महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीरों वाला एक विज्ञापन इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है। इस बीच, बुधवार को मराठी दैनिक समाचार पत्रों में राज्य के सत्तारूढ़ गठबंधन पर एक विज्ञापन छपा है जिसमें शिवसेना संस्थापक बाल ठाकरे और उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस जैसे नेताओं को दिखाया गया है। दरअसल, मंगलवार को राज्य के प्रमुख समाचार पत्रों में पूरे पन्ने के विज्ञापन प्रकाशित किए गए थे, जिसमें एक सर्वेक्षण का हवाला दिया गया था, जिसमें मुख्यमंत्री शिंदे को लोकप्रियता में उपमुख्यमंत्री फडणवीस से आगे दिखाया गया था। इनमें फडणवीस या बाल ठाकरे की तस्वीरें नहीं थीं।
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महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे।
- फोटो : एएनआई (फाइल)
मंगलवार को प्रकाशित विज्ञापन में क्या कहा गया था?
'मोदी फॉर इंडिया' और 'शिंदे फॉर महाराष्ट्र' शीर्षक वाली प्रचार सामग्री ने विपक्ष को यह दावा करने का मौका दे दिया है कि सत्तारूढ़ भाजपा और शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के बीच सबकुछ ठीक नहीं है। मंगलवार के विज्ञापन की तरह मराठी अखबारों में छपे विज्ञापन में भी एक सर्वे का हवाला देते हुए दावा किया गया था कि महाराष्ट्र में 49.3 फीसदी मतदाता भाजपा और शिवसेना का समर्थन करते हैं। इसमें कहा गया है कि 84 फीसदी मतदाताओं को लगता है कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व ने देश को विकास का विजन दिया है और 62 फीसदी को लगता है कि 'डबल इंजन' सरकारें राज्य में विकास में तेजी ला रही हैं। विज्ञापन के मुताबिक, सर्वेक्षण में पाया गया कि 26.8 फीसदी मतदाता मुख्य विपक्ष का समर्थन करते हैं, जबकि अन्य दलों के पास 23.9 फीसदी मतदाताओं का समर्थन है। फडणवीस और बाल ठाकरे के अलावा नए विज्ञापन में शिंदे के मार्गदर्शक आनंद दिघे और शिवसेना के कई मंत्रियों की तस्वीरें भी हैं।
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संजय राउत
- फोटो : सोशल मीडिया
ताश के पत्तों की तरह ढह जाएगी सरकार: संजय राउत
शिवसेना (यूबीटी) के नेता संजय राउत ने कहा कि ताजा विज्ञापन फडणवीस की जल्दबाजी का नतीजा है। उन्होंने कहा, यह स्पष्ट हो गया है कि उनके दिमाग में क्या है। लेकिन सब कुछ ठीक नहीं है। सरकार ताश के पत्तों की तरह ढह जाएगी। शिंदे और भाजपा के बीच छद्म युद्ध चल रहा है।
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सुप्रिया सुले
- फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन के पीछे दिल्ली से अदृश्य हाथ: सुप्रिया सुले
राकांपा की राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष और सांसद सुप्रिया सुले ने हैरानी जताई कि सर्वेक्षण किसने किया और नमूने का आकार क्या था। उन्होंने कहा, 'मैं उस शुभचिंतक की तलाश में हूं जिसने अखबारों में करोड़ों रुपये के विज्ञापन दिए। मुझे लगता है कि आज का डिजाइन दिल्ली से आया है और इस संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है।' यह पूछे जाने पर कि बुधवार को नए विज्ञापन के पीछे क्या वजह हो सकती है, सुले ने चुटकी लेते हुए कहा- दिल्ली से एक अदृश्य हाथ।
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महेश तापसे
- फोटो : फेसबुक/महेश तापसे
लोग भाजपा और शिंदे के बीच 'मधुर' संबंधों को जानने को उत्सुक: महेश तापसे
राकांपा प्रवक्ता महेश तापसे ने नए विज्ञापन को मंगलवार को प्रकाशित विज्ञापन का संशोधित संस्करण बताया। उन्होंने कहा, महाराष्ट्र के लोग यह जानने के लिए उत्सुक हैं कि भाजपा और शिंदे नीत शिवसेना के बीच संबंध कितने मधुर हैं।