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Maharashtra: कोल्हापुर से मधुरिमा के नाम वापस लेने पर कांग्रेस का खेला, इस निर्दलीय उम्मीदवार को दिया समर्थन
Wed, 06 Nov 2024 02:41 AM IST
शुभम कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: शुभम कुमार
Updated Wed, 06 Nov 2024 02:41 AM IST
सार
पश्चिम महाराष्ट्र की उत्तर कोल्हापुर विधानसभा क्षेत्र कांगेस की गढ़ों में एक मानी जाती है। लेकिन मैजूदा समय में स्थिति ये है कि कांग्रेस नेता मधुरिमा राजे के नामांकन वापस लेने के बाद पार्टी को इस सीट से निर्दलीय उम्मीदवार राजेश लाटकर को समर्थन देना पड़ा है।
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महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष नाना पटोले और कांग्रेस नेता राहुल गांधी
- फोटो : X/@@NANA_PATOLE
विस्तार
महाराष्ट्र में होने वाले विधानसभा चुनाव में 15 दिनों से भी कम का समय शेष रह गया है। जिसको लेकर राजनीतिक पार्टियां अपने-अपने समीकरण को मजबूत करने में लगी है। दूसरी और कांग्रेस ने मंगलवार को उत्तर कोल्हापुर विधानसभा क्षेत्र में अपने आधिकारिक उम्मीदवार मधुरिमा राजे छत्रपति द्वारा अंतिम समय में अपना नामांकन वापस लेने के एक दिन बाद निर्दलीय उम्मीदवार राजेश लाटकर को समर्थन देने का एलान किया है। बता दें कि राजेश लाटकर ने कोल्हापुर से टिकट ना मिलने पर कांग्रेस ने नाराज होकर निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर नामांकन किया था।
मधुरिमा राजे के पीछे हटने पर कांग्रेस में निराशा
महाराष्ट्र की कोल्हापुर विधानसभा क्षेत्र राजनीतिक पार्टियों की नजर में महत्वपूर्व सीट मानी जाती है। कोल्हापुर (उत्तर) कांग्रेस के लिए पश्चिम महाराष्ट्र के गढ़ो में एक मानी जाती है। ऐसे में मधुरिमा राजे के नामाकंन वापस लेने पर कांग्रेस में नारजगी देखने को मिली। जिसको लेकर स्थानीय कांग्रेस नेता सतेज पाटिल ने मधुरिमा राजे के अंतिम समय में नामांकन वापस लेने पर निराशा व्यक्त की जिससे कांग्रेस को शर्मिंदगी उठानी पड़ी। बता दें कि महाराष्ट्र में 288 विधानसभा सीटों पर एक चरण में ही 20 नवंबर को मतदान और 23 नवंबर को मतगणना होनी है।
लाटकर को समर्थन देने का एलान
जानकारी के लिए बता दें कि मधुरिमा राजे की शादी कोल्हापुर के सांसद शाहू महाराज छत्रपति के छोटे बेटे मालोजीराव छत्रपति से हुई है। मंगलवार को शाहू छत्रपति, सतेज पाटिल और अन्य प्रमुख कांग्रेस नेताओं ने एक बैठक की और लाटकर की उम्मीदवारी का समर्थन करने का फैसला किया।
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शाहू छत्रपति ने दी जानकारी
इस विषय में शाहू छत्रपति ने कहा कि हमने लाटकर की उम्मीदवारी के साथ आगे बढ़ने का फैसला किया है। महाराष्ट्र के कांग्रेस प्रभारी रमेश चेन्निथला और वरिष्ठ कांग्रेस नेता के सी वेणुगोपाल ने हमें निर्णय लेने की सलाह दी थी। इसी के अनुसार, सतेज पाटिल ने आज बैठक बुलाई, जिसमें मैं लाटकर के नाम का प्रस्ताव रख रहा हूं।
बता दें कि राजे को टिकट दिए जाने के बाद नाराज लाटकर ने एक निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में अपना नामांकन दाखिल किया। जिसको लेकर शाहू महाराज ने सोशल मीडिया पर चल रही उन अफवाहों को भी खारिज कर दिया कि इस प्रकरण के बाद वह लोकसभा सांसद के पद से इस्तीफा दे देंगे।
मधुरिमा ने क्यों लिया था नाम वापस
शाहू छत्रपति ने एक पत्र के माध्यम से मधुरिमा राजे के नामांकन वापस लेने के पीछे का कारण बताते हुए कहा कि उनका नामांकन वापस लिया गया क्योंकि कांग्रेस के जमीनी कार्यकर्ताओं के समर्थन के बिना चुनाव लड़ना अनुचित माना गया। इसके साथ ही पत्र में कहा गया है कि यह पहले से ही तय था कि एक परिवार के पास दो राजनीतिक पद नहीं होने चाहिए, और इसलिए लाटकर को पार्टी उम्मीदवार के रूप में चुना गया था, लेकिन आंतरिक विरोध के कारण उन्हें हटा दिया गया।
