{"_id":"68dfcaef85997886100c15a5","slug":"maharashtra-shops-restaurants-have-been-allowed-open-24-hours-day-selling-liquor-are-not-allowed-2025-10-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Maharashtra: रेस्तरां-थिएटर्स को 24 घंटे खोलने की मंजूरी, शराब बेचने वाले प्रतिष्ठान सूची से बाहर","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Maharashtra: रेस्तरां-थिएटर्स को 24 घंटे खोलने की मंजूरी, शराब बेचने वाले प्रतिष्ठान सूची से बाहर
Fri, 03 Oct 2025 06:39 PM IST
हिमांशु चंदेल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: हिमांशु चंदेल
Updated Fri, 03 Oct 2025 06:39 PM IST
सार
महाराष्ट्र सरकार ने दुकानों, रेस्तरां, होटलों, थिएटर और मनोरंजन स्थलों को 24 घंटे खुले रखने की अनुमति दी है। हालांकि, शराब बेचने और परोसने वाले प्रतिष्ठान इस छूट से बाहर रहेंगे।
विज्ञापन
देवेंद्र फडणवीस, सीएम, महाराष्ट्र
- फोटो : ANI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
महाराष्ट्र सरकार ने राज्यभर में दुकानों, होटलों, रेस्तरां, थिएटर और मनोरंजन स्थलों को 24 घंटे खुले रखने की अनुमति दे दी है। सरकार का दावा है कि इससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और व्यवसाय को नई रफ्तार मिलेगी। हालांकि, शराब बेचने और परोसने वाले प्रतिष्ठानों को इस सूची से बाहर रखा गया है।
सरकार द्वारा जारी सरकारी आदेश (जीआर) के अनुसार, रेस्तरां , भोजनालय, थिएटर, पब्लिक एंटरटेनमेंट सेंटर और होटल अब दिन-रात खुले रह सकेंगे। नियम के तहत, प्रत्येक कर्मचारी को सप्ताह में 24 घंटे का विश्राम देना अनिवार्य होगा। हालांकि, ऐसे प्रतिष्ठानों पर यह छूट नहीं मिलेगी जहां शराब की बिक्री या आपूर्ति होती है।
शराब से जुड़े प्रतिष्ठान रहेंगे बंद
जीआर में स्पष्ट किया गया है कि वाइन शॉप, बीयर बार, डांस बार, हुक्का पार्लर, डिस्कोथेक और परमिट रूम्स को 24 घंटे संचालन की अनुमति नहीं होगी। इन पर पहले से लागू समयबद्ध नियम जारी रहेंगे। इससे पहले 2017 और 2020 में भी इन पर समयसीमा से जुड़े नोटिफिकेशन जारी किए गए थे।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें- 'मानवाधिकार उल्लंघनों के लिए ठहराया जाए जवाबदेह'; PoK में पाकिस्तान सेना की बर्बरता पर भारत
आदित्य ठाकरे का भाजपा पर हमला
शिवसेना (यूबीटी) नेता आदित्य ठाकरे ने इस फैसले पर सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि "मुंबई 24/7" की नीति पहले से लागू थी और तब भाजपा ने इसका विरोध किया था। ठाकरे ने सवाल उठाया कि भाजपा अब उसी नीति को लागू कर रही है, जिस पर पहले "संस्कृति और सुरक्षा" के नाम पर हंगामा किया गया था।
उद्योग जगत ने फैसले का स्वागत किया
होटल एंड रेस्तरां एसोसिएशन (पश्चिम भारत) ने इस कदम का स्वागत किया है। संगठन का कहना है कि इससे व्यवसाय को लचीलापन मिलेगा, पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। संगठन के अध्यक्ष जिमी शॉ ने कहा कि यह सुधार मुंबई को वैश्विक शहर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है और "विकसित भारत 2047" के लक्ष्य को मजबूती देगा।
ये भी पढ़ें- बिहार चुनाव की अधिसूचना से पहले कैबिनेट की अंतिम बैठक, CM नीतीश ने 129 प्रस्तावों पर लगाई मुहर
अर्थव्यवस्था और पर्यटन को बढ़ावा
उद्योग जगत के प्रवक्ताओं का मानना है कि इस फैसले से रोजगार बढ़ेगा और ग्राहकों को सुविधा मिलेगी। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि अगर शराब परोसने वाले प्रतिष्ठानों को भी इसमें शामिल किया जाता, तो इससे उद्योग को और मजबूती मिलती। फिर भी इसे महाराष्ट्र की अर्थव्यवस्था और पर्यटन को नई ऊंचाई पर ले जाने वाला निर्णय बताया गया है।
विज्ञापन
सरकार द्वारा जारी सरकारी आदेश (जीआर) के अनुसार, रेस्तरां , भोजनालय, थिएटर, पब्लिक एंटरटेनमेंट सेंटर और होटल अब दिन-रात खुले रह सकेंगे। नियम के तहत, प्रत्येक कर्मचारी को सप्ताह में 24 घंटे का विश्राम देना अनिवार्य होगा। हालांकि, ऐसे प्रतिष्ठानों पर यह छूट नहीं मिलेगी जहां शराब की बिक्री या आपूर्ति होती है।
विज्ञापन
शराब से जुड़े प्रतिष्ठान रहेंगे बंद
जीआर में स्पष्ट किया गया है कि वाइन शॉप, बीयर बार, डांस बार, हुक्का पार्लर, डिस्कोथेक और परमिट रूम्स को 24 घंटे संचालन की अनुमति नहीं होगी। इन पर पहले से लागू समयबद्ध नियम जारी रहेंगे। इससे पहले 2017 और 2020 में भी इन पर समयसीमा से जुड़े नोटिफिकेशन जारी किए गए थे।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें- 'मानवाधिकार उल्लंघनों के लिए ठहराया जाए जवाबदेह'; PoK में पाकिस्तान सेना की बर्बरता पर भारत
आदित्य ठाकरे का भाजपा पर हमला
शिवसेना (यूबीटी) नेता आदित्य ठाकरे ने इस फैसले पर सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि "मुंबई 24/7" की नीति पहले से लागू थी और तब भाजपा ने इसका विरोध किया था। ठाकरे ने सवाल उठाया कि भाजपा अब उसी नीति को लागू कर रही है, जिस पर पहले "संस्कृति और सुरक्षा" के नाम पर हंगामा किया गया था।
उद्योग जगत ने फैसले का स्वागत किया
होटल एंड रेस्तरां एसोसिएशन (पश्चिम भारत) ने इस कदम का स्वागत किया है। संगठन का कहना है कि इससे व्यवसाय को लचीलापन मिलेगा, पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। संगठन के अध्यक्ष जिमी शॉ ने कहा कि यह सुधार मुंबई को वैश्विक शहर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है और "विकसित भारत 2047" के लक्ष्य को मजबूती देगा।
ये भी पढ़ें- बिहार चुनाव की अधिसूचना से पहले कैबिनेट की अंतिम बैठक, CM नीतीश ने 129 प्रस्तावों पर लगाई मुहर
अर्थव्यवस्था और पर्यटन को बढ़ावा
उद्योग जगत के प्रवक्ताओं का मानना है कि इस फैसले से रोजगार बढ़ेगा और ग्राहकों को सुविधा मिलेगी। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि अगर शराब परोसने वाले प्रतिष्ठानों को भी इसमें शामिल किया जाता, तो इससे उद्योग को और मजबूती मिलती। फिर भी इसे महाराष्ट्र की अर्थव्यवस्था और पर्यटन को नई ऊंचाई पर ले जाने वाला निर्णय बताया गया है।