Maharastra Assembly Election: क्या शिवसेना के गढ़ में सेंध लगा पाएंगे अमित ठाकरे? माहिम सीट पर टिकी सबकी नजर
माहिम सीट का इतिहास काफी दिलचस्प रहा है। यह वह जगह है जहां 1966 में शिवसेना की नींव रखी गई थी और 2006 में यहीं महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) का गठन हुआ। अब यहां शिवसेना (यूबीटी) का भी मुख्यालय है। यह क्षेत्र शहर के बीचोंबीच है, जो सेंचुरी बाजार से माहिम कोलीवाड़ा तक फैला हुआ है।
विस्तार
आगामी महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में मुंबई की माहिम सीट पर कांटे का मुकाबला देखने को मिल सकता है। दरअसल, मनसे प्रमुख राज ठाकरे के बेटे अमित ठाकरे इस सीट पर चुनाव लड़ रहे हैं और अपने सियासी सफर की शुरुआत कर रहे हैं। शिवसेना के गढ़ माने जाने वाले माहिम में मुख्य मुकाबला मनसे के उम्मीदवार अमित ठाकरे, शिवसेना के सदा सरवरणकर और शिवसेना (यूबीटी) के महेश सावंत के बीच है। हालांकि, एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना महायुति गठबंधन में भाजपा की सहयोगी है। सूत्रों के मुताबिक,भाजपा मनसे उम्मीदवार का समर्थन करना चाहती है और सरवणकर को चुनावी दौड़ से बाहर करने की कोशिशें की जा रही हैं।
दिलचस्प है माहिम का इतिहास
माहिम सीट का इतिहास काफी दिलचस्प रहा है। यह वह जगह है जहां 1966 में शिवसेना की नींव रखी गई थी और 2006 में यहीं महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) का गठन हुआ। अब यहां शिवसेना (यूबीटी) का भी मुख्यालय है। यह क्षेत्र शहर के बीचोंबीच है, जो सेंचुरी बाजार से माहिम कोलीवाड़ा तक फैला हुआ है। माहिम में सिद्धिविनायक मंदिर, पुर्तगाली चर्च, माहिम चर्च, सिटीलाईट सिनेमा, माहिम दरगाह और सेना भवन जैसे प्रसिद्ध स्थल हैं। यह सवर्ण मतदाताओं का गढ़ रहा है, जो परंपरागत रूप से कांग्रेस विरोधी रहे हैं। हालांकि, माहिम के मतदाता अक्सर शिवसेना का समर्थन करते रहे हैं। राजनीतिक पर्यवेक्षक कहते हैं कि उद्धव ठाकरे के कांग्रेस के साथ गठबंधन ने इस समीकरण को हिलाकर रख दिया है। मतदाताओं को ऐसा लगता है कि उद्धव ने मराठी और हिंदुत्व का एजेंडा छोड़ दिया है।
क्या कहते हैं माहिम के चुनावी आंकड़े
लोकसभा चुनाव में शिवसेना (यूबीटी) के उम्मीदवार अनिल देसाई ने मुंबई दक्षिण मध्य सीट पर जीत हासिल की थी। माहिस विधानसभा क्षेत्र भी इसी में आता है। शिवसेना ने इस सीट पर राहुल शेवाले को उम्मीदवार बनाया था। 2009 के विधानसभा चुनावों में मनसे के नितिन सरदेसाई ने माहिम सीट पर 48,734 मतों के साथ जीत हासिल की थी। 2014 में मनसे के संदीप देशपांडे ने 42,690 वोट हासिल किए थे। लेकिन वह सरवणकर से हार गए थे। 2019 में सरदेसाई सरवणकर से हार गए थे। हालांकि, उन्हें 40,350 वोट मिले। एक राजनीतिक पर्यवेक्षक के मुताबिक, ये आंकड़े अमित ठाकरे के लिए कम से कम 30 हजार मतदाताओं का समर्थन दर्शाते हैं और भाजपा के समर्थन से उन्हें लाभ हो सकता है। इस क्षेत्र में अधिकांश लोग मराठी बोलने वाले हैं और उनमें शिवसेना (यूबीटी) के खिलाफ भी असंतोष है।
माहिम में हैं दो लाख से ज्यादा मतदाता
माहिम में 2,25,373 मतदाता हैं, जिनमें 1,12,638 पुरुष, 1,12,657 महिलाएं और 78 एलजीबीटी समुदाय के लोग शामिल हैं। राज ठाकरे भी माहिल विधानभा क्षेत्र के निवासी हैं। कांग्रेस के पास भी इस सीट पर कुछ वोट हैं। 2019 में कांग्रेस के उम्मीदवार प्रवीण नाइक को 15,246 वोट हासिल किए थे। राज्य की 288 सदस्यीय सीटों के लिए 20 नवंबर को एक चरण में मतदान होंगे। इसके तीन दिन बाद मतगणना होगी।
संबंधित वीडियो-
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.