Maharashtra: निपाह वायरस के लिए स्वदेशी रैपिड डिटेक्शन किट तैयार, 100% सटीकता से लग सकेगा पता; ICMR का एलान
भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) ने निपाह वायरस के मामलों का 100% सटीकता से पता लगाने के लिए एक पोर्टेबल टेस्ट किट विकसित कर ली है। यह एक से दो घंटे के अंदर ही रिजल्ट दे सकती है। आईसीएमआर-एनआईवी, पुणे के निदेशक डॉ. नवीन कुमार के मुताबिक, जमीनी स्तर पर इसके लिए किसी खास मशीन की जरूरत नहीं होगी। यह वायरल जीन के प्रवर्धन पर आधारित है और 100% संवेदनशील और विशिष्ट है। यह परीक्षण एक से दो घंटे में परिणाम दे सकता है। परीक्षण की लागत 250 रुपये के करीब है।
पुणे रेलवे स्टेशन का नाम महान थोरेल बाजीराव पेशवा के नाम पर रखने की मांग
भाजपा की राज्यसभा सांसद मेधा कुलकर्णी ने सोमवार को पुणे रेलवे स्टेशन का नाम महान थोरेल बाजीराव पेशवा के नाम पर रखने की मांग की। उन्होंने कहा, 'आज पुणे और सोलापुर रेलवे डिवीजनों की एक बैठक बुलाई गई थी। कई संगठनों ने मांग की है कि पुणे रेलवे स्टेशन का नाम थोरेल बाजीराव पेशवा के नाम पर रखा जाए। मैंने आज मांग दोहराई।' पेशवा को बाजीराव प्रथम के नाम से भी जाना जाता है। वे 1720 से 1740 के बीच छत्रपति शाहू प्रथम के अधीन पेशवा (प्रधानमंत्री) थे और उन्हें अपनी सैन्य शक्ति के साथ-साथ मराठा साम्राज्य के विस्तार के लिए जाना जाता है। उन्हें कभी कोई युद्ध न हारने के लिए सम्मानित किया जाता है।
मुंबई में ओवरहेड तार टूटने से लोकल ट्रेन सेवाएं प्रभावित
कुर्ला और सायन स्टेशनों के बीच सोमवार रात ओवरहेड तार टूट जाने के कारण सेंट्रल रेलवे की फास्ट लोकल ट्रेन सेवाएं प्रभावित हुईं। रेलवे के प्रवक्ता ने बताया कि छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (CSMT) की ओर जाने वाली फास्ट लाइन पर तार टूट गया। साथ ही आसनगांव से CSMT जा रही एक ट्रेन का पेंटोग्राफ (जो ट्रेन को तार से बिजली पहुंचाता है) भी रात करीब 10:10 बजे टूट गया। उन्होंने बताया कि मरम्मत और बहाली का काम चल रहा है। इन दोनों घटनाओं के कारण मुंबई सीएसएमटी की ओर जाने वाली फास्ट लाइन सेवाओं को धीमी लाइन पर डायवर्ट किया गया। यात्रियों ने दावा किया कि सीआर पर उपनगरीय सेवाएं कम से कम 15 से 20 मिनट देरी से चल रही हैं।
#WATCH | Mumbai, Maharashtra | Visuals of restoration work underway after the Central Railway's fast line local services were affected due to an overhead wire break at the Kurla station on Monday. pic.twitter.com/xnCOmmaBNG
— ANI (@ANI) June 23, 2025
महाराष्ट्र में मराठी जरूरी, हिंदी नहीं: भाजपा मंत्री आशीष शेलार
महाराष्ट्र के संस्कृतिक मामलों के मंत्री आशीष शेलार ने सोमवार को कहा कि राज्य में केवल मराठी भाषा पढ़ना जरूरी है, हिंदी नहीं। उन्होंने कहा कि स्कूलों में तीसरी भाषा को लेकर जो विवाद हो रहा है, वो बिलकुल गलत और बिना वजह है। उन्होंने पत्रकारों से बात करते हुए साफ किया कि कक्षा 1 से 5 तक हिंदी को जरूरी भाषा नहीं बनाया गया है, जैसा कि कुछ लोग कह रहे हैं। शेलार ने कहा, 'हमारी सरकार ने कक्षा 5 से 8 तक हिंदी पढ़ना भी अनिवार्य नहीं रखा है। इसके बजाय, हिंदी को बाकी भाषाओं के साथ एक विकल्प के रूप में रखा गया है। इसलिए इस विषय पर जो बातें हो रही हैं, वो सही नहीं हैं और बेकार की हैं।'
रिश्वत लेते हुए सिक्योरिटी गार्ड सुपरवाइजर गिरफ्तार
ठाणे की इमारत की छत टूटी
मुंबई में दीवार गिरने से तीन घायल
बॉम्बे हाईकोर्ट की औरंगाबाद बेंच ने स्कूल और कॉलेजों के बाहर सिगरेट, ई-सिगरेट और नशे की चीजें बेचे जाने की खबरों पर खुद संज्ञान (सुओ मोटो) लिया है। कोर्ट ने चिंता जताई कि नशे के सौदागर मासूम और कम उम्र के छात्रों को इन वस्तुओं की लत लगाकर उनका भविष्य बर्बाद कर रहे हैं। मामले में सुनवाई के दौरान जस्टिस रवींद्र घुगे और वाईजी खोब्रागड़े की पीठ ने 20 जून को सुनवाई के दौरान कहा कि उन्होंने कुछ परेशान करने वाली खबरें देखीं, जिनमें बताया गया कि किस तरह स्कूल-कॉलेजों के बाहर खुलेआम प्रतिबंधित वस्तुएं बेची जा रही हैं।
कोर्ट ने कहा कि छोटे और प्रभावित होने वाली उम्र के छात्रों को इन नशीली चीज़ों की ओर आकर्षित किया जा रहा है, जिससे वे नशे की गिरफ्त में आकर शारीरिक और मानसिक रूप से तबाह हो सकते हैं। साथ ही कोर्ट ने छत्रपति संभाजीनगर (पूर्व में औरंगाबाद) पुलिस को निर्देश दिया कि वह पूरी गंभीरता से कार्रवाई करे और सुनिश्चित करे कि खासकर छात्र ऐसे अवैध धंधों से सुरक्षित रहें।
मालेगांव चीनी मिल चुनाव: अजित पवार की पैनल को बढ़त, शरद पवार गुट भी मैदान में
महाराष्ट्र के मालेगांव में स्थित नीलकंठेश्वर सहकारी चीनी मिल के चुनाव में डिप्टी सीएम अजित पवार के नेतृत्व वाली पैनल को शुरुआती बढ़त मिली है। मंगलवार को हुई गिनती के पहले राउंड के बाद अजित पवार की पैनल ने 5 सीटों पर बढ़त बना ली है। खुद अजित पवार ने भी अपनी सीट जीत ली है।
यह चुनाव अजित पवार के लिए खास रहा, क्योंकि उन्होंने करीब 40 साल बाद किसी सहकारी संस्था का चुनाव लड़ा। उनकी नीलकंठेश्वर पैनल पहले से इस मिल की सत्ता में है। उनके खिलाफ शरद पवार समर्थित एनसीपी (एसपी) की ‘बलीराजा सहकार पैनल’ और चंद्रराव तावरे की ‘सहकार बचाव पैनल’ मैदान में हैं। चुनाव रविवार को हुआ था, जिसमें बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की 21 सीटों के लिए मतदान कराया गया। इसमें गन्ना उत्पादकों के समूह 'A' में 19,549 और सहकारी संस्थाओं से जुड़े समूह 'B' में 102 वोटर शामिल थे।