कांग्रेस के लिए थोड़ी मुश्किल हुई कोल्हापुर की राह
भलेही कांग्रेस के लिए उत्तरी कोल्हापुर पश्चिम महाराष्ट्र की गढ़ों में एक मानी जाती है लेकिन कांग्रेस नेता मधुरिमा राजे के कोल्हापुर विधानसभा क्षेत्र से नामांकन वापस लेने से कांग्रेस की राह थोड़ी मुश्किल होती हुई नजर आ रही है। कराण ये है कि अब इस सीट से कांग्रेस निर्दलीय उम्मीदवार राजेश लाटकर को समर्थन देगी और लाटकर के सामने इस सीट से शिवसेना उम्मीदवार राजेश क्षीरसागर की चुनौती है।
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मधुरिमा राजे के पीछे हटने पर कांग्रेस में निराशा
महाराष्ट्र की कोल्हापुर विधानसभा क्षेत्र राजनीतिक पार्टियों की नजर में महत्वपूर्व सीट मानी जाती है। कोल्हापुर (उत्तर) कांग्रेस के लिए पश्चिम महाराष्ट्र के गढ़ो में एक मानी जाती है। ऐसे में मधुरिमा राजे के नामाकंन वापस लेने पर कांग्रेस में नारजगी देखने को मिली। जिसको लेकर स्थानीय कांग्रेस नेता सतेज पाटिल ने मधुरिमा राजे के अंतिम समय में नामांकन वापस लेने पर निराशा व्यक्त की जिससे कांग्रेस को शर्मिंदगी उठानी पड़ी। बता दें कि महाराष्ट्र में 288 विधानसभा सीटों पर एक चरण में ही 20 नवंबर को मतदान और 23 नवंबर को मतगणना होनी है।
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लाटकर को समर्थन देने का एलान
जानकारी के लिए बता दें कि मधुरिमा राजे की शादी कोल्हापुर के सांसद शाहू महाराज छत्रपति के छोटे बेटे मालोजीराव छत्रपति से हुई है। मंगलवार को शाहू छत्रपति, सतेज पाटिल और अन्य प्रमुख कांग्रेस नेताओं ने एक बैठक की और लाटकर की उम्मीदवारी का समर्थन करने का फैसला किया।
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शाहू छत्रपति ने दी जानकारी
इस विषय में शाहू छत्रपति ने कहा कि हमने लाटकर की उम्मीदवारी के साथ आगे बढ़ने का फैसला किया है। महाराष्ट्र के कांग्रेस प्रभारी रमेश चेन्निथला और वरिष्ठ कांग्रेस नेता के सी वेणुगोपाल ने हमें निर्णय लेने की सलाह दी थी। इसी के अनुसार, सतेज पाटिल ने आज बैठक बुलाई, जिसमें मैं लाटकर के नाम का प्रस्ताव रख रहा हूं।
बता दें कि राजे को टिकट दिए जाने के बाद नाराज लाटकर ने एक निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में अपना नामांकन दाखिल किया। जिसको लेकर शाहू महाराज ने सोशल मीडिया पर चल रही उन अफवाहों को भी खारिज कर दिया कि इस प्रकरण के बाद वह लोकसभा सांसद के पद से इस्तीफा दे देंगे।
मधुरिमा ने क्यों लिया था नाम वापस
शाहू छत्रपति ने एक पत्र के माध्यम से मधुरिमा राजे के नामांकन वापस लेने के पीछे का कारण बताते हुए कहा कि उनका नामांकन वापस लिया गया क्योंकि कांग्रेस के जमीनी कार्यकर्ताओं के समर्थन के बिना चुनाव लड़ना अनुचित माना गया। इसके साथ ही पत्र में कहा गया है कि यह पहले से ही तय था कि एक परिवार के पास दो राजनीतिक पद नहीं होने चाहिए, और इसलिए लाटकर को पार्टी उम्मीदवार के रूप में चुना गया था, लेकिन आंतरिक विरोध के कारण उन्हें हटा दिया गया।
कांग्रेस के लिए थोड़ी मुश्किल हुई कोल्हापुर की राह
भलेही कांग्रेस के लिए उत्तरी कोल्हापुर पश्चिम महाराष्ट्र की गढ़ों में एक मानी जाती है लेकिन कांग्रेस नेता मधुरिमा राजे के कोल्हापुर विधानसभा क्षेत्र से नामांकन वापस लेने से कांग्रेस की राह थोड़ी मुश्किल होती हुई नजर आ रही है। कराण ये है कि अब इस सीट से कांग्रेस निर्दलीय उम्मीदवार राजेश लाटकर को समर्थन देगी और लाटकर के सामने इस सीट से शिवसेना उम्मीदवार राजेश क्षीरसागर की चुनौती है।