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Maharashtra: नवाब मलिक को लेकर क्यों भिड़े भाजपा और अजित गुट, फडणवीस के पत्र पर महाराष्ट्र में बवाल क्यों?

Fri, 08 Dec 2023 05:59 PM IST
शिवेंद्र तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शिवेंद्र तिवारी Updated Fri, 08 Dec 2023 05:59 PM IST
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सार
Maharashtra Politics: नवाब मलिक के भाजपा नीत महायुति में शामिल होने के कयासों के बीच महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अजित पवार को पत्र लिखा। इस पत्र में फडणवीस ने सलाह दी कि अजित को नवाब मलिक को अपनी पार्टी में शामिल नहीं करना चाहिए। 
 
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Maharashtra: Why did BJP and Ajit factions clash over Nawab Malik inclusion in alliance
Maharashtra Politics: - फोटो : AMAR UJALA

विस्तार

महाराष्ट्र में इन दिनों पूर्व गृह मंत्री और एनसीपी नेता (शरद गुट) नवाब मलिक के मुद्दे पर घमासान मचा हुआ है। दरअसल, इस घटनाक्रम की शुरुआत 7 दिसंबर को विधानसभा में मलिक के सत्ता पक्ष की तरफ बैठने से हुई। इससे कयास लगाए जाने लगे कि मनी लांड्रिंग मामले में जेल जा चुके मलिक एनसीपी (अजित गुट) में शामिल हो रहे हैं। इस पर भाजपा नेता देवेंद्र फडणवीस ने अजित पवार को एक खुला खत लिखा, जिसमें नवाब को महायुति में शामिल न करने की बात कही गई। अब सार्वजनिक चिट्ठी को लेकर एनसीपी नेताओं ने आपत्ति जता दी है, जिससे पूरा मामला गरमा गया है।


आइये जानते हैं कि नवाब मलिक के मुद्दे पर महाराष्ट्र में क्या हो रहा है? भाजपा ने मलिक के गठबंधन में शामिल होने के खबरों पर क्या कहा है? अजित गुट वाले एनसीपी ने भाजपा की चिट्ठी पर क्या जवाब दिया? विपक्ष इस मामले को कैसे देख रहा है? 

नवाब मलिक के मुद्दे पर महाराष्ट्र में क्या हो रहा है?
दरअसल, 7 दिसंबर से महाराष्ट्र विधानसभा का शीतकालीन सत्र शुरू हुआ था, जिसमें एनसीपी नेता नवाब मलिक शामिल हुए। इस दौरान वह विधानसभा में सत्ता पक्ष की तरफ अजित पवार गुट के विधायकों के साथ बैठ गए। इसके बाद से कयास लगाए जाने लगे कि नवाब मलिक अजित पवार गुट में शामिल होने जा रहे हैं। 



बता दें कि नवाब मलिक अगस्त महीने में जेल से बाहर आए हैं। इससे पहले ईडी ने पिछले साल फरवरी में मनी लॉन्ड्रिंग मामले में मलिक की गिरफ्तारी की थी। मलिक पर एजेंसियों का आरोप है कि उन्होंने मुंबई में अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम और उसके साथियों के साथ कथित तौर पर पैसों का लेनदेन किया। मलिक पर यह भी आरोप है कि उन्होंने दाऊद इब्राहिम गैंग की जमीनें सस्ते दामों पर खरीदीं। 18 महीने जेल में रहने के बाद 23 अगस्त 2023 को सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें खराब सेहत के आधार पर जमानत दी थी। 

भाजपा ने मलिक के गठबंधन में शामिल होने के खबरों पर क्या कहा है?
नवाब मलिक के भाजपा नीत महायुति में शामिल होने के कयासों के बीच राज्य के उपमुख्यमंत्री और भाजपा नेता देवेंद्र फडणवीस ने राज्य के दूसरे डिप्टी सीएम अजित पवार को पत्र लिखा। इस पत्र में फडणवीस ने सलाह दी कि अजित पवार को नवाब मलिक को अपनी पार्टी में शामिल नहीं करना चाहिए। 

फडणवीस ने पत्र में लिखा, 'आपकी पार्टी में कौन शामिल होगा, कौन नहीं, इसका फैसला करने का अधिकार आपका है लेकिन मुझे लगता है कि नवाब मलिका को पार्टी में शामिल करने से गठबंधन को नुकसान हो सकता है। महाविकास अघाड़ी की सरकार में नवाब मलिक मंत्री थे और गिरफ्तारी के बावजूद मंत्री बने रहे थे लेकिन हमारा गठबंधन महाविकास अघाड़ी की तरह नहीं है।' फडणवीस ने पत्र में उल्लेख किया, 'नवाब मलिक विधायक हैं और विधानसभा सत्र में शामिल होना उनका अधिकार है। हमारी किसी से निजी दुश्मनी नहीं है, लेकिन हम नवाब मलिक को गठबंधन में शामिल करने का विरोध करेंगे।'

भाजपा नेता की चिट्ठी पर क्या कहा जा रहा है?
भाजपा नेता फडणवीस द्वारा अजित पवार को लिखे गए सार्वजनिक पत्र के बाद विपक्षी नेताओं समेत सरकार में शामिल एनसीपी (अजित गुट) की भी प्रतिक्रिया सामने आई है। राज्य के डिप्टी सीएम अजित पवार ने कहा कि वह पहले नवाब मलिक के पक्ष को जानने के बाद अपना जवाब देंगे।

वहीं, एनसीपी (अजित पवार गुट) के एमएलसी अमोल मितकारी ने कहा कि फडणवीस को अपना मत निजी तौर पर रखना चाहिए न कि किसी सार्वजनिक मंच पर। मितकारी ने कहा, 'ऐसे पत्र की कोई जरूरत नहीं थी और जो भी करना था वह व्यक्तिगत रूप से करना चाहिए था। यह पत्र अब वायरल हो रहा है। जैसा कि नवाब मलिक से जुड़ा पत्र पहले है लिखा जा चुका है तो, अजित पवार इसका विधिवत जवाब देंगे।'

उधर शरद गुट के नेता जयंत पाटिल ने फडणवीस पर कटाक्ष करते हुए कहा कि यह पत्र महाराष्ट्र की जनता के लिए स्पष्टीकरण देने का एक प्रयास है। उन्होंने यह भी कहा कि लगता है कि उपमुख्यमंत्री के पास अजित पवार का फोन नंबर नहीं है जिससे ऐसे मामलों पर निजी तौर पर चर्चा की जा सके। इस बीच गठबंधन में शामिल कई नेताओं ने कहा है कि इस मामले असर सरकार पर नहीं पड़ेगा।
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