीं है। यह आरोप निराधार है और मेरा इससे कोई संबंध नहीं है। पवार ने कहा कि राज्य के कई हिस्सों में जाति और समुदाय के आधार पर गहरी खाई है और यह चिंता की बात है। उन्होंने अपनी पार्टी से कहा कि वह अपने किसान मोर्चे को मजबूत करें और खेती-किसानी को नुकसान न हो, इसके लिए कार्यक्रम और नीतियां बनाएं।
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'भारत को अपनी शर्तों पर चला रहा अमेरिका'
पवार ने दावा किया कि पिछले आठ महीनों में राज्य में 1,186 किसानों ने आत्महत्या की है, जिनमें से 700 मौतें विदर्भ और 820 मराठवाड़ा में हुई हैं। उन्होंने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर भी हमला किया और कहा कि भारत की विदेश नीति ऐसी हो गई है कि अब देश के पास कोई दोस्त नहीं बचा है। उन्होंने कहा, हमारे सभी पड़ोसी देश अब हमारे खिलाफ हो गए हैं और अमेरिका अब भारत को अपनी शर्तों पर चला रहा है।
मुख्यमंत्री फडणवीस ने किया शरद पवार पर पलटवार
शरद पवार के इस आरोप पर कि राज्य की सामाजिक एकता कमजोर हो रही है, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पलटवार किया। फडणवीस ने कहा, हर कोई जानता है कि पवार साहब किस चीज के लिए मशहूर हैं। जब वो 'एक्स' कहते हैं तो समझिए उसका मतलब 'वाई' होता है। वो बड़े नेता हैं, मैं उनके बारे में और क्या कह सकता हूं?
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