Mumbai: शिवसेना का दावा- होर्डिंग हादसे के लिए उद्धव गुट जिम्मेदार, विज्ञापन एजेंसी मालिक संग साझा की फोटो
मुंबई में होर्डिंग हादसे के बाद सियासी बयानबाजी शुरू हो गई है। सत्तारूढ़ शिवसेना ने घटना के पीछे उद्धव ठाकरे खेमे को जिम्मेदार ठहराया है। पार्टी के दावे का समर्थन करते हुए उद्योग मंत्री उदय सामंत ने विज्ञापन एजेंसी मालिक भावेश भिंडे का पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के साथ फोटो भी साझा किया है।
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महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ शिवसेना ने मंगलवार को दावा किया कि मुंबई के घाटकोपर में होर्डिंग हादसे से जुड़ी विज्ञापन एजेंसी के मालिक भावेश भिंडे पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाले प्रतिद्वंद्वी खेमे से जुड़े थे। वहीं, उद्योग मंत्री उदय सामंत ने अपनी पार्टी के दावे का समर्थन किया। उन्होंने शिवसेना (यूबीटी) अध्यक्ष उद्धव ठाकरे के साथ भिंडे की एक तस्वीर भी साझा की। बता दें कि होर्डिंग हादसे के बाद भिंडे के खिलाफ पंतनगर पुलिस स्टेशन में गैर इरादतन हत्या और भारतीय दंड संहिता की अन्य संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।
बता दें कि तेज हवाओं और बेमौसम बारिश के कारण सोमवार शाम घाटकोपर में एक पेट्रोल पंप पर 120x120 फीट का होर्डिंग गिरने से दुर्घटना हुई थी। इस हादसे में मृतकों का आंकड़ा 14 पहुंच चुका है। जबकि, 75 लोग घायल हैं। जिस विज्ञापन एजेंसी ईगो मीडिया प्राइवेट लिमिटेड ने कथित तौर पर यह होर्डिंग लगाया था, भिंडे उसके मालिक हैं। वह अभी फरार चल रहे हैं।
उद्योग मंत्री का दावा-भिंडे ने अपनी पहुंच का फायदा उठाया
उद्योग मंत्री सामंत ने दावा किया कि शिवसेना (यूबीटी) से जुड़ने के बाद भिंडे को मुंबई में होर्डिंग्स लगाने की जिम्मेदारी दी गई थी। बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) द्वारा होर्डिंग स्थान आवंटित किए गए। भिंडे ने बीएमसी से मिली जगहों का उपयोग शिवसेना (यूबीटी) के नेताओं के जन्मदिन पर शुभकामनाएं देने और चुनाव प्रचार के लिए अवैध रूप से किया।
सामंत ने आगे कहा कि भावेश भिंडे काफी राजनीतिक प्रभाव रखते हैं। वह महज एक मोहरा हैं। होर्डिंग्स के पीछे के असली मालिक और मास्टरमाइंड को उजागर करना जरूरी है। अवैध होर्डिंग्स लगाने और पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने के लिए भिंडे के खिलाफ 21 मामले दर्ज किए गए हैं।
संजय राउत ने सामंत के दावे को खारिज किया
वहीं, शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने उद्योग मंत्री सामंत के दावे को खारिज किया है। उन्होंने कहा कि पिछले ढाई साल से बीएमसी में शिवसेना (यूबीटी) के पदाधिकारी नहीं हैं। उन्होंने कहा सत्तारूढ़ शिवसेना-भाजपा एक प्रशासक के माध्यम से इस नागरिक निकाय को नियंत्रित करती है।