{"_id":"67a31cfa9915b9044407a234","slug":"maharashtra-thane-court-acquits-gangster-suresh-pujari-in-murder-bid-extortion-case-after-seven-year-trials-2025-02-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Maharashtra: सात साल चली सुनवाई, अब अदालत ने कुख्यात गैंगस्टर को किया बरी, इस बात पर जताई नाराजगी","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Maharashtra: सात साल चली सुनवाई, अब अदालत ने कुख्यात गैंगस्टर को किया बरी, इस बात पर जताई नाराजगी
Wed, 05 Feb 2025 01:40 PM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: नितिन गौतम
Updated Wed, 05 Feb 2025 01:40 PM IST
सार
अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष ये साबित करने में असफल रहा कि आरोपी ही इस मामले में शामिल थे और अभियोजन पक्ष के मामले में कई अनियमितताएं हैं। अदालत ने कहा कि जिस होटल मैनेजर पर हमला हुआ, वह और होटल का स्टाफ आरोपियों को पहचानने में नाकाम रहा।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : ANI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
महाराष्ट्र की एक विशेष अदालत ने कुख्यात गैंगस्टर सुरेश पुजारी और उसके चार सहयोगियों को मकोका मामले में बरी कर दिया। गौरतलब है कि इस मामले में सात साल तक ट्रायल चला, लेकिन अभियोजन पक्ष अपने आरोपों को साबित करने में नाकाम रहा। इसके बाद अदालत ने गैंगस्टर और उसके साथियों को रिहा करने का आदेश दिया। मामला 2017 का है, जिसमें एक होटल में गोलीबारी की गई और होटल कारोबारी से वसूली की कोशिश की गई थी।
अदालत ने अभियोजन पक्ष से जताई नाराजगी
अदालत ने एक फरवरी के अपने आदेश में गैंगस्टर और उसके साथियों को रिहा करते हुए कहा कि 'अभियोजन पक्ष आईपीसी के तहत ही अपराध को साबित करने में नाकाम रहा है। ऐसे में इन्हें संदेह के लाभ देते हुए महाराष्ट्र कंट्रोल ऑफ ऑर्गेनाइज्ड क्राइम एक्ट (मकोका) के तहत भी बरी किया जाता है।' अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष ये साबित करने में असफल रहा कि आरोपी ही इस मामले में शामिल थे और अभियोजन पक्ष के मामले में कई अनियमितताएं हैं। अदालत ने कहा कि जिस होटल मैनेजर पर हमला हुआ, वह और होटल का स्टाफ आरोपियों को पहचानने में नाकाम रहा। गौरतलब है कि सुरेश पुजारी, कुख्यात गैंगस्टर रवि पुजारी का पूर्व सहयोगी रहा है। उसे साल 2021 में फिलीपींस से भारत प्रत्यर्पित किया गया था। सुरेश पुजारी बीते कई वर्षों से फरार था और विदेश में बैठकर भारत में अपराधों की साजिश रच रहा था। सुरेश पुजारी के खिलाफ मुंबई, नवी मुंबई और ठाणे में 50 से ज्यादा एफआईआर दर्ज हैं, जिनमें विभिन्न लोगों से वसूली करने के आरोप हैं।
2017 का है मामला
अभियोजन पक्ष का कहना है कि 7 मई 2017 में एक नकाबपोश व्यक्ति ने पालघर के होटल गैलेक्सी में घुसकर मैनेजर को गोली मार दी थी। हमलावर एक पर्ची छोड़कर गए थे, जिसमें होटल के मालिक को धमकी देते हुए गैंगस्टर सुरेश पुजारी का नाम लिखा हुआ था। हादसे में होटल मैनेजर गंभीर रूप से घायल हुआ था। शिकायत पर पुलिस ने आईपीसी की धारा 307, आर्म्स एक्ट और मकोका की धाराओं में मामला दर्ज किया था। इस मामले में सुरेश पुजारी उर्फ शेट्टी, राज शेषराव चव्हाण, अली अब्बास जफर खान, सुधाकर सुंदर और मोहम्मद सैमी को आरोपी बनाया गया था।
विज्ञापन
विज्ञापन
अदालत ने अभियोजन पक्ष से जताई नाराजगी
अदालत ने एक फरवरी के अपने आदेश में गैंगस्टर और उसके साथियों को रिहा करते हुए कहा कि 'अभियोजन पक्ष आईपीसी के तहत ही अपराध को साबित करने में नाकाम रहा है। ऐसे में इन्हें संदेह के लाभ देते हुए महाराष्ट्र कंट्रोल ऑफ ऑर्गेनाइज्ड क्राइम एक्ट (मकोका) के तहत भी बरी किया जाता है।' अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष ये साबित करने में असफल रहा कि आरोपी ही इस मामले में शामिल थे और अभियोजन पक्ष के मामले में कई अनियमितताएं हैं। अदालत ने कहा कि जिस होटल मैनेजर पर हमला हुआ, वह और होटल का स्टाफ आरोपियों को पहचानने में नाकाम रहा। गौरतलब है कि सुरेश पुजारी, कुख्यात गैंगस्टर रवि पुजारी का पूर्व सहयोगी रहा है। उसे साल 2021 में फिलीपींस से भारत प्रत्यर्पित किया गया था। सुरेश पुजारी बीते कई वर्षों से फरार था और विदेश में बैठकर भारत में अपराधों की साजिश रच रहा था। सुरेश पुजारी के खिलाफ मुंबई, नवी मुंबई और ठाणे में 50 से ज्यादा एफआईआर दर्ज हैं, जिनमें विभिन्न लोगों से वसूली करने के आरोप हैं।
विज्ञापन
2017 का है मामला
अभियोजन पक्ष का कहना है कि 7 मई 2017 में एक नकाबपोश व्यक्ति ने पालघर के होटल गैलेक्सी में घुसकर मैनेजर को गोली मार दी थी। हमलावर एक पर्ची छोड़कर गए थे, जिसमें होटल के मालिक को धमकी देते हुए गैंगस्टर सुरेश पुजारी का नाम लिखा हुआ था। हादसे में होटल मैनेजर गंभीर रूप से घायल हुआ था। शिकायत पर पुलिस ने आईपीसी की धारा 307, आर्म्स एक्ट और मकोका की धाराओं में मामला दर्ज किया था। इस मामले में सुरेश पुजारी उर्फ शेट्टी, राज शेषराव चव्हाण, अली अब्बास जफर खान, सुधाकर सुंदर और मोहम्मद सैमी को आरोपी बनाया गया था।
विज्ञापन