IAS Puja Khedkar: आईएएस अधिकारी पूजा खेडकर पर बड़ी कार्रवाई; अकादमी ने ट्रेनिंग रद्द कर वापस बुलाया
अतिरिक्त मुख्य सचिव (पी) नितिन गद्रे के पत्र के मुताबिक, एलबीएसएनएए, मसूरी ने आपके जिला प्रशिक्षण कार्यक्रम को स्थगित रखने और आगे की आवश्यक कार्रवाई के लिए आपको तुरंत वापस बुलाने का फैसला किया है।
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विवादों में घिरीं ट्रेनी आईएएस अधिकारी पूजा खेडकर पर बड़ी कार्रवाई की गई है। उनकी ट्रेनिंग को रद्द करते हुए वापस अकादमी आने के निर्देश दे दिए गए हैं। जानकारी के मुताबिक, सरकार ने पूजा खेडकर की आईएएस परिवीक्षा को स्थगित कर दिया है। उन्हें लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी में 23 जुलाई 2024 तक रिपोर्ट करने को कहा गया है। अतिरिक्त मुख्य सचिव (पी) नितिन गद्रे के पत्र के मुताबिक, एलबीएसएनएए, मसूरी ने आपके जिला प्रशिक्षण कार्यक्रम को स्थगित रखने और आगे की आवश्यक कार्रवाई के लिए आपको तुरंत वापस बुलाने का फैसला किया है।
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कौन हैं आईएएस पूजा खेडकर?
पूजा खेडकर 2023 बैच की आईएएस अधिकारी हैं। पूजा खेडकर पर आरोप है कि उन्होंने खुद को ओबीसी नॉन क्रीमी लेयर वर्ग से बताकर यूपीएससी में चयन हासिल किया। साथ ही उन पर आरोप है कि उन्होंने मानसिक रूप से दिव्यांग होने का दावा किया, लेकिन कई बार बुलाने के बावजूद मेडिकल जांच में शामिल नहीं हुईं। बीते दिनों वीआईपी ट्रीटमेंट की मांग को लेकर वह विवादों में घिरीं थी। जिसके बाद उनका पुणे से वाशिम तबादला कर दिया गया था।
पूजा पर लगे आरोप
- पूजा खेडकर पर आरोप है कि ट्रेनिंग पीरियड के दौरान उन्होंने सरकारी आवास, स्टाफ, गाड़ी और दफ्तर में अलग केबिन की मांग की।
- अपनी निजी ऑडी कार पर लाल-नीली बत्ती और महाराष्ट्र सरकार का लोगो लगाया।
- उन्होंने चोरी के आरोप में गिरफ्तार एक ट्रांसपोर्टर को छोड़ने के लिए डीसीपी रैंक के अधिकारी पर दबाव बनाया।
- उन्होंने आईएएस बनने के लिए झूठे दस्तावेज का इस्तेमाल करते हुए यूपीएससी के फार्म में खुद को ओबीसी नाॅन क्रीमी लेयर बताया।
- पूजा समृद्ध परिवार से हैं। वह खुद लगभग 17 करोड़ की संपत्ति की मालकिन हैं।
- पूजा ने विकलांगता श्रेणी के तहत यूपीएससी का आवेदन पत्र भरा था। दावा किया गया कि वह 40 फीसदी दृष्टिबाधित हैं और किसी मानसिक बीमारी से जूझ रही हैं। हालांकि मेडिकल के दौरान वह हर बार नहीं पहुंची।
- एमबीबीएस कॉलेज में दाखिले के समय भी दस्तावेजों की हेर-फेर के आरोप पूजा पर हैं